Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 3:1 मरकुस 3:2 मरकुस 3:3 मरकुस 3:4 मरकुस 3:5 मरकुस 3:6 मरकुस 3:7 मरकुस 3:8 मरकुस 3:9 मरकुस 3:10 मरकुस 3:11 मरकुस 3:12 मरकुस 3:13 मरकुस 3:14 मरकुस 3:15 मरकुस 3:16 मरकुस 3:17 मरकुस 3:18 मरकुस 3:19 मरकुस 3:20 मरकुस 3:21 मरकुस 3:22 मरकुस 3:23 मरकुस 3:24 मरकुस 3:25 मरकुस 3:26 मरकुस 3:27 मरकुस 3:28 मरकुस 3:29 मरकुस 3:30 मरकुस 3:31 मरकुस 3:32 मरकुस 3:33 मरकुस 3:34 मरकुस 3:35



मरकुस 3:21 — कुटुम्बियों की चिंता और प्रत्याक्रमण की धमकी
तुरंत पंक्ति के साथ घटनाक्रम: जब यीशु ने अपने सेवकों के साथ vaar, पंक्तियों की भीड़ से दूर जाकर उपदेश दिया, तब उसकी कुटुम्बियाँ उसे पकड़ने के लिए निकल पड़ीं। वे यह मानती थीं कि उसका सुध-बुध कभी-भी ठीक नहीं रह गया है; इस कारण उन्होंने उसे रोकने का प्रयास किया।
पद्यांश से दिखता है: परमेश्वर और आस्था की दृष्टि
यह पंक्ति दो तत्त्वों को सामने लाती है: पारिवारिक प्रेम और मानवीय चिंता बनाम ईमानदारी से रोमांचित आस्था। लोग अक्सर निकटतम राष्ट्र से तीव्र प्रेम तथा सुरक्षा की चाह में गलत निर्णय कर लेते हैं। परन्तु यीशु के बारे में उनकी धारणा यह है कि वह विचलित-शंका और अजीब तरह की स्थिति में भी अपनी बुलाहट पर अड़े रहते हैं। इस दृश्य से परमेश्वर का संकेत मिलता है कि उसका उद्देश्य मानवता के लिए सत्य को प्रकाशित करना है, भले ही उसे सामाजिक अपेक्षाओं और पारिवारिक सुरक्षा की चिंता से लड़ना पड़े।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
इन शब्दों से यह संकेत मिलता है कि समुदाय में पहचान न आने पर सामाजिक दबाव बनता है और लोग वास्तविक उद्देश्यों से भटक जाते हैं—यही पाठ की गहराई है कि यीशु की मध्यस्थता और अधिकार को स्वीकारना कठिन होता है।
अनुचित नियंत्रण के विरुद्ध अन्य अनुभाग
यहाँ से जुड़ाव बनते हैं:
आज के पाठ के लिए अनुप्रयोग
हमारे समाज में भी कई बार परिवार और मित्र यीशु के कार्य के प्रति असमंजस दिखाते हैं। इस दृश्य से सीख मिलती है कि: - परमेश्वर के बुलावे पर पहले उसकी इच्छा को समझना आवश्यक है, परिवार की चिंता के बावजूद। - आस्था को विवेक के साथ प्रस्तुत करें: विश्वास के साथ सत्य के प्रकाश को साझा करें, बिना अपमान या दबाव के। - समुदाय में खड़े रहें, जब विश्वास की राह मुश्किल हो—परिवारिक दबाव से केवल स्पष्ट और नम्रता से उत्तर दें।
केवल उद्धृत शब्दों की पुष्टि
इस अध्याय में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध हो सकते हैं; नीचे उनकी विशिष्ट पंक्तियाँ उद्धृत हैं जहाँ उपयुक्त हो:
उपयोगी क्रॉस-रेफरेंसेस के साथ: मरकुस 3:22–30 (यशायाह की क्लांति और दुष्टात्माओं के विरुद्ध अधिकार), मत्ती 12:22–32 (कथन कि उद्धार के साथ विरोध का सामना कैसे होता है), लूका 8:19–21 (परिवार बनाम ईश्वर के परिवार)। इन क्रॉस-रेफरेंसेस को पाठ के भीतर संक्षेप रूप में जोड़ा गया है ताकि पूरी कथा-धारा स्पष्ट रहे।