Old Testament
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नहूम 3:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सवार चढ़ाई करते, तलवारें और भाले बिजली के समान चमकते हैं, मारे हुओं की बहुतायत और शवों का बड़ा ढेर है; मुर्दों की कुछ गिनती नहीं, लोग मुर्दों से ठोकर खा खाकर चलते हैं!
नहूम 3:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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नहूम 3:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहेजकेल 39:4 (HINIRV) »
तू अपने सारे दलों और अपने साथ की सारी जातियों समेत इस्राएल के पहाड़ों पर मार डाला जाएगा; मैं तुझे भाँति-भाँति के माँसाहारी पक्षियों और वन-पशुओं का आहार कर दूँगा।

हबक्कूक 3:11 (HINIRV) »
तेरे उड़नेवाले तीरों के चलने की ज्योति से, और तेरे चमकीले भाले की झलक के प्रकाश से सूर्य और चन्द्रमा अपने-अपने स्थान पर ठहर गए।।

यशायाह 37:36 (HINIRV) »
तब यहोवा के दूत ने निकलकर अश्शूरियों की छावनी में एक लाख पचासी हजार पुरुषों को मारा; और भोर को जब लोग उठे तब क्या देखा कि शव ही शव पड़े हैं।
नहूम 3:3 परcommentary — यह दुष्ट नगर की तलवार और विनाश की चपटे की दुनिया है
यह पद नहूम की किताब के हिस्से में है जहाँ नबी ने नाबाले को उसकी अपार जुल्म और विनाश की चेतावनी दी है। यह verse वस्तुतः असुर का अभिमान और उसकी सेनाओं की हिंसा की तस्वीर है, पर इसके पीछे हामी है एक सिद्धान्त: घोर दुष्कर्म और अन्याय के बाद परिणाम भी कठोर होता है। यह संदेश हमारे समय के लिए भी सावधान करनेवाला है कि अधर्म के क्रम में सामर्थ्य बढ़ती है, पर उसकी कीमत अति भारी होती है।
पैरा-पूर्वावस्था (प्रसंग का मूल संदर्भ)
नहूम की पुस्तक में नबी ने नाइनहेह (नहूम) के शहर के विरुद्ध ईश्वर का न्याय उद्घोष किया है। नहूम 3 अध्याय में यह बताया गया है कि कैसे आक्रमणकारियों के सामने नगर की अयास-भरी सेनाएं, तलवारें, भाले और बिजली की तरह चमकते हथियार एक बार फिर नरसंहार और पराजय की वास्तविकता बन जाते हैं। यह दृश्य एक सार्वजनिक हत्या के दृश्य की तरह है—घोर हिंसा और प्रचंड विनाश।
मुख्य संदेश
यह पद एक कठोर पूर्वसूचना है: अत्याचार, लूट, और अन्याय के अंत में सांसारिक शक्ति का क्षय होता है। “सवार चढ़ाई करते”—युद्ध के बंधन और शत्रुता के साथ शक्तिशाली सेना—“तलवारें और भाले बिजली के समान चमकते हैं” ने यह दर्शाया है कि संहार की सामर्थ्य कितनी भयावह हो सकती है। और फिर “मारे हुओं की बहुतायत… शवों का बड़ा ढेर” यह स्मरण कराता है कि परिणाम कितने भयावह होंगे। यह एक दुष्ट साम्राज्य की मानवीय प्राणीता के पथ पर अंत की कहानी है, जो आत्म-विश्वास से घिरे रहते हुए भी गिर जाता है।
पवित्र नीतियों से सम्बद्ध थीम्स
cross-reference (संदर्भ-योग)
1) आयत-उद्धृत से मिलता-जुलता संदेश: रोम 12:19—ईश्वर स्वयं न्याय करता है और अत्याचारियों के लिए रक्षा-हाथ नहीं बढ़ाते। यह ध्वनि देता है कि दुष्टों के खिलाफ ईश्वर का न्याय सर्वोपरि है।
2) योशुआ 7:12-13—लोकतंत्रन के बिखराव के साथ इस प्रकार के दावों का सामना, जहाँ अधर्म के कारण पराजय आता है और ईश्वर के लोग सावधान रहते हैं।
3) रहस्य 18:4—पश्चिमी संसार के विपरीत, पाप से दूरी बनाए रखने की चेतावनी; दुष्ट समाजों का पतन स्पष्ट होता है जब वे ईश्वर के मार्ग से हटते हैं।
दर्शनात्मक विचार (devotional reflection)
यह पाठ हमें याद दिलाता है कि शक्ति की चमक कितनी भी तेज हो, पर यह अस्थायी है। सच का मार्ग वही है जो ईश्वर की मार्गदर्शिका के भीतर चलता है। जब हम समाज-व्यवस्था में अन्याय देखते हैं, तो डरना नहीं, बल्कि सत्यापित आस्था से प्रार्थना करें कि ईश्वर न्याय करे और जो कुछ गलत है, उसे सही करे। फिर भी यह याद रहे कि भगवान का न्याय कभी-भी गलत कारणों से प्रेरित नहीं होता; वह दयालुता के साथ भी शुद्धता और सत्य को बनाए रखता है।
यथार्थक cross-गाइडिंग संकेत
- ईश्वर के न्याय के समय को स्वीकारना आवश्यक है, ताकि हताशा नहीं बल्कि विश्वास बना रहे।
- अधर्म के परिणाम स्पष्ट हैं; प्रतिदान धोखे से नहीं, पर ईश्वर के निर्धारित नियमों से आता है।
- विश्वासियों के लिए संघर्ष के बीच भी उम्मीद की किरण बनी रहती है, क्योंकि ईश्वर सत्ता में है।