Old Testament
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हबक्कूक 1:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
राजाओं को वे उपहास में उड़ाते और हाकिमों का उपहास करते हैं; वे सब दृढ़ गढ़ों को तुच्छ जानते हैं, क्योंकि वे दमदमा बाँधकर उनको जीत लेते हैं।
हबक्कूक 1:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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हबक्कूक 1:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 इतिहास 36:6 (HINIRV) »
उस पर बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने चढ़ाई की, और बाबेल ले जाने के लिये उसको पीतल की बेड़ियाँ पहना दीं।

2 इतिहास 36:10 (HINIRV) »
नये वर्ष के लगते ही नबूकदनेस्सर ने लोगों को भेजकर, उसे और यहोवा के भवन के मनभावने पात्रों को बाबेल में मँगवा लिया, और उसके भाई सिदकिय्याह को यहूदा और यरूशलेम पर राजा नियुक्त किया। (मत्ती 1:11)

यशायाह 14:16 (HINIRV) »
जो तुझे देखेंगे तुझको ताकते हुए तेरे विषय में सोच-सोचकर कहेंगे, 'क्या यह वही पुरुष है जो पृथ्वी को चैन से रहने न देता था और राज्य-राज्य में घबराहट डाल देता था;
हबक्कूक 1:10 पर आधारित मुख्य व्यावहारिक संकेत
यह पद्य हमें दिखाता है कि प्रवर्तन-हीन सामर्थ्य वाले तानाशाह भी समय के क्रोध को झेलते हैं जब परमेश्वर अपने न्याय को पूरा करने के लिए चयित किए हुए साधनों को उठाता है। पध्य में कहा गया है कि वे राजाओं को उपहास में उड़ाते हैं, हाकिमों को मनोरंजन की वस्तु बनाते हैं, और गढ़ों को तुच्छ समझते हैं, परन्तु अन्ततः दमदमा बाँधकर उन्हें जीत लेते हैं। यह हकीकत उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अधर्म के उच्च स्थानों पर बैठकर दूसरों को दबाते हैं: परमेश्वर की समय-निर्धारण से मुक्त नहीं है अपराध और दमन।
साहित्यिक संदर्भ
हबक्कूक की किताब एक ऐसे prophetical dialogue की तरह है जिसमें नबी यह पूछते हैं कि क्यों दुष्ट शासन और अन्याय बढ़ रहा है? इस पंक्ति में शत्रुपरक सत्ता—राजाओं, हाकिमों—का उपहास और उनका अत्याचार बताता है कि वे बाहरी दृढ़ता या सैन्य शक्ति के कारण नहीं, बल्कि दिव्य समय पर निर्भर रहते हैं। इस पाठ का उद्देश्य है—धन्यता के स्रोत की पहचान और न्याय का निश्चित होना।
धार्मिक महत्व और सिद्धांत
1) दमन और कुशासन का परमेश्वर के सीमित नहीं करने वाला दायरा: मानव-निर्मित सत्ता चाहे कितनी भी मजबूत हो, परमेश्वर के निर्णय के सामने कमज़ोर है।
2) न्याय की गति: दमनकारियों के विरुद्ध परमेश्वर की न्याय योजना कभी न कभी पूर्ण होती है; वे दमन के प्रतीक बनते हैं, पर जीत उनकी नहीं बल्कि सत्य और दया की जीत होती है।
3) अवलोकन: हज़ारों वर्षों की मानवीय इतिहास में यह शब्द एक सार्वभौमिक चेतावनी है—अधर्म का स्थायित्व नहीं है; समय आने पर हर सत्ता का सच सामने आता है।
अनुसंधान-आधारित cross-references
इन संदर्भों के जरिए समझ में आता है कि सत्ता चाहे कैसी भी प्रभावशाली क्यूँ न हो, परमेश्वर की योजना के बिना टिक नहीं सकती; अन्याय के समय में भी परमेश्वर की त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया संभव है।
आत्म-चिंतन के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
हबक्कूक 1:10 हमें यह सिखाता है कि दमन और अत्याचार की व्यापकता बिती नहीं रहती; समय के अनुसार परमेश्वर उन शक्तियों को परखता है और उनके भीतर सत्य को प्रबल बनाता है। हमारी आस्था यह होगी कि हम दमन को देख कर निराश नहीं हों, बल्कि परमेश्वर के न्याय-समय पर टिके रहें और उनकी कृपा में स्थिर रहें।
ऐतिहासिक-टीका के एक छोटे-से उद्धरण: "क्योंकि वे दमदमा बाँधकर उनको जीत लेते हैं"—यह विचार Matthew Henry की टिप्पणी के अनुरूप दमन से ऊपर प्रभु के न्याय की महिमा का उल्लेख करता है।