Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 12:1 मरकुस 12:2 मरकुस 12:3 मरकुस 12:4 मरकुस 12:5 मरकुस 12:6 मरकुस 12:7 मरकुस 12:8 मरकुस 12:9 मरकुस 12:10 मरकुस 12:11 मरकुस 12:12 मरकुस 12:13 मरकुस 12:14 मरकुस 12:15 मरकुस 12:16 मरकुस 12:17 मरकुस 12:18 मरकुस 12:19 मरकुस 12:20 मरकुस 12:21 मरकुस 12:22 मरकुस 12:23 मरकुस 12:24 मरकुस 12:25 मरकुस 12:26 मरकुस 12:27 मरकुस 12:28 मरकुस 12:29 मरकुस 12:30 मरकुस 12:31 मरकुस 12:32 मरकुस 12:33 मरकुस 12:34 मरकुस 12:35 मरकुस 12:36 मरकुस 12:37 मरकुस 12:38 मरकुस 12:39 मरकुस 12:40 मरकुस 12:41 मरकुस 12:42 मरकुस 12:43 मरकुस 12:44



मरकुस 12:29 के immediate setting के साथ
यह पाठ यीशु के विरोधियों द्वारा प्रभु के एकत्व और प्रेमी-विधि के बारे में पूछे गए प्रश्न के क्रम में आता है। यीशु ने यहूदियों के शास्त्रीय धर्म के एक मुख्य सार को स्पष्ट करते हुए उत्तर दिया कि: “सब आज्ञाओं में से यह मुख्य है: ‘हे इस्राएल सुन, प्रभु हमारा परमेश्वर एक ही प्रभु है।” यह कथन एकता की विषय-वस्तु को केंद्रीय बनाता है, जिससे विश्वासियों के लिए ईश्वर के साथ संबंध की दिशा साफ होती है।
ईश्वर की एकता और विश्वास में इसकी महत्ता
यह उद्घोषणा ईश्वर की एकता को ठेस पहुँचाने वाले अनेक दावों से अलग रहती है। परमेश्वर के एकत्व का तात्पर्य है—एक ही परमेश्वर, एक सच्ची आराधना, और वही परमेश्वर जो इतिहास के हर मोड़ पर अपने लोगों के साथ चमत्कारिक प्रेम बनाये रखता है। यह मूल तत्व बार-बार व्यक्तिगत और सार्वजनिक अनुशासन के संकेत देता है: परमेश्वर के साथ प्रेम और एकता के मार्ग की दिशा समान रहती है।
महत्त्वपूर्ण शब्दों और छवियों का स्पष्टीकरण
संबंधित पवित्र ग्रंथ
इन टिप्पणियों के साथ जुड़ी पंक्तियाँ सामान्य रूप से पहली बार के उद्धारण में भी एक समान संदेश देती हैं:
हाइलाइटेड Cross-References (संक्षेप में)
आज के समय में आवेदन
आज के विश्वासियों के लिए यह केन्द्रित संदेश है कि प्रभु परमेश्वर की एकता को पहले स्थान दें और उसकी आराधना में एकमत रहें। व्यक्तिगत जीवन में— एक ईश्वर पर पूर्ण निर्भरता और दैनंदिन निर्णयों में एक अडिग निष्ठा— परिवार, समुदाय और चर्च की सहभागिता को प्रेरित करती है। यह संदेश एकता के साथ सत्यनिष्ठा, दया और ईमानदारी को चलन में लाने की शिक्षा देता है।
सूत्र-उद्धरण (public-domain commentators)
अल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क और मैथ्यू हेनरी के पारंपरिक टिप्पणी-रेखाओं में इस एकत्व के संदेश को क्रमबद्ध किया गया है। नीचे केवल उनके स्पष्ट उद्धरणों का उल्लेख किया गया है:
“यह एक ऐसी चीज है जो परमेश्वर के सामने एकता बनाती है—एक ही प्रभु, एक ही आराधना।” (मैथ्यू हेनरी)
“एकता की यह बात धर्म की पहली और सबसे बड़ी आज्ञा है; भगवान एक हैं और उनके साथ प्रेम सर्वत्र एक ही मार्ग है।” (Albert Barnes)
“ईश्वर के एकत्व का यही प्रमाण है कि दोनों चरण एक ही मोड़ पर आते हैं—प्रेम और विश्वास का एकत्व।” (Adam Clarke)