Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 9:1 नहेम्याह 9:2 नहेम्याह 9:3 नहेम्याह 9:4 नहेम्याह 9:5 नहेम्याह 9:6 नहेम्याह 9:7 नहेम्याह 9:8 नहेम्याह 9:9 नहेम्याह 9:10 नहेम्याह 9:11 नहेम्याह 9:12 नहेम्याह 9:13 नहेम्याह 9:14 नहेम्याह 9:15 नहेम्याह 9:16 नहेम्याह 9:17 नहेम्याह 9:18 नहेम्याह 9:19 नहेम्याह 9:20 नहेम्याह 9:21 नहेम्याह 9:22 नहेम्याह 9:23 नहेम्याह 9:24 नहेम्याह 9:25 नहेम्याह 9:26 नहेम्याह 9:27 नहेम्याह 9:28 नहेम्याह 9:29 नहेम्याह 9:30 नहेम्याह 9:31 नहेम्याह 9:32 नहेम्याह 9:33 नहेम्याह 9:34 नहेम्याह 9:35 नहेम्याह 9:36 नहेम्याह 9:37 नहेम्याह 9:38



नहेम्याह 9:15 का अर्थ
इस पद में परमेश्वर की करूणा और उनका संकल्पनात्मक संरक्षण प्रकट होता है—यहोवा ने इस्राइलियों के लिए आकाश से भोजन प्रदान कर उनकी भूख मिटाई और चट्टान से पानी निकाला, ताकि वे निर्बल न पड़ें। संदेश यह है कि परमेश्वर अपने चेलों को दीन-हीन परिस्थितियों में भी भोजन और जल देकर संतुष्ट करता है, और वही उन्हें उस भूमि में प्रवेश कराने का मार्ग साफ़ करता है जिसे उन्होंने शपथ के द्वारा स्वीकार किया था।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नहेम्याह 9 में यहूदी समुदाय के धार्मिक पुनःस्थापन तथा उपवास के बाद की प्रार्थनात्मक सभा है, जिसमें वे पिछले इतिहास की याद दिलाते हैं—निर्गमन से लेकर बाड़मेरअर्जित पथ तक के ईश्वर के चमत्कारों और जवाबों को स्वीकारते हैं। इस आयत में विशेषकर मन्ना-आन और पानी के चमत्कार की स्मृति है, जो वे दशकों तक wilderness में अनुभव कर चुके थे। अंत में उल्लेख है कि वे उसी देश में प्रवेश करें जहां से ईश्वर ने उन्हें राजा-युग में वचन देकर बुलाया है।
व्याख्यात्मक बिंदु
सार और विचार
- ईश्वर की सहायता न केवल भौतिक चमत्कारों से होती है, बल्कि उनके वचनों के प्रति भरोसे की अनुभूति से भी।
- आध्यात्मिक यात्रा में भी भोजन-उत्पत्ति जैसे संकेत हैं: ईश्वर की कृपा से भूख और प्यास दोनों संतुष्ट होते हैं जब लोग उनकी आज्ञाओं पर चलें।
पठन-संबद्ध अनुभाग
और होंगे cross-reference से संकेतित विचार:
व्यावहारिक निष्कर्ष
- कठिन समय हो या सफलता, विश्वासियों को ईश्वर की सहायता पर टिके रहना चाहिए।
- ईश्वर के वचनों के अनुसार जीवनयापन और उसकी शपथ-उद्धार की आशा ही हमारे भीतर स्थायित्व बनाती है।
हिंदी अनुवाद के संकेतित उद्धरण
यद्यपि यह पाठ मौलिक स्रोतों में समानार्थी रूप से आता है, नीचे उल्लेखित प्रमुख विचारधाराओं से प्रेरित रूपरेखा सक्रिय है:
माथ्यू हेनरी, अलेबर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क के संक्षिप्त चिंतन से प्रेरणा मिलती है कि चमत्कारिक भोजन और जल से ईश्वर की कृपा स्पष्ट होती है, और उनके वचनों के पालन से लोक उद्धार पाने का मार्ग खुलता है।
कार्य-संदर्भ
यूह 6:31 (सूक्ति संदर्भ): आकाश से भोजन का उल्लेख यीशु के संदेश में जीवन-आहार के रूपक के साथ जाता है।