रोमियों 4:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“धन्य वे हैं, जिनके अधर्म क्षमा हुए, और जिनके पाप ढांपे गए।

पिछला पद
« रोमियों 4:6
अगला पद
रोमियों 4:8 »

रोमियों 4:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

रोमियों 4:7 का संक्षिप्त अर्थ

इस पद का सरल अर्थ है: धर्मीय मनुष्यों के लिए परमेश्वर ने क्षमा का आशीर्वाद कर दिया है; उनके अधर्म दूर हो चुके हैं, और उनके पाप ढांपे गए हैं। यह उद्धार का आधार है कि विश्वास के कारण परमेश्वर हमें न्याय से नहीं, बल्कि दया से देखकर स्वीकार करता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

रोमियों के चौथे चैप्टर में पौलुस यह स्थापित कर रहे हैं कि धर्मधर्मी होने से नहीं, बल्कि ईमान bestellen के कारण विश्वसनीयता मिलती है—जैसे कि अब्राहम पर आस्था की आधारित प्राथना। उस समय यहूदियों के नैतिक कर्मों से उद्धार मान्यता पाने की धारणा के विरुद्ध एक नई दृष्टि है: पाप का क्षमा और ढांपना परमेश्वर की कृपा से है, न कि अच्छी पकड़ या परंपराओं से।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • धर्म, अनुभव और उद्धार का स्रोत परिवर्तनशील नहीं है; यह परमेश्वर की दया-योजना से है।
  • “अधर्म क्षमा” का अर्थ है गिरफ्तार दोषों का सचमुच क्षमा होना, जिसके कारण अपराधी परमेश्वर के पास पुनः समीप आ सकता है।
  • “पाप ढांपे गए” का मतलब है कि दोष जो चिह्नित थे, वे गहराई से ढँक दिए गए हैं—यानी न्याय के दोष से मुक्ति।

मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क से संक्षिप्त निष्कर्ष

मिश्रित प्रेरणा से एक समन्वयित पाठ यह है कि पापों की क्षमा हमारे उद्धार की शर्त नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा का परिणाम है।

मत्ती हेनरी के संकेत

“धन्य वे हैं” इस दया-स्वर की गहराई को उजागर करता है—जिन्होंने अपनी आपत्तियों को परमेश्वर के साथ बाँधा है, उनके लिए क्षमा उपलब्ध है।

ऐल्बर्ट बार्न्स के संकेत

यह शुद्ध धर्म-संरचना नहीं, बल्कि विश्वास के द्वारा उद्धार का प्रमाण है; अभिशाप से मुक्ति और पाप की ढांपने की गहराई यही दर्शाती है।

एडम क्लार्क के संकेत

पाप के भार को ढंकने का विचारदम यह बताता है कि परमेश्वर न्यायपूर्ण होते हुए भी दयालु है, क्योंकि वह हमारे अधर्म को अपने पुत्र के माध्यम से ढांप देता है।

क्रॉस-रेफरेंस और उनके संकेत

1) कलीसिया में विश्वास से उद्धार (रोमियों 3:24–25) — विश्वास ही वह मार्ग है जिससे क्षमा और ढांपना प्रकटन पाता।

2) पाप की गहराई और क्षमा का विविध स्वर (याकूब 2:13) — दया के लिए कारण बनती है कि हम नयापन पाते हैं।

3) कर्मों के द्वारा नहीं, वरन् कृपा द्वारा उद्धार (एपेस्सियों 2:8–9) — यह उद्धार के आधार को स्पष्ट करता है।

संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष

1) स्वयं को परमेश्वर के दया-बंधनों के बाहर नहीं मानना चाहिए—हमारा उद्धार उसकी कृपा पर निर्भर है।

2) भरोसा और पालन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है: विश्वास से क्षमा पाकर, हम अपने पापों से मुक्त जीवन की दिशा में अग्रसर हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 4:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 32:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 32:1 (HINIRV) »
दाऊद का भजन मश्कील क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढाँपा गया हो*। (रोम. 4:7)

भजन संहिता 130:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 130:3 (HINIRV) »
हे यहोवा, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा?

लूका 7:47 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 7:47 (HINIRV) »
“इसलिए मैं तुझ से कहता हूँ; कि इसके पाप जो बहुत थे, क्षमा हुए, क्योंकि इसने बहुत प्रेम किया; पर जिसका थोड़ा क्षमा हुआ है, वह थोड़ा प्रेम करता है।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें