लूका 21:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब जो यहूदिया में हों वह पहाड़ों पर भाग जाएँ, और जो यरूशलेम के भीतर हों वे बाहर निकल जाएँ; और जो गाँवों में हो वे उसमें न जाएँ।

पिछला पद
« लूका 21:20
अगला पद
लूका 21:22 »

लूका 21:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

लूका 21:21 का संदर्भ और सार

येशु का यह वाक्य कयामत के संकेतों के सामने लोगों के व्यवहार के बारे में स्पष्ट निर्देश देता है। पृथक-्पृथक नगरों में विपत्ति के समय कैसे व्यवहार किया जाए, इस verse में तत्कालीन धार्मिक राजनीतिक तनाव के बीच शिशु-युद्ध के बजाय सुरक्षा की प्राथमिकता पर जोर है। लगभग बाहर-भीतर होने वाले तूफान के सामने संयम और विवेक बनाए रखने की सीख मिलती है।

मुख्य अर्थ

यहरूशलेम के भीतर रहते हुए जो लोग घायल-घटित परिस्थितियों में फँस जाएँ, वे दौड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाएँ; जबकि जो पहाड़ों में हों या गाँवों में हों, वे वहाँ टिके रहें ताकि खेदपूर्ण भागदौड़ से बचें। यह न तो भौतिक भागदौड़ की प्रशंसा है और न ही अराजकता को बढ़ावा देना; बल्कि सुरक्षा, सूझबूझ और विशेष परिस्थितियों में विवेकपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता को दर्शाता है।

मुख्य थीम्स

  • स्थिति के अनुसार विवेकपूर्ण भागना-भागना या रुकना: हर परिस्थिति का तात्कालिक निर्णय - कहाँ सुरक्षित रहना है।
  • विश्वास और सुरक्षा का संतुलन: कष्ट के समय पृथ्वी की सुरक्षा में नहीं, बल्कि परमेश्वर की योजना में विश्वास रखना।
  • समय-परिस्थितियों के संकेतों के प्रति सतर्कता: भविष्य की घटनाओं के संकेतों को पहचानना, ताकि लोग विवेकपूर्वक प्रतिक्रिया करें।

संबंधित आयतें

1) मत्ती 24:16-17 और मरकुस 13:14–15 में एक ही प्रकार के भू-राजनीतिक संकट के प्रति सुरक्षा-उपदेश मिलती है—जहाँ पहाड़ों में भागना और नगरों से बाहर निकलना निर्देशित है।

2) दानिय्येल 12:1 जैसी आस्थावान सुरक्षा की प्रवृत्ति भी संकट के समय परमेश्वर की सहायता के प्रति आश्रय का संकेत देती है।

3) लूका 17:31-32 में वही संदेश पुनः उभरता है: संकट के समय सांसारिक चीज़ों की मोहिनी से ऊपर उठकर वास्तविक सुरक्षा परमेश्वर के हाथों में है।

व्यावहारिक चिंतन

आज के पथ-प्रदर्शक संदर्भ में यह आशय याद दिलाता है कि कठिन समय में भाग-दौड़ से पहले सुरक्षा और सुरक्षा-युक्त निर्णय सर्वोपरि होते हैं—क्योंकि भ्रमण या टकराव के समय शारीरिक सुरक्षा के साथ आस्थागत प्राथमिकताएं भी बनती हैं। आत्मिक स्थिरता के साथ सामाजिक-नैतिक दायित्वों की भी चेक-लिस्ट बनानी चाहिए: बच्चों, विक्षिप्तों, और अधिक जोखिम में रहने वालों की रक्षा करना प्राथमिकता हो।

एक संक्षिप्त समापन

यह वाक्य यह सिखाता है कि संकट के समय विवेकपूर्ण निर्णय लेना, स्थान-स्थिति के अनुसार सुरक्षित रास्ता चुनना और परमेश्वर की योजना में भरोसा बनाए रखना हमारे जीवन-संदेश के मूल तत्व हैं। भय के सामने भी धैर्य और साहस से चलना चाहिए।

संक्षिप्त विद्वानों के संकेत

एच.एम. मैथ्यू Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के आधार पर: इनके शब्दों में इस प्रकार के संकट-समय के निर्देशों में व्यावहारिक विवेक, सुरक्षा-योजना, और कर्तव्य-निर्णय का संतुलन प्रमुख रेखांकित रहता है। यदि उद्धरण चाहिए हों तो नीचे संक्षेप में मानक कथनों के स्वर मिलेंगे, परन्तु पाठ की पूर्ण उद्धरण-पंक्तियाँ यहाँ नहीं दी जा रही हैं ताकि पाठ-संदर्भ का मूल भाव बना रहे।

सूचनार्थ संकेत: नीचे दिए गए cross-refs को संदर्भित करते समय उनके दौरान पूरे पद का पाठ नहीं दिया गया है; केवल संदर्भ-सीमा का विचार किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 21:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यिर्मयाह 6:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 6:1 (HINIRV) »
हे बिन्यामीनियों, यरूशलेम में से अपना-अपना सामान लेकर भागो! तकोआ में नरसिंगा फूँको, और बेथक्केरेम पर झण्डा ऊँचा करो; क्योंकि उत्तर की दिशा से आनेवाली विपत्ति बड़ी और विनाश लानेवाली है।

उत्पत्ति 19:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 19:17 (HINIRV) »
और ऐसा हुआ कि जब उन्होंने उनको बाहर निकाला, तब उसने कहा, “अपना प्राण लेकर भाग जा; पीछे की ओर न ताकना, और तराई भर में न ठहरना; उस पहाड़ पर भाग जाना, नहीं तो तू भी भस्म हो जाएगा।”

उत्पत्ति 19:26 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 19:26 (HINIRV) »
लूत की पत्‍नी ने जो उसके पीछे थी पीछे मुड़कर देखा, और वह नमक का खम्भा बन गई।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें