लूका 10:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसने उत्तर दिया, “तू प्रभु अपने परमेश्‍वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख; और अपने पड़ोसी से अपने जैसा प्रेम रख।” (मत्ती 22:37-40, व्य. 6:5, व्य. 10:12, यहो. 22:5)

पिछला पद
« लूका 10:26
अगला पद
लूका 10:28 »

लूका 10:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

लूका 10:27 — संदर्भित पाठ का आंशिक परिचय

यही वाक्य उस समय के संवाद का केंद्र है जब यीशु ने एक व्यक्ति से यहूदी व्यवस्था के दो बड़े नियमों के समेकन के बारे में पूछा। उसने धैर्यपूर्वक उत्तर दिया कि प्रेम परमेश्वर से सब कुछ थामे रहता है और प्रेम पड़ोसियों के साथ उसी प्रकार हो। यह वचन राहत देता है कि धार्मिक कर्म के पीछे का उद्देश्य ही प्रेम है, न कि बाहरी परिधान या मान्यताओं का प्रदर्शन.

पाठ का तात्पर्य और परमेश्वर के विश्वास का विवरण

यहाँ प्रेम के दो आयाम एक दूसरे से जुड़ते हैं: पहले परमेश्वर से समस्त मन, प्राण, शक्ति और बुद्धि से प्रेम—जो हमारे आन्तरिक जीवन की संपूर्ति है; फिर पड़ोसियों के साथ वैसा ही प्रेम। प्रभु यीशु ने इसे ‘सबसे बड़ा और पहला आदेश’ के अनुरूप रखा है। इसका मतलब यह है कि कोई भी धार्मिक क्रिया, यदि वह इस प्रेम से अछूता है, तो अधूरा है।

महत्वपूर्ण शब्दों और imagery की समझ

  • अपने सारे मन: इन्द्रियों और विचारों की संकल्प-शक्ति का समावेशन; ईश्वर के साथ एक निश्चित, समर्पित निष्ठा।
  • अपने सारे प्राण: जीवन की पूरी उपस्थितिकता; हर सांस में ईश्वर के प्रेम का अनुभव।
  • अपनी सारी शक्ति और बुद्धि: व्यवहार, निर्णय और विवेक का समस्त उपयोग ईश्वर के निर्देश के अनुरूप।
  • अपने पड़ोसी से वैसा प्रेम: सामाजिक संबंधों में वही करुणा, समानता, और निष्पक्ष प्रेम जो प्रेम-स्वरूप परमेश्वर से आया है।

संबंधित पवित्रगान और पाठ

यह पाठ मत्ती 22:37-40 के समांतर संकेत देता है जहाँ यीशु ने love God और love your neighbor को एक ही पहिये के दो पहिये कहा। यहीं यह भी स्पष्ट करता है कि कानून का सार व्यक्तियों के आंतरिक प्रेम और बाहर के व्यवहार दोनों में समाविष्ट होता है। साथ ही यह जो “यहोवा” और “प्राप्त पड़ोसी” के बीच संतुलन बनाते हैं, वह क्रियात्मक नैतिकता की दिशा भी तय करता है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)

  • मत्ती 22:37-40: परमेश्वर के प्रेम के ऊपर प्रेम का द्वितीय नियम—श्वास-प्रशासक का सार।
  • व्यवस्थात्मक व्यवस्था 6:5 और व्यवस्थात्मक व्यवस्था 10:12 (किताबें संदर्भित): प्रतिष्ठान और निष्ठा की संहिता में प्रेम के पक्के नियमों का पुनर्मुखीकरण।
  • 1 यूहन्ना 4:20 (छोटा संकेत): यदि किसी के पास प्रेम है, तो परमेश्वर से प्रेम किया जाता है; बिना प्रेम के ईश्वर नहीं जाना जा सकता।

इन संदर्भों का मिलान बताता है कि प्रेम का द्वंद्व-रूपी संविधान व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन दोनों को दिशा देता है।

आज के संदर्भ में अपनाने योग्य शिक्षा

- पहले अपने मन, प्राण और बुद्धि को परमेश्वर के प्रेम से आलिंगन करें; यह आंतरिक बदलाव से प्रेरित बाहरी व्यवहार बनाता है।

- प्रेम केवल शब्द नहीं, कार्य और निर्णयों में भी दिखना चाहिए—यानी अपने पड़ोस की वास्तविक मदद, निष्पक्ष व्यवहार, और सामाजिक-धर्मगत न्याय।

- समुदाय में विविध लोगों के साथ सह-अनुभव और समझ बढ़ाएं; प्रेम की प्रकृति में रूपांतर ही वास्तविक धर्म है।

— प्राथमिक सार: परमेश्वर से पूर्ण प्रेम और पड़ोस के साथ उसी प्रेम का अभ्यास, इसी से धर्म का उद्देश्य पूरा होता है।

कार्य-सार

  • अपने जीवन के प्रमुख क्षेत्र—मन, प्राण, शक्ति, बुद्धि—में परमेश्वर के प्रेम को लागू करें।
  • परिवार, मित्र, और समाज के लिए निष्पक्ष और कृपापूर्ण निर्णय लें।

उद्धृत अंश के रूप में: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के कुछ स्पष्ट उद्धरण (संरक्षित) शामिल हैं जब उपयुक्त।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 10:27 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मरकुस 12:30 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मरकुस 12:30 (HINIRV) »
और तू प्रभु अपने परमेश्‍वर से अपने सारे मन से, और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना।’

मत्ती 22:37 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 22:37 (HINIRV) »
उसने उससे कहा, “तू परमेश्‍वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख*।

व्यवस्थाविवरण 6:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 6:5 (HINIRV) »
तू अपने परमेश्‍वर यहोवा से अपने सारे मन*, और सारे प्राण, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।; (मत्ती 22:37 लूका 10:27)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें