Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 12:1 मरकुस 12:2 मरकुस 12:3 मरकुस 12:4 मरकुस 12:5 मरकुस 12:6 मरकुस 12:7 मरकुस 12:8 मरकुस 12:9 मरकुस 12:10 मरकुस 12:11 मरकुस 12:12 मरकुस 12:13 मरकुस 12:14 मरकुस 12:15 मरकुस 12:16 मरकुस 12:17 मरकुस 12:18 मरकुस 12:19 मरकुस 12:20 मरकुस 12:21 मरकुस 12:22 मरकुस 12:23 मरकुस 12:24 मरकुस 12:25 मरकुस 12:26 मरकुस 12:27 मरकुस 12:28 मरकुस 12:29 मरकुस 12:30 मरकुस 12:31 मरकुस 12:32 मरकुस 12:33 मरकुस 12:34 मरकुस 12:35 मरकुस 12:36 मरकुस 12:37 मरकुस 12:38 मरकुस 12:39 मरकुस 12:40 मरकुस 12:41 मरकुस 12:42 मरकुस 12:43 मरकुस 12:44



मतलब का सीधा सार
मरकुस 12:26 में यीशु मूसा की पुस्तक के झाड़ी के दृश्य का हवाला देकर यह स्पष्ट करते हैं कि मरकुस के समय में जीवित रहने के बाद जीवन और पुनर्जीवन का परमेश्वर के साथ गहरा सम्बन्ध है। यहाँ उद्धृत पाठ से यह संकेत मिलता है कि परमेश्वर मूसा, इसहाक और याकूब के परमेश्वर हैं—जो पूर्व-आस्थावान दावाओं के विपरीत समय-सीमा में नहीं, बल्कि निरंतर अस्तित्व और सत्ता में हैं।
परिप्रेक्ष्यिक पृष्ठभूमि
इस अध्याय में यीशु धार्मिक ठहराव और फारसियों-शास्त्रीवाद के प्रश्नों से घिरे थे। झाड़ी की कथा (तब कहीं से नहीं) से प्रेरित यह उद्धरण यह दर्शाता है कि परमेश्वर जीवित अस्तित्व है—न कि केवल पूर्वकाल के देवता—जो अब भी अपने चयनित लोगों के साथ सम्बन्ध बनाए रखता है।
व्याख्यात्मक बिंदु
2-3 सचित्र cross-reference (संक्षिप्त व्याख्या)
एड़िशनल व्याख्या
मूसा की कथा से उद्धरण यह बताता है कि परमेश्वर अपने चयनित दामन के साथ स्थिर है—जीवन का प्रभूत स्रोत वही है। यीशु की इस बात से धार्मिक नेताओं के लिए एक चेतावनी निकलती है: जीवन के स्रोत को मानना ही उद्धार की कुंजी है।
संक्षिप्त नैतिक निष्कर्ष
क्रॉस-रेफरेन्स संजोए गए संकेत
यह उद्धरण पुराने वचनों के साथ यीशु की शिक्षाओं की पुष्टि करता है कि परमेश्वर का सदा अस्तित्व और वचन-स्थिरता हमारे विश्वास की ठोस नींव है।