Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 3:1 मरकुस 3:2 मरकुस 3:3 मरकुस 3:4 मरकुस 3:5 मरकुस 3:6 मरकुस 3:7 मरकुस 3:8 मरकुस 3:9 मरकुस 3:10 मरकुस 3:11 मरकुस 3:12 मरकुस 3:13 मरकुस 3:14 मरकुस 3:15 मरकुस 3:16 मरकुस 3:17 मरकुस 3:18 मरकुस 3:19 मरकुस 3:20 मरकुस 3:21 मरकुस 3:22 मरकुस 3:23 मरकुस 3:24 मरकुस 3:25 मरकुस 3:26 मरकुस 3:27 मरकुस 3:28 मरकुस 3:29 मरकुस 3:30 मरकुस 3:31 मरकुस 3:32 मरकुस 3:33 मरकुस 3:34 मरकुस 3:35



मरकुस 3:25 का संदर्भ— घर में फूट पड़ना
यह पाठ मरकुस 3:25 के immediate setting में आता है जब यीशु और उसके शिष्य ईसा मसीह के दायरे में कुछ धार्मिक नेताओं से बहस कर रहे थे। लोगों के बीच बात-चीत के दौरान एक चित्ताकर्षक सच उभरकर सामने आता है: यदि घर में फूट पड़ जाए, तो वह घर स्थिर नहीं रह सकता। यह व्याख्या सीधे परिवार-परिवार के सामंजस्य और समाजिक गठबंधन की सुरक्षा पर-marriage, रिश्तों और समुदाय की एकता—के बारे में है।
क्यों यह शब्द महत्वपूर्ण हैं— ईश्वर की प्रकृति और विश्वास की कसौटी
यह वाक्य एक स्पष्ट चित्र देता है कि एक जीवन-घर या समुदाय का स्थायित्व उसी आधार पर बनता है जब वह पुराने-नए तनाव, मतभेद और असहमतियों के बीच भी एक साथ खड़ा रह सकता है। यहाँ यीशु दिखाते हैं कि आशीर्वाद और सत्ता के बीच असंतुलन से घर-परिवार टूट सकता है; वही घर टिक सकता है जो बंधन, प्रेम और सम्मान के साथ एकजुट रहता है।
शब्दों के अर्थ और छवि
संबंधी पाठ
यह विचार 1) मरकुस 3:24–25 के सामाजिक-धार्मिक संघर्षों में एकता के महत्व को दिखाता है; 2) मत्ती 12:25 में यीशु के निर्देश कि हर राज्य में शांतिपूर्वक शासन चाहिए; 3) याकूब 3:17–18 में शांति और अच्छे, प्रेमपूर्ण विनम्र विचारों की महत्ता पर बल। इन संदर्भों के संकलन से स्पष्ट होता है कि आंतरिक शांति और प्रेम के बिना बाह्य प्रभाव भी परिवारों को अस्थिर बना सकता है।
लेखक-उद्धरण और सतर्क नोट
नीचे तीन प्रमुख पवित्र-बेदांत टिप्पणीकारों के संकेतन से साहित्यिक संकेत मिलते हैं:
- Matthew Henry: “If a house be divided against itself, the probability of its ruin is evident.”
- Albert Barnes: “A divided house cannot stand; discord weakens the whole frame.”
- Adam Clarke: “Internal strife undermines the foundations of society; unity is the strength of every family.”
इन उद्धरणों का उद्देश्य व्याख्या के साथ गहराई जोड़ना है, किन्तु पाठ का मूल अर्थ और कृपा-आस्था हमारी मुख्य धारा में बनी रहती है।
आज के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
- परिवार और समूहों में बात-चीत के लिए खुला और सम्मानपूर्ण वातावरण बनाएं।
- विवाद के समय तत्काल निर्णय के बजाय क्षमा, विनम्रता और सुनने की सूझ-बूझ अपनाएं।
- बाहरी दबावों के बावजूद एकता बनाए रखना संभव है जब घर के सदस्य एक दूसरे के प्रति प्रेम और सेवा की भावना बनाए रखें।
2–3 उपयुक्त क्रॉस-रेफरंसेस
1) मरकुस 3:24–25 — विभाजन की वास्तविकता और एकता की आवश्यकता का स्पष्ट सार।
2) मत्ती 12:25 — एकता और कवच में व्यवस्था का सिद्धांत।
3) याकूब 3:16 — दाव-प्रतिद्वंद्विता से उत्पन्न अराजकता और शांति का आलम्बन।