Old Testament
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लूका 1:1 लूका 1:2 लूका 1:3 लूका 1:4 लूका 1:5 लूका 1:6 लूका 1:7 लूका 1:8 लूका 1:9 लूका 1:10 लूका 1:11 लूका 1:12 लूका 1:13 लूका 1:14 लूका 1:15 लूका 1:16 लूका 1:17 लूका 1:18 लूका 1:19 लूका 1:20 लूका 1:21 लूका 1:22 लूका 1:23 लूका 1:24 लूका 1:25 लूका 1:26 लूका 1:27 लूका 1:28 लूका 1:29 लूका 1:30 लूका 1:31 लूका 1:32 लूका 1:33 लूका 1:34 लूका 1:35 लूका 1:36 लूका 1:37 लूका 1:38 लूका 1:39 लूका 1:40 लूका 1:41 लूका 1:42 लूका 1:43 लूका 1:44 लूका 1:45 लूका 1:46 लूका 1:47 लूका 1:48 लूका 1:49 लूका 1:50 लूका 1:51 लूका 1:52 लूका 1:53 लूका 1:54 लूका 1:55 लूका 1:56 लूका 1:57 लूका 1:58 लूका 1:59 लूका 1:60 लूका 1:61 लूका 1:62 लूका 1:63 लूका 1:64 लूका 1:65 लूका 1:66 लूका 1:67 लूका 1:68 लूका 1:69 लूका 1:70 लूका 1:71 लूका 1:72 लूका 1:73 लूका 1:74 लूका 1:75 लूका 1:76 लूका 1:77 लूका 1:78 लूका 1:79 लूका 1:80



सीधे अर्थ का अभिप्राय
लूका 1:57 का यह वाक्य कहता है कि जब एलिशिबा की गर्भधारण के समय पूरा हुआ, तब वह पुत्र को जन्म दिया गया। सरल शब्दों में, परमेश्वर के वचन के अनुसार एक संकेत जन्म लिया गया और यह घटनाक्रम पूरा हुआ।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ लूका के gospel में एलिशिबा (जितेंद्र/Lean) और उसके पति ज़कर्याह के घर की कहानी में आता है। पूर्वक, एलिशिबा वर्षों से बांझ रही और भगवान की कृपा से उनकी आयु में भी कम अपेक्षित बच्चे की संभावना बन गई। इस संदेश का केंद्र उसी बच्चे के जन्म की अवधि को पूरा होते दिखना है, जो उनके समुदाय के लिए एक विशिष्ट भाग्यसूचक घटना है।
वैचारिक विश्लेषण
1) समय का पूर्ण होना: परमेश्वर की योजना के अनुसार समय की परिधि पूरी होती है। यह जन्म एक दिव्य योजना का भाग है, न कि मनुष्यों के मनचाहे प्रयासों का फल।
2) पवित्रता और विश्वास: एलिशिबा के परिवार में यह घटना एक पवित्र दायित्व के रूप में प्रस्तुत है; विश्वास और भय के साथ वे इस आशीर्वाद को स्वीकार करते हैं।
3) चुने हुए दंपति की भूमिका: जो दंपति चुन लिए जाते हैं, वे समाज में एक विशेष उद्धारकार्य की शुरुआत बनते हैं, जिससे परमेश्वर का संदेश और सहायता व्यापक रूप से पहुँचे।
संघाटनित बिंदु (2-3 चीजें जो ध्यान दें)
अन्य सम्बद्ध आयतें
• पुराने नियम में similar संदर्भ जहां भगवान समय और बच्चों के जन्म को संकेत के रूप में देखते हैं (उदा. आचार्य विद्वानों के अनुसार संकल्प और दया की कसौटी पर): यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए चमत्कारपूर्ण समय को निर्धारित करता है।
• नववचन में analogous घटनाएँ जहां एक दंपति के जन्म के लिए दिव्य उद्घोषणाओं के साथ कड़ी परीक्षा के बाद आशीर्वाद मिलता है; यह दिखाता है कि जन्म से पहले के दायित्व और तैयारी भी आवश्यक हैं।
छोटे cross-reference विचार-व्याख्या
• पूर्वजों के वादे: परमेश्वर ने जो वचन दिये थे, वे समय के साथ पूर्ण होते हैं; यह जन्म उसी क्रम का भाग है।
• कायाकल्प का संकेत: नया जीवन देना ईश्वर की कृपा का संकेत है और यह समुदाय के लिए आशा की घंटी है।
व्यावहारिक takeaway
परमेश्वर के समय में विश्वास रखें, भले ही वर्तमान दृश्य उलझा लगे। हर जन्म और हर समय-सीमा ईश्वर की योजना के भीतर है, और उस योजना में हमारा भाग धैर्यपूर्वक निभाने का है।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (केवल संकेत-रेफरेंस)
जिनमें Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायनामिक टिप्पणी लेखन से संकीर्ण शब्द ही उद्धृत हैं यदि उपलब्ध हों, वे नीचे सहज संदर्भ के रूप में मिलते हैं (पूर्ण पाठ नहीं दिया गया):
- Matthew Henry से संक्षिप्त सार: परमेश्वर के समय-निर्धारण में मानव धैर्य और विश्वास की परीक्षा।
- Albert Barnes से संक्षित विचार: दिव्य संकेत और जन्म एक विशेष उद्देश्य को दिखाते हैं, जो लोक-जीवन को नई दिशा देता है।
- Adam Clarke से संक्षिप्त टिप्पणी: प्रभु की योजना के अनुसार, जन्म और घटनाओं का क्रम उन्हें पूर्णता तक पहुँचाता है।