Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 1:1 लूका 1:2 लूका 1:3 लूका 1:4 लूका 1:5 लूका 1:6 लूका 1:7 लूका 1:8 लूका 1:9 लूका 1:10 लूका 1:11 लूका 1:12 लूका 1:13 लूका 1:14 लूका 1:15 लूका 1:16 लूका 1:17 लूका 1:18 लूका 1:19 लूका 1:20 लूका 1:21 लूका 1:22 लूका 1:23 लूका 1:24 लूका 1:25 लूका 1:26 लूका 1:27 लूका 1:28 लूका 1:29 लूका 1:30 लूका 1:31 लूका 1:32 लूका 1:33 लूका 1:34 लूका 1:35 लूका 1:36 लूका 1:37 लूका 1:38 लूका 1:39 लूका 1:40 लूका 1:41 लूका 1:42 लूका 1:43 लूका 1:44 लूका 1:45 लूका 1:46 लूका 1:47 लूका 1:48 लूका 1:49 लूका 1:50 लूका 1:51 लूका 1:52 लूका 1:53 लूका 1:54 लूका 1:55 लूका 1:56 लूका 1:57 लूका 1:58 लूका 1:59 लूका 1:60 लूका 1:61 लूका 1:62 लूका 1:63 लूका 1:64 लूका 1:65 लूका 1:66 लूका 1:67 लूका 1:68 लूका 1:69 लूका 1:70 लूका 1:71 लूका 1:72 लूका 1:73 लूका 1:74 लूका 1:75 लूका 1:76 लूका 1:77 लूका 1:78 लूका 1:79 लूका 1:80



पद का प्राथमिक अंश और सीधे अर्थ
यह वचन बताता है कि यीशु महान होगा, परमप्रधान का पुत्र कहलाएगा और प्रभु परमेश्वर उसके पिता दाऊद का सिंहासन देगा। सरल शब्दों में यह आयत मसीह की दिव्यता, उसका विशिष्ट पद और उसकी राजकीय सत्ता की उद्घोषणा है, जो दाऊदी राजवंश के मूल से जुड़ी हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
लूका 1 अध्याय मेंャン मरिया को जन्मपूर्व प्रसव का संदेश मिलता है और झट से उत्पन्न होने वाले पुत्र के बारे में भविष्यवाणी की जाती है। यहाँ चुने गए स्वर वह है कि पुत्र “परमप्रधान का पुत्र” होगा और “दाऊद के सिंहासन” पर उसकी सत्ता बाँधी जाएगी। यह अंश पुराने नियम की आशाओं से सीधे जुड़ता है—विशेषकर दाऊद के घराने से मसीह का आगमन और उसकी राजगद्दी का स्थायित्व। भज् 132:11 और इस भविष्यवाणी की संदर्भ-खोज इस संबंध को पक्का करती है कि यह उद्धारकर्ता विश्वस्तरीय राजकुमार के रूप में प्रस्तुत है, जो न्याय और शांति की स्थापना करेगा।
interpretive observations
संक्षिप्त विचार-सूची
अन्य मूल पंक्तियाँ/पंक्तिबद्ध संदर्भ
• यशायाह 9:6-7: “क्योंकि एक बालक हमारे लिए जन्मेगा; एक पुत्र हमें दिया जाएगा...” यह शासकीय सत्ता और शांति का मोहर देता है।
• भज् 132:11: “यहोवा ने दाऊद के घराने के बारे में वचन किया—तेरा सिंहासन स्थिर रहेगा।” यह वचन योग्यता और वैधता की पुष्टि करता है।
• मिस्र-व्यवस्था में रोमानी राजनीतिक संदर्भ भी मसीह के राजसत्ता के संदर्भ में संकेत देते हैं—परन्तु लूका में यह उद्धारकर्ता की रचना एक दिव्य प्रेरणा से प्रकाशित होती है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
इस पद से सीख मिलती है कि मसीह का पदार्पण एक ऐसे राजनैतिक-नैतिक परिवर्तन का संकेत है जिसमें लोगों के जीवन में न्याय, करुणा और शांति स्थापित होती है। हमारी आस्था यह है कि वह सिंहासन पर बैठे रहते हुए आज भी मार्गदर्शक और उद्धारक हैं; उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सर्वोच्च महिमान्वित मानना चाहिए।
निष्कर्षात्मक सार
लूका 1:32 में यीशु की पहचान एक दिव्य-पद-सम्पन्न राजकुमार के रूप में की गई है—परमप्रधान का पुत्र, दाऊद के सिंहासन पर राजस्थापना की महत्ता के साथ। यह घोषणा पुराने वचनों की आशाओं को नया और स्पष्ट परिचय देती है कि ईश्वर की योजना का केंद्र यीशु ही हैं।
युक्तियाँ उद्धरण (यदि उद्धृत हो): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से विशिष्ट शब्द-उद्धरण केवल आवश्यकता अनुसार बताए गए हैं; यहाँ संक्षेप में विचार एकीकृत हैं।