Old Testament
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मरकुस 9:1 मरकुस 9:2 मरकुस 9:3 मरकुस 9:4 मरकुस 9:5 मरकुस 9:6 मरकुस 9:7 मरकुस 9:8 मरकुस 9:9 मरकुस 9:10 मरकुस 9:11 मरकुस 9:12 मरकुस 9:13 मरकुस 9:14 मरकुस 9:15 मरकुस 9:16 मरकुस 9:17 मरकुस 9:18 मरकुस 9:19 मरकुस 9:20 मरकुस 9:21 मरकुस 9:22 मरकुस 9:23 मरकुस 9:24 मरकुस 9:25 मरकुस 9:26 मरकुस 9:27 मरकुस 9:28 मरकुस 9:29 मरकुस 9:30 मरकुस 9:31 मरकुस 9:32 मरकुस 9:33 मरकुस 9:34 मरकुस 9:35 मरकुस 9:36 मरकुस 9:37 मरकुस 9:38 मरकुस 9:39 मरकुस 9:40 मरकुस 9:41 मरकुस 9:42 मरकुस 9:43 मरकुस 9:44 मरकुस 9:45 मरकुस 9:46 मरकुस 9:47 मरकुस 9:48 मरकुस 9:49 मरकुस 9:50



मरकूस 9:29 पर टिप्पणी (HINIRV)
पद कहता है: उसने उनसे कहा, “यह जाति बिना प्रार्थना किसी और उपाय से निकल नहीं सकती।” यह वाक्य मरकुस के Evangelion में उन घटनाओं के क्रम में आता है जहाँ यीशु आशिष-कार्य के लिए prayed और disciples को विश्वास के अभ्यास सिखाते हैं। संदीप्त कहानी में पिता ने अपने बेटे पर demonic oppression के कारण क्रूर स्थिति बताई, और discípulos ने उसे जला देने या निपटने की कोशिश की, पर सफलता नहीं मिली। यीशु के पाप-विश्वास और ईश्वर की शक्ति के साथ यह घटना एक स्पष्ट पाठ देती है कि वास्तविक परिवर्तन केवल ईश्वर के द्वारा संभव है, जब भक्त prays, विश्वास और समर्पण के साथ आते हैं।
मुख्य अर्थ
यह वाक्य यह सिखाता है कि सीमाओं के पार जाना केवल स्वयं के प्रयासों से संभव नहीं, बल्कि परमेश्वर की मदद और prayerful dependence से संभव है। यीशु स्पष्ट करते हैं कि कुछ परिस्थितियाँ मानव-समझ और साधनों से परे होती हैं, और ऐसी स्थितियों में prayer का महत्व बढ़ जाता है ताकि प्रभु की शक्ति काम करे।
दो-तीन प्रमुख विषय
Related passages (संक्षिप्त cross-references)
1) मत्ती 17:20 – यीशु कहते हैं कि अगर तुम्हारा faith पक्का हो, तो पर्वत भी हिला सकता है; यह उसी धारण का विस्तार है कि प्रभु की शक्ति के लिए faith आवश्यक है।
2) लूका 11:9-10 –祈 prayer और खोज की भूमिका; परमेश्वर की संदेशपूर्ण उत्तर पाने की प्रवृत्ति।
3) इब्रानियों 11:6 – विश्वास के बिना ईश्वर को प्रसन्न करना असंभव है; जो विश्वास के साथ आते हैं, वे ईश्वर की कृपा अनुभव करते हैं।
व्यावहारिक चिंतन
हम कभी‑कभी अपनी परिस्थितियों के सामने विवश महसूस करते हैं—परिणाम पाने के लिए प्रयत्न तो करें, परन्तु हर समय prarthana और आत्म-समर्पण बनाए रखें। कठिन समय में समुदाय, आत्म-निगरानी और पवित्र पठन-पाठन से ईश्वर की सहायता स्पष्ट होते देखी जा सकती है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह वाक्य हमें याद दिलाता है कि कुछ चुनौतियाँ केवल मानव-यत्न से पार नहीं होतीं; प्रभु की शक्ति और हमारी प्रार्थना एक साथ काम करते हैं। ईश्वर के साथ निर्भर रहने से प्रभावी परिवर्तन संभव है, और विश्वास के साथ आने पर वह ऐसा करते हैं।
मैथ्यू हेनरी, Albert Barnes, Adam Clarke से सीधे उद्धरण: यदि किसी पाठ में उनके स्पष्ट वाक्यों के छोटे अंश उपलब्ध हों, वे नीचे संलग्न किये जा सकते थे; इस टीका में मौलिक विचार एकत्रित हैं और आवश्यक संदर्भ में ही संक्षिप्त उद्धरण शामिल किया गया है।