Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
रोमियों 4:1 रोमियों 4:2 रोमियों 4:3 रोमियों 4:4 रोमियों 4:5 रोमियों 4:6 रोमियों 4:7 रोमियों 4:8 रोमियों 4:9 रोमियों 4:10 रोमियों 4:11 रोमियों 4:12 रोमियों 4:13 रोमियों 4:14 रोमियों 4:15 रोमियों 4:16 रोमियों 4:17 रोमियों 4:18 रोमियों 4:19 रोमियों 4:20 रोमियों 4:21 रोमियों 4:22 रोमियों 4:23 रोमियों 4:24 रोमियों 4:25



रोमियों 4:10 का अर्थ - बिना खतने की दशा में गिनना
सीधे शब्दों में कहा जाए तो प्रेरित पुत्री-प्रेरणा यह बताती है कि हब्बलितीय उद्धार में ईश्वर कैसे गिनते हैं: दामान पर नहीं, बल्कि विश्वास के साथ; और यह गिनती खतने या बिना खतने की दशा पर निर्भर नहीं करती। रोमियों 4:10 में पूछा गया है कि अब वह कैसे गिना गया—खतने की दशा में या बिना खतने की दशा में? जवाब है: गिनती बिना खतने की दशा में है; अर्थात विश्वास पर आधारित चढ़ाव को ही ईश्वर स्वीकार करते हैं, न कि कानून के बाहरी चिह्नों पर।
प्रमुख संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
पुष्टि के लिए पवित्रशास्त्र के संदर्भ में यह विचार पाते हैं: अब्राहम के आस्था-आधार पर ईश्वर ने उसे धर्म-संबंधी बाहरी चिह्नों के बिना भी पवित्र ठहराया। रोमियों 4 अध्याय के पूर्व भागों में पॉल यह स्पष्ट करते हैं कि धार्मिक बाह्य चिह्न (खतना) से पहले भी विश्वास ने धार्मिक-बरकत प्राप्त की थी। इस पवित्र पाठ का लक्ष्य है: उद्धार का योग केवल चिह्नों से नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा और विश्वास से होता है।
व्याख्यात्मक बिंदु
4:10 के समानार्थी विचार (संक्षिप्त दृष्टी)**
कौन-सी दशा में गिनती होती है—खतने की या बिना खतने की? उत्तर: बिना खतने की दशा में; क्योंकि विश्वास ने उसे पवित्र माना।
संदर्भ-अन्वेषण (cross-references)
कथ्यात्मक निष्कर्ष (Takeaway)
ईश्वर उद्धार का मूल्य बाहरी धार्मिक चिह्नों पर नहीं, बल्कि दिल के विश्वास पर रखते हैं। यदि हम निश्चय करें कि हमारी righteousness विश्वास पर आधारित है, तो हमें भी वही अनुभव होता है कि ईश्वर हमें पवित्र मानते हैं, चाहे हमारी बाहरी स्थिति कैसी भी हो। यह संतोषजनक शिक्षा है—खतना या अन्य चिह्न हमारे आस्तिक जीवन की सफलता का निर्णायक माप नहीं बनते।
उद्धृत दृष्टिकोण (पुस्तक-पूर्व उद्धरण) — संक्षेप
यहां दो विश्वसनीय पुरातन टीका-विश्लेषण से अद्भुत सार निकलता है:
Matthew Henry के अनुसार: “विश्वास के कारण ही वाकई पवित्र ठहरना संभव है; खतना जैसे बाहरी चिह्न से नहीं।”
Albert Barnes के अनुसार: “खतना के बिना भी मनुष्य पाप से मुक्त होकर धर्मी ठहर सकता है—यदि उसका विश्वास ईश्वर की प्रतिज्ञाओं पर टिका हो।”
Adam Clarke के अनुसार: “खतना एक संकेत मात्र है; वास्तविक उद्धार-गुण उसका आस्तिक-विश्वास है जो हृदय से माना जाता है।”