Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीहबक्कूक 1:7 बाइबल पद की व्याख्या
हबक्कूक 1:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वे भयानक और डरावने हैं, वे आप ही अपने न्याय की बड़ाई और प्रशंसा का कारण हैं।
हबक्कूक 1:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
हबक्कूक 1:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यिर्मयाह 39:5 (HINIRV) »
परन्तु कसदियों की सेना ने उनको खदेड़कर सिदकिय्याह को यरीहो के अराबा में जा लिया और उनको बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर के पास हमात देश के रिबला में ले गए; और उसने वहाँ उसके दण्ड की आज्ञा दी।

व्यवस्थाविवरण 5:27 (HINIRV) »
इसलिए तू समीप जा, और जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उसे सुन ले; फिर जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उसे हम से कहना; और हम उसे सुनेंगे और उसे मानेंगे।'

हबक्कूक 1:7 पर टिप्पणी: भयावह शक्तियों का सत्य और ईश्वर की न्याय
यह पद वह सच बताता है जो हबक्कूक के दिनों के विश्वासियों को असहज बना रहा था: शासन-व्यवस्था और अत्याचार के बीच ईश्वर की न्याय की बड़ाई कभी-कभी स्पष्ट नहीं दिखती। यह रहस्य नहीं, बल्कि कठिनाई के बीच भी ईश्वर की सत्ता की गूंज है। इस verse में भयानक और डरावने भावनाएं नहीं केवल भय का स्वर हैं, बल्कि वे हक की बड़ाई और न्याय की महिमा के संकेतक भी हैं।
यह मूल संदर्भ में क्या कहता है?
हबक्कूक ने बर्बनियों के अत्याचार, अन्याय और अधर्म के बढ़ते प्रभाव के बारे में परमेश्वर से एक प्रश्न पूछा था। इस संदर्भ में यह पंक्ति उत्तर के रूप में उभरती है: वे भयानक और डरावने हैं, वे आप ही अपने न्याय की बड़ाई और प्रशंसा का कारण हैं। यहाँ “भयानक” और “डरावने” शब्द उनके राज्य-बल और विनाशकारी शक्ति का वर्णन करते हैं, न कि साधारण डर को। परन्तु उनका उद्देश्य यह है कि परमेश्वर की न्यायिकता, चाहे वह अभी दिखाई न दे, निरपेक्ष और पूर्ण है।
मुख्य संदेश
- परमेश्वर का न्याय सब जगह प्रगट होता है, भले ही मानव इतिहास के अंधकार में वह पहले दिखाई न दे।
- शक्तियाँ और राष्ट्र जिन्हें मानव दृष्टि में शक्तिशाली माना जाता है, वे भी परमेश्वर के नियंत्रण के अधीन हैं।
- दुष्कर्म के समय में भी ईश्वर की महिमा पूरी तरह सामने आ सकती है, क्योंकि उसका न्याय अंतिम प्रमाण है।
प्रमुख thèmes और समझ
- न्याय की महिमा: यह वाक्य बताता है कि ईश्वर अपने न्याय को न अपनाते हुए भी उठाते हैं; वह क्रोध और दया—दोनों के स्रोत हैं।
- अधिकार और अय्याशी के विरुद्ध चेतावनी: सत्ता के दुरुपयोग पर यह संकेत है कि अंततः सत्य को तोड़ने वाले भी सत्य के सामने घुटने टेकेंगे।
- परमेश्वर की योजनाओं में भरोसा: यह विश्वास का अवसर है कि कठिन समय में भी ईश्वर की योजना अधूरा नहीं रहता।
क्रॉस-रेफ़रेंस (संक्षिप्त संदर्भ और उनका महत्व)
- दानिय्येल 2:20-22: पृथ्वी की राजाओं के अधीन भी परमेश्वर की सत्ता स्थिर है; वे जो देखते हैं वह उसके योजना के अनुरूप होता है।
- रोमियों 13:1-4: मानवीय शासन भी उन नियमों से संचालित होते हैं जो परमेश्वर ने स्थापित किए हैं; सत्ता का दुरुपयोग भी अंततः न्याय के विरुद्ध नहीं टिकता।
- यशायाह 40:10-11: प्रभु उज्ज्वल रूप से आकर न्याय और दयालुता का उद्घोष करते हैं; भय के साथ भी उनकी ताकत दृश्य होती है।
आध्यात्मिक समेकन
जो लोग अत्याचार और अराजकता के बीच रहते हैं, उनके लिए यह संदेश आश्वासन बनता है कि परमेश्वर का न्याय कभी न समाप्त होने वाला है। यह विचार हमें धैर्य, विनम्रता और प्रार्थना के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित करता है।
संक्षिप्त devotional reflection
जब दुनिया में इधर-उधर अंधकार रहता है, तब भी ईश्वर की सत्ता अचल रहती है। हमारे जीवन में जो कठिन समय आते हैं, उनमें हम परमेश्वर के न्याय और उसकी महिमा के ऊपर भरोसा रखें। वह भयानक शक्तियों के पीछे भी काम कर रहा है ताकि सत्य और न्याय का दिन आये।
मरकज़ुड उद्धरण (तकनीकी नोट): नीचे उद्धृत टिप्पणियाँ प्रमुख मतभेदों से रचित नहीं हैं; वे Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरे नोटों से प्रेरित सारग्रह हैं, और अगर इनमें से कोई सटीक शब्द स्थिति में मिला हो तो उसे उसी रूप में उद्धृत किया गया है:
मैथ्यू हेनरी से संक्षिप्त ध्यान: "यहाँ यह दर्शाया गया है कि न्याय की विशालता और परमेश्वर की स्तिथि, संसार के ऊपर है।" (संक्षेप सार)
एल्बर्ट बार्न्स från: "सत्ता और न्याय दोनों परमेश्वर के अधिकार क्षेत्र में हैं; मनुष्यों की कठिनाई में भी, उसकी मार्गदर्शक योजना काम करती है।" (संक्षेप सार)
एडम क्लार्क से संक्षिप्त टिप्पणी: "न्याय की बड़ाई का कारण वह है जिसकी महिमा हर स्थिति में सामने आती है; यह भय को नहीं रोकना, बल्कि उसे सही दिशा देना है।" (संक्षेप सार)