Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 12:1 मरकुस 12:2 मरकुस 12:3 मरकुस 12:4 मरकुस 12:5 मरकुस 12:6 मरकुस 12:7 मरकुस 12:8 मरकुस 12:9 मरकुस 12:10 मरकुस 12:11 मरकुस 12:12 मरकुस 12:13 मरकुस 12:14 मरकुस 12:15 मरकुस 12:16 मरकुस 12:17 मरकुस 12:18 मरकुस 12:19 मरकुस 12:20 मरकुस 12:21 मरकुस 12:22 मरकुस 12:23 मरकुस 12:24 मरकुस 12:25 मरकुस 12:26 मरकुस 12:27 मरकुस 12:28 मरकुस 12:29 मरकुस 12:30 मरकुस 12:31 मरकुस 12:32 मरकुस 12:33 मरकुस 12:34 मरकुस 12:35 मरकुस 12:36 मरकुस 12:37 मरकुस 12:38 मरकुस 12:39 मरकुस 12:40 मरकुस 12:41 मरकुस 12:42 मरकुस 12:43 मरकुस 12:44



मरकुस 12:27 का मूल अर्थ
इस पद का सरल संदेश है: परमेश्वर मरे हुओं का नहीं, वरन् जीवितों का परमेश्वर है। ईश्वर की महिमा और सत्ता ऐसी है कि वह जीवितों पर और मृतों पर समान रूप से शासन करता है; इसलिए आपत्ति करने वाले लोग भटक जाते हैं क्योंकि वे मरने के बाद जीवन की वास्तविकता और परमेश्वर के साथ रिश्ते को नहीं समझते।
परिप्रेक्ष्य पृष्ठभूमि
यही वाक्य मरकुस के gospel में यीशु के विरोधियों के साथ शांतिपूर्ण बातचीत के क्रम में आता है। यद्यपि धार्मिक नेताओं ने उसे गलत ठहराने के लिए सवाल उठाए, यीशु ने उद्धार की आजीविका को “जीवित” मानवीय रिश्तों के आधार से जोड़ते हुए स्पष्ट किया कि परमेश्वर का दिव्य शासन समय-समय पर जीवित प्रेरणा बनता है—न कि मृतक के नियमों के जाम में फंसना।
व्याख्या के प्रमुख संकेत
- परमेश्वर जीवित है: God is not confined to past events; उसकी सत्ता अब भी संचालित है और वह आज भी जीवित संबंधों को नया आकार देता है।
- मरे हुओं का नहीं, वरन् जीवितों का परमेश्वर: परमेश्वर का राज and जीवन के वास्तविक स्रोत जीवों के बीच समुदाय और विश्वास में है, न कि केवल पुराने विधि-धारणा में।
- मानवीय भूल: जिस से लोग परमेश्वर के अस्थाई नियमों को सर्वोपरि मान लेते हैं, वे जीवन की गतिशीलता और परमेश्वर की प्रेरणा को ग़लत समझ लेते हैं।
गंठनबद्ध विचार (अर्थपूर्ण निष्कर्ष)
संबद्ध से पाठ और संक्षिप्त व्याख्या
यशायाह-आगया, मरकुस के साथ अन्य उद्धरण जो जीवित परमेश्वर के रूप में उनके अधिकार को मानते हैं; मरकुस 12:27 की यह सीख कहती है कि परमेश्वर इतिहास के मोड़ पर नहीं रुकता, बल्कि वह जीवित लोगों के साथ काम करता है—जिनमें हम भी आते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेज़ और उनके तात्पर्य
- राजाओं के शासन के बारे में टिप्पणी: दृढ़ विश्वास यह है कि परमेश्वर जीवित है और वह उसी समय न्याय भी करता है, जब वह प्रकट होता है।
- पहली महिला और पवित्रता का संदर्भ: पवित्र आत्मा जीवन को नया गति देता है; इससे ज्ञात होता है कि धर्म केवल outward दिखावे से नहीं, बल्कि दिल में क्रिया-प्रेरणा से चलता है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हमारी रोजमर्रा की आस्थाओं में यह सीख स्पष्ट करें: परमेश्वर के साथ जीवित संबंध बनाएं, परंपराओं के बोझ से नहीं, और अपनी आस्था को ठोस, गतिशील जीवन में रखें। जब हम विश्वास में सक्रिय रहते हैं, तब हम देखेंगे कि परमेश्वर हमारी कठिन स्थितियों में भी जीवित के रूप में कार्य कर रहा है।
नोट: नीचे क्या-क्या उद्धरण सीधे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से हों, उनके स्पष्ट संकेत दिए गए हैं:
— Adam Clarke: “God is not of the dead, but of the living.” (लंबे उद्धरण के बजाय संक्षिप्त सार)