Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
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मरकुस 12:36 परखंड की व्याख्या
इस पद में यीशु यह दिखाते हैं कि मरकुस के समय के धार्मिक नेताओं के विरोध के बीच, पवित्रशास्त्र के अनुसार दाऊद के द्वारा जो वाक्य कहा गया है, वह भविष्य की मसीह-नौकाबाज की स्थिति को इंगित करता है। दाऊद ने पवित्र आत्मा में होकर कहा: प्रभु ने मेरे प्रभु से कहा, “मेरे दाहिने बैठ, जब तक कि मैं तेरे बैरियों को तेरे पाँवों की चौकी न कर दूँ।” यह भज 110:1 का संदर्भ है, जिसे उद्धृत कर यीशु यह संकेत कर रहे हैं कि मसीही सत्ता और महिमा दिव्य सत्ता से जुड़ी है और वह परमेश्वर के दाहिने बैठे रहने के अधिकारी हैं।
मुख्य अर्थ
पद कहता है कि दाऊद ने पवित्र आत्मा से प्रेरित होकर एक संदेश कहा—कि मसीह का स्थान परम आराधना और प्रभुत्व है। यीशु इस वक्तव्य को प्रस्तुत कर यह उजागर करते हैं कि मसीह दाऊद की वंशावली से होने के बावजूद एक उच्च और दिव्य सत्ता के साथ हैं—जो यीशु की परमेश्वर-प्रकृति और वैधता को पुष्ट करता है।
दो–तीन प्रमुख विषय
संबंधित आयतें
– भज 110:1 (प्रेरणा स्रोत): स्थापनात्मक पथ पर मसीह के प्रभुत्व का मूल स्रोत।
– मत्ती 22:44 और लूका 20:42–43: यीशु ने इसी विचार को और स्पष्ट किया कि दाऊद की कहानी में मसीह का स्थान एक उच्च अधिकार का संकेत है।
नोट: इन संदर्भों में पूर्ण पद उद्धृत न करें; केवल उनके विचारों की पुष्टि के लिए संकेत दिए जाते हैं।
व्यावहारिक विचार
हमें चाहिए कि हम अपने विश्वास में डर और संदेह के समय में भी यीशु को दाहिने बैठे प्रभु के रूप में मानें—यही जीवन की स्थिरता, स्पष्ट दृष्टि और प्रेरित शांति देता है। दाऊद के प्रेरित शब्द हमें यह याद दिलाते हैं कि परमेश्वर की सत्ताएँ आधुनिक परिस्थितियों से ऊपर हैं और विश्वासियों की सुरक्षा वहीँ है जहाँ यीशु शासन कर रहे हों।
संक्षेप
मरकुस 12:36 में दाऊद के माध्यम से पवित्र आत्मा की प्रेरणा से कहा गया उद्धरण मसीह के दिव्य अधिकार और प्रभु स्थिति की पुष्टि करता है। यह दर्शाता है कि मसीह के आने के समय से ही परमेश्वर की योजना एक ऐसी सत्ता पर आकर स्थिर होती है जो ऐतिहासिक विरोधों के विरुद्ध विजय देती है।
क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप में)
- भज 110:1: मसीह की दाहिने बैठने की आधिक्यता का मूल स्रोत।
- मत्ती 22:44: मसीह के आधिपत्य की धारणा का प्रयोग।
- लूका 20:42–43: दाऊद की वंशावली में मसीह की स्थान-स्थिति का स्पष्ट उल्लेख।
उद्धरणयुक्त टिप्पणीकारों के संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपलब्ध):
Matthew Henry: “The Spirit of prophecy ... how exalted Christ is in the sight of the church.”
Albert Barnes: “The words of David, under the influence of the Spirit, foresee the Messiah’s supreme authority.”
Adam Clarke: “This psalm is quoted to prove the divine office of Christ, sitting at the right hand of God.”