Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 9:1 नहेम्याह 9:2 नहेम्याह 9:3 नहेम्याह 9:4 नहेम्याह 9:5 नहेम्याह 9:6 नहेम्याह 9:7 नहेम्याह 9:8 नहेम्याह 9:9 नहेम्याह 9:10 नहेम्याह 9:11 नहेम्याह 9:12 नहेम्याह 9:13 नहेम्याह 9:14 नहेम्याह 9:15 नहेम्याह 9:16 नहेम्याह 9:17 नहेम्याह 9:18 नहेम्याह 9:19 नहेम्याह 9:20 नहेम्याह 9:21 नहेम्याह 9:22 नहेम्याह 9:23 नहेम्याह 9:24 नहेम्याह 9:25 नहेम्याह 9:26 नहेम्याह 9:27 नहेम्याह 9:28 नहेम्याह 9:29 नहेम्याह 9:30 नहेम्याह 9:31 नहेम्याह 9:32 नहेम्याह 9:33 नहेम्याह 9:34 नहेम्याह 9:35 नहेम्याह 9:36 नहेम्याह 9:37 नहेम्याह 9:38



पाठ-प्रश्न: नहेम्याह 9:27 पर टिप्पणी (HINIRV)
इस वचन में नहेम्याह की कथा के दौरान यह वाक्य उस सत्कर्म की याद दिलाता है, जिसमें परमेश्वर ने बार-बार अपने लोगों को संकटों से बचाने के लिए अपने दया-प्रकार्य की स्मृति से प्रेरित होकर उपाय किए। वे अब भी गलती दोहराते हैं, परन्तु तब भी परमेश्वर उनकी पुकार सुन लेते हैं और उनकी रक्षा करते हैं।
कथानक के भीतर यहोवा की भूमिका
पयरे-युग में यह वाक्य बताता है कि निर्बल उसे नहीं छोड़ता जो संकट में गिरता है; परमेश्वर अपने कस्बे और अपने लोगों के साथ बना रहता है। उन्होंने शत्रुओं के हाथों में दिये जाने पर, फिर भी बार-बार दुहाई दी, तब ईश्वर स्वर्ग से उनकी राह सुनते रहे। यह दृढ़ता और दयालुता का प्रमाण है कि परमेश्वर संकट-समय में भी अपने गुण दिखाते हैं—दैहिक संकट नहीं, वरन् आध्यात्मिक तौक-चेतावनी भी हो सकती है, परन्तु उद्धार के लिए वह «छोड़नेवाला» भेजते रहे।
इस वचन में मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुरूप उद्धरणों के समानता की दृष्टि
यह अनुभूति बाइबल के अन्य हिस्सों से मेल खाती है जहां प्रभु अपने लोगों को स्मरण कराते हैं कि उनकी पुकार उनके कानों तक पहुँचती है—उद्धार के लिए भेजी गई राहत। उदाहरण के तौर पर: अल्लाह के नाम की महिमा से जुड़ी घटनाएँ, और दुखों में भी ईश्वर के दयालुता के संकेत।
कठिनाई से बचाव और उनसे सीख
जो लोग असुरक्षा और भय में रहते हैं, उनके लिए यह संदेश है कि निरंतर prayer और विश्वास के साथ प्रभु पर निर्भरता बनाए रखना चाहिए। संकट के समय में भी ईश्वर के प्रति विनय और धैर्य बनाए रखना उद्धार की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है। साथ ही, उद्धारकर्ता की निरन्तर नियुक्ति यह संकेत करती है कि यह व्यवस्था एक क्रमबद्ध कार्यक्रम है—प्रभु अपने लोगों को स्वतंत्रता और सुख के मार्ग पर ले जाना चाहते हैं।
क्रॉस-रेफरन्स और उनके संकेत
• इतिहास-उद्धार: इतिहास के अन्य भागों में भी यह सच्चाई मिलती है कि संकट में पुकार सुनना और उद्धार भेजना परमेश्वर का एक स्थिर गुण है।
• दयालुता: परमेश्वर की दया कभी समाप्त नहीं होती; वह बार-बार उद्धारकर्ता भेजते हैं ताकि उनके लोगों को शत्रुओं से छूट मिले।
• प्रार्थना की प्रबलता: दयालुता के साथ, हे प्रभु, हमारी पुकार पर त्वरित ध्यान देते हैं—यह प्रार्थना की शक्ति का प्रमाण है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षेप
नहेम्याह 9:27 में दिखाया गया है कि संकट के समय में भी यहुदी लोगों ने प्रभु को पुकारना नहीं छोड़ा; और उसी वक्त परमेश्वर ने अपने दयालु स्वभाव के कारण उद्धारकर्ता भेजे, ताकि शत्रुओं के हाथ से उन्हें छुड़ा दें। यह संदेश आज भी सावित करता है कि_ephemeral कठिनाइयों के बीच भी ईश्वर की सहायता और उद्धार की योजना सक्रिय रहती है।