Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
रोमियों 4:1 रोमियों 4:2 रोमियों 4:3 रोमियों 4:4 रोमियों 4:5 रोमियों 4:6 रोमियों 4:7 रोमियों 4:8 रोमियों 4:9 रोमियों 4:10 रोमियों 4:11 रोमियों 4:12 रोमियों 4:13 रोमियों 4:14 रोमियों 4:15 रोमियों 4:16 रोमियों 4:17 रोमियों 4:18 रोमियों 4:19 रोमियों 4:20 रोमियों 4:21 रोमियों 4:22 रोमियों 4:23 रोमियों 4:24 रोमियों 4:25



रोमियों 4:17 पर टिप्पणी
पवित्रशास्त्र में रोमियों 4 अध्याय में पौलुस विश्वास के कारणras्थ-आधार को प्रस्तुत करता है। उस सन्दर्भ में रोमियों 4:17 उद्धरित है: “जैसा लिखा है, ‘मैंने तुझे बहुत सी जातियों का पिता ठहराया है’” यह उद्धरण परमेश्वर की वेदना-परक व विश्वसनीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है—कि वह अब्राहम के साथ एक ऐसी आकाशीय वाचा बनाते हैं जो उनके प्राकृतिक और स्पिरिचुअल बेटों के बीच भी सभी जातियों को समाहित करती है। यहाँ परमेश्वर वह है जो मरे हुओं को जिलाता है और जो बातें हैं ही नहीं, उन्हें भी “मानो वे हैं” कहकर उनके वास्तविक होना कर देता है।
मुख्य विचार
2-3 प्रमुख विषय
संबद्ध पवित्र ग्रंथ
• उत्पत्ति 17:15—परमेश्वर ने अब्राहम को पिता-जातियों के सम्बोधन से परिभाषित किया, जोlater Romans 4:17 के संदर्भ में केंद्रीय है।
• रोमियों 4:18-21—अब्राहम का दृढ़ विश्वास, जब उसे प्रतीत हुआ कि बुढ़ापा के बाद भी पुत्र की आशा में नवीनता है; यह विश्वास कैसे हमारे धर्मयज्ञ को प्रेरित करता है।
• ईफीसियों 2:11-22—जातियों के विभाजन के पार एक नया समुदाय बनना, जिसमें मसीह के रक्त से एक नया कुटुम्ब बनता है।
प्रैक्टिकल विचार
- जब हम कहें कि “यह संभव नहीं है,” तब भी भगवान के वचनों पर टिके रहें। परमेश्वर की शक्ति सीमाओं से परे है, इसलिए हमारा आग्रह उसकी ओर उन्मुख होना चाहिए।
- प्रार्थना में विशेषकर जातीय, सामाजिक या व्यक्तिगत सीमाओं के पार आने की माँग न करें; बल्कि विश्वास के साथ प्रतीक्षा करें कि वह कैसे जीवन को नया रूप देता है।
Cross-References और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
• उत्पत्ति 12:3; 18:18 — परमेश्वर की योजनाओं में सभी जातियों का आना; अब्राहम के आशीर्वचन का वैश्विक आयाम।
• रोमियों 3:29-30 — मर्यादा के भीतर विदेश-निवास से अधिक व्यापक एकीकृत परमेश्वर का राज्य।
• गलातियों 3:28 — मसीह में सभी एक हैं, नस्ल, रंग या जाति से परे, जो एक नया सामूहिकता बनाते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
रोमियों 4:17 यह विश्वास-प्रेरक संदेश देता है कि परमेश्वर अपने वचनों के अनुसार इतिहास को मोड़ता है और वही जीवन देता है जिसे वह सच बताता है। अब्राहम के पिता के रूप में उसकी पहचान में जातियां खुलकर सम्मिलित हो जाती हैं, क्योंकि विश्वासी वह है जो भविष्य के अंभर्ता को भी विश्वास से स्वीकार करता है—यही हमारी सच्ची पहचान है।
महत्वपूर्ण उद्धरण नोट: यह टिप्पणीMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke आदि के सार्वजनिक-डोमेन विश्लेषण के सामान्य सार से समेकित है।
उद्धरण चिह्नित स्रोत: “जैसा लिखा है, ‘मैंने तुझे बहुत सी जातियों का पिता ठहराया है’”—रोमियों 4:17 के पवित्र पाठ से संज्ञान लिया गया है; अन्य सुधारक विचारों के लिए समुच्चय में लघु संदर्भ दिए गए हैं।