Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीनहूम 3:19 बाइबल पद की व्याख्या
नहूम 3:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तेरा घाव न भर सकेगा, तेरा रोग असाध्य है। जितने तेरा समाचार सुनेंगे, वे तेरे ऊपर ताली बजाएँगे। क्योंकि ऐसा कौन है जिस पर तेरी लगातार दुष्टता का प्रभाव न पड़ा हो?
नहूम 3:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
नहूम 3:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मीका 1:9 (HINIRV) »
क्योंकि उसका घाव असाध्य है; और विपत्ति यहूदा पर भी आ पड़ी, वरन् वह मेरे जाति भाइयों पर पड़कर यरूशलेम के फाटक तक पहुँच गई है।

विलापगीत 2:15 (HINIRV) »
सब बटोही तुझ पर ताली बजाते हैं; वे यरूशलेम की पुत्री पर यह कहकर ताली बजाते और सिर हिलाते हैं, क्या यह वही नगरी है जिसे परम सुन्दरी और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण कहते थे? (मत्ती 27:39)

अय्यूब 27:23 (HINIRV) »
लोग उस पर ताली बजाएँगे, और उस पर ऐसी सुसकारियाँ भरेंगे कि वह अपने स्थान पर न रह सकेगा।
नहूम 3:19 — तेरा घाव न भर सकेगा
प्रत्येक पाठ के आस-पास की पृष्ठभूमि यह दिखाती है कि नहूम की किताब सामयिक दुष्ट साम्राज्यों के विरुद्ध भगवान के निर्णय की घोषणा है। नहूम 3 का भाग-भाग यह बताता है कि बेदेनेशर्त शासन और पापपूर्ण विजय-कौशल किस प्रकार से विनाश की राह लेते हैं। इस संदर्भ में तेरा घाव न भर सकेगा व तेरा रोग असाध्य है—ये शब्द नहूम की अंतर्दृष्टि का केंद्र हैं। वे यह संकेत देते हैं कि अधर्मी सत्ता अपने भीतर अविश्वास, अत्याचार और वृद्धि-खुशी के कारण अंततः अपना ही पतन पाती है; प्रभु के न्याय के सामने उसका सभी ढोंग धरा रह जाता है।
क्या दिखाता है यह पद?
यह वाक्यगोष्ठी साफ़ तौर पर धार्मिक दायरे में God’s judgment के ठहराव की बात करती है। घाव और रोग यहाँ प्रलापात्मक दुष्टता के बीज हैं, जो एक साम्राज्य के सामाजिक, आचारिक और आंतरिक पतन का प्रतीक बनते हैं। “तृप्त न भरना” का भाव एक स्थायी दुर्बलता बताता है: शत्रु की शक्तियाँ भी समय के साथ घटती हैं, लेकिन उनका प्रभाव तब तक बना रहता है जब तक वे ईश्वरीय दंड से मुक्त नहीं होते। यह संदेश यह भी कहता है कि जो दुष्टता निरंतर फैली रहती है, उसका सामाजिक और नैतिक असर व्यापक होता है और बाहर से नज़र आने वाले तृतीय पक्ष भी उससे चकित रहते हैं।
पद中的 प्रमुख शब्द और चित्र
कार्यगत संदर्भ (कथा-आयाम से जुड़े अन्य हिस्से)
यह पाठ सीधे नहूम की दृष्टि से विजयी दुष्ट राष्ट्रों के विरुद्ध God's सजा की बात करता है, जो पहले अध्यायों में भी संकेतित है कि शक्तिशाली साम्राज्य अपने इंद्रियों की आड़ में दुष्ट मार्ग पर चलते हैं। अन्य संदर्भ जिनसे यह विचार की पुष्टि होती है, वे हैं: - यहूदा-नहूम जैसे दुष्ट साम्राज्यों के लिए न्याय का दिन ठहरना (अन्य नबियों के स्रोत भी इस प्रकार के न्याय की गारंटी देते हैं)। - दया और न्याय के बीच संतुलन का संदेश कि परमेश्वर दयालु भी है पर दुष्टों के अत्याचार का निष्कासन भी करते हैं।
बाइबल के अन्य हिस्सों से सम्बन्ध (संक्षिप्त दर्श)
1) न्याय और दया के संग्राम पर विचार: यह नहूम की तात्पर्यता के समान, अन्य हिस्सों में भी मानव समाज की दुर्दशाओं के विरुद्ध परमेश्वर का न्याय उभरता है।
2) दुष्टता के परिणाम: पाठ स्पष्ट करता है कि दुष्टता का प्रभाव न सिर्फ शत्रु पर, बल्कि उससे जुड़े लोगों पर भी पड़ता है, और सामाजिक जीवन में असंतोष बढ़ता है।
3) उम्मीद और जवाबदेही: न्यायोचित परिणामों के बीच, विश्वासियों के लिए प्रभु के पक्ष में स्थिरता और पावन आस्था बनाए रखना है।
आज के समय के लिए अनुप्रयोग
- न केवल सत्ता-सम्राटों के लिए, पर हर व्यक्तिगत जीवन में भी प्रबल पाप से बचना जरूरी है; असंगत अहंकार, शत्रुता और अन्याय अंततः एक बड़े नियंत्रण का हिस्सा बनते हैं।
- समाज में अत्याचार और हठधर्मिता के समय, विश्वासियों के लिए धैर्य और न्याय-प्राप्ति के मार्ग को प्राथमिकता देना चाहिए; प्रभु के न्याय की प्रतीक्षा में ईमानदारी बनाए रखें।
विचार-योग्य उद्धरण (यथा उपलब्ध नेल)
यहाँ के पाठ के संदर्भ में सार्वजनिक-डायर्स के उद्धरण इन पंक्तियों से संबंधित हैं:
“तेरा घाव न भर सकेगा, तेरा रोग असाध्य है।”
ये विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे प्राचीन टाइटनल कमेंटेरों के युग-चेतन विवेचन से निकटता रखते हैं—वे कहते हैं कि दुष्ट शक्तियों के लिए न्याय का दिन नज़दीक है, और जो दुष्ट मार्ग पर चल रहे हैं, उनके लिए विपत्ति अनिवार्य है।
Cross-references (संक्षेप में): - अन्य नबियों में न्याय के दिन की आशा: प्रत्यक्ष वाक्यों के बिना, यह संदेश उनके समान सिद्धांतों को समर्थित करता है। - सामाजिक पाप के परिणामों के बारे में विचार: यह पाठ मानवीय समाज के लिए चेतावनी है कि दुष्टता कैसे फैलती है और कैसे टूटती है। - विश्वास में धैर्य और ईश्वर के न्याय की प्रतीक्षा: विश्वासियों को निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि प्रभु न्याय देगा।