Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
नहेम्याह 9:1 नहेम्याह 9:2 नहेम्याह 9:3 नहेम्याह 9:4 नहेम्याह 9:5 नहेम्याह 9:6 नहेम्याह 9:7 नहेम्याह 9:8 नहेम्याह 9:9 नहेम्याह 9:10 नहेम्याह 9:11 नहेम्याह 9:12 नहेम्याह 9:13 नहेम्याह 9:14 नहेम्याह 9:15 नहेम्याह 9:16 नहेम्याह 9:17 नहेम्याह 9:18 नहेम्याह 9:19 नहेम्याह 9:20 नहेम्याह 9:21 नहेम्याह 9:22 नहेम्याह 9:23 नहेम्याह 9:24 नहेम्याह 9:25 नहेम्याह 9:26 नहेम्याह 9:27 नहेम्याह 9:28 नहेम्याह 9:29 नहेम्याह 9:30 नहेम्याह 9:31 नहेम्याह 9:32 नहेम्याह 9:33 नहेम्याह 9:34 नहेम्याह 9:35 नहेम्याह 9:36 नहेम्याह 9:37 नहेम्याह 9:38



नहेम्याह 9:8 पर टिप्पणी: वाचा-bharosa और राष्ट्र-प्रतिज्ञा की पूर्णता
मुख्य विचार: परमेश्वर के साथ सच्ची वाचा और उसकी अनुमोदित भविष्यवाणी के अनुसार, नहेम्याह 9:8 में इजरायली समुदाय को उनके पूर्व प्रवृत्ति-प्रत्याशित देश के दायरे, अर्थात कनान, हित्ति, एमोरी, परिज्जि, यबूसि और गिर्गाशी देशों के विरुद्ध एक निष्ठावान दायित्व की याद दिलाई जाती है; एक ऐसी स्थिरता जिसने परमेश्वर की धारणीयता और दयालुता को दिखाया है—ताकि वह वचन जो उसने किया है, उसे वह सत्य बनाता है। यह पद यह बताता है कि परमेश्वर ने उनके साथ वैसी ही धर्मनिष्ठता बनाई रखी है जैसी वह उनसे कहता रहा है: वह धर्मी है, और उसकी प्रतिज्ञा दृढ़ है.
साहित्यिक संदर्भ और कविता-जीवन
यह श्लोक नेहेमीया के ग्रंथ के एक भाग के रूप में, पुनर्निर्माण-युग के बाद के संदर्भ में आता है, जहाँ यहूदियों ने अपनी प्रार्थना और कथन के माध्यम से इतिहास के प्रभात को याद किया। नहेम्याह के लेखन में राष्ट्र-निर्माण, री-समन्वय और आध्यात्मिक पुर्नस्थापना का एक संयुक्त महत्त्व है; यह श्लोक उसी कथा की एक पुष्टि है कि ईश्वर ने अपने अनुयायियों के साथ जो निभाई गई प्रतिज्ञा, उसे निभाया।
आस्था और वैचारिक significance
अन्य पवित्र शास्त्रों के साथ कनेक्शन
- उत्पत्ति 12:1-3 और 15:18-21 में परमेश्वर के वादों का क्रम एक क्रमिक निर्वासन-स्थापना की ओर संकेत करता है; इस नेहेमीय पाठ के साथ यह देखा जा सकता है कि प्रकटन-यात्रा में परमेश्वर अपने वचनों को कैसे पूर्ण करता है।
- वृद्धि-उद्धार के गीतों में अय्यूब/यशायाह जैसी पुस्तकों में भी ऐसे पंक्तियाँ मिलती हैं जो ईश्वर की धर्मनिष्ठता और वाचा-पालन पर जोर देती हैं; यह दिखाता है कि प्रतिज्ञाओं की पूर्ति एक समकालीन और दीर्घकालिक सिद्धांत है।
- दान-चर्चा में जब-जब परमेश्वर अपने लोगों के साथ संबंध बनाते हैं, तब उन्हें भूमि-प्रतिष्ठा के साथ-साथ आस्था-जीवन के पुनर्जीवन की भी प्रेरणा मिलती है।
प्रतिबिंब के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
नहेम्याह 9:8 एक विवेकपूर्ण स्मरण है कि परमेश्वर की प्रतिज्ञाएँ स्थिर हैं और वह धर्मी है। जैसे उसने पूर्वजों के साथ किया, वैसे ही उसने इस पीढ़ी के साथ वचन-बद्धता निभाई। यह बोध हमें आशा देता है कि विश्वासी समुदाय भी विश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है, क्योंकि परमेश्वर का मिशन—धरती पर उसकी महिमा फैलाना—स्थिर है और उसकी कृपा कभी नहीं टूटती।
उद्धरण-नोट
यदि आप आवश्यक मानें, तो मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों से मिलती-जानती भाषा के संक्षिप्त विचार नीचे उद्धृत किए जा सकते हैं।
मैाथ्यू हेनरी से संबन्धित स्पष्ट वाक्यांश: “...धर्मी है।” (कृत, संदर्भ-उद्धरण के लिए प्रमुख पंक्तियाँ यहाँ सार-रूप में संजोई गई हैं।)