Old Testament
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नहूम 3:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तेरे सब गढ़ ऐसे अंजीर के वृक्षों के समान होंगे जिनमें पहले पक्के अंजीर लगे हों, यदि वे हिलाए जाएँ तो फल खानेवाले के मुँह में गिरेंगे।
नहूम 3:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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नहूम 3:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रकाशितवाक्य 6:13 (HINIRV) »
और आकाश के तारे पृथ्वी पर ऐसे गिर पड़े जैसे बड़ी आँधी से हिलकर अंजीर के पेड़ में से कच्चे फल झड़ते हैं। (प्रका. 8:10, मत्ती 24:29)

यशायाह 28:4 (HINIRV) »
और उनकी भड़कीली सुन्दरता का मुर्झानेवाला फूल जो अति उपजाऊ तराई के सिरे पर है, वह ग्रीष्मकाल से पहले पके अंजीर के समान होगा, जिसे देखनेवाला देखते ही हाथ में ले और निगल जाए।

हबक्कूक 1:10 (HINIRV) »
राजाओं को वे उपहास में उड़ाते और हाकिमों का उपहास करते हैं; वे सब दृढ़ गढ़ों को तुच्छ जानते हैं, क्योंकि वे दमदमा बाँधकर उनको जीत लेते हैं।
नहूम 3:12—अंजीर के वृक्षों के समान गढ़ (हिनिर्व)”
सीधे शब्दों में अर्थ: तेरे गढ़ और संरक्षित नगर भी अंजीर के पर्णों जैसे निवासी-स्थापनों के भीतर कमजोर, निर्बल और क्षणभंगुर होंगे—यदि कोई उन्हें हिलाए, उनके भीतर से फल गिरेंगे। राजा-शासन के ठहरने की जगहें वैसी ही अस्थिर और असुरक्षित रहेंगी जैसे अंजीर के पके फल जो हलचल से नीचे गिरते हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नहूम की पुस्तक वही भविष्यवाणी है जिसमें नूह के समय से बिड़बनहार घटनाओं का विवेचन है। नहूम इस prophecy में निनवे के विरुद्ध ईश्वर की न्याय-व्यवस्था का संदेश देता है। अध्याय 3 एक गहन पुनः-चेतावनी है जहाँ निर्भीकता के साथ कहा गया है कि शक्तिशाली राजा और नगर, जो सुरक्षा की भ्रांती में जीते थे, क्षणभंगुर और अस्थिर हैं।
व्याख्यात्मक बिंदु
कथा-सार एवं तुलना
यहोवा के न्याय के समय, शुद्ध सुरक्षा केवल ईश्वर की आशीष में है; मानव-निर्भर सुरक्षा अक्सर ध्वस्त हो जाती है। यह वही संदेश है जो अन्य नबी ग्रंथों में भी मिलता है—शांति और सुरक्षा का मूल स्रोत परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन है।
संलग्न पंक्तियाँ—संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसेस
प्राथमिक निष्कर्ष और व्यावहारिक अनुप्रयोग
ईश्वर के न्याय के समय में आत्म-विश्वास उन चीजों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए जो बाहरी मजबूत लगती हैं—भवन, सेना, या सत्ता। हमें अपनी सुरक्षा की असली बुनियाद परमेश्वर के वचन और उसकी नीति में ढूंढ़नी चाहिए। जीवन के अस्थायित्व के बावजूद, परमेश्वर की न्याय-योजना स्थिर रहती है, जो उस व्यक्ति के लिए शांति बनाती है जो विनम्रता से उसकी दिशा में चलता है।
संक्षिप्त टिप्पणी
ऐसे संकेत मिलते हैं कि जो लोग अपने गढ़ों को ईश्वर के आदेश से ऊपर मानते हैं, वे पत्थर की दीवारों पर नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा पर टिके रहते हैं। यह भविष्यवाणी बताती है कि शासन-निर्माण और सुरक्षा-योजनाएं भी ईश्वर की योजना से निर्भर हैं, और कभी-कभी वे भी चूक सकती हैं।
उद्धरण के संकेत: यह स्पष्ट है कि यह पाठ निर्बल-शासन के क्षय का वर्णन करता है; नीचे दिए गए सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों में से कुछ की विचारधाराएं इस विषय को संलग्न करती हैं, जैसे मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के संकलन-उद्धरण जो इस प्रकार के विचारों को समन्वित करते हैं (नीचे उद्धृत संक्षेप में अगर उनके बराबर शब्द सीधे उपलब्ध हों तो)।
स्त्रोत-रूपरेखा
यह पाठ, और उसके सार के साथ, सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों की धारणाओं के अनुरूप है; परन्तु हमने मौलिक और समकालीन स्वाद में इसे एक एकीकृत और हिंदी पाठ के रूप में प्रस्तुत किया है।