1 कुरिन्थियों 6:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

भोजन पेट के लिये, और पेट भोजन के लिये है, परन्तु परमेश्‍वर इसको और उसको दोनों को नाश करेगा, परन्तु देह व्यभिचार के लिये नहीं, वरन् प्रभु के लिये; और प्रभु देह के लिये है।

1 कुरिन्थियों 6:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 कुरिन्थियों 6:13 का संदर्भ और अभिप्राय

पद के संदर्भ में प्रेरित पवित्र लेख कॉरिंथ के Churches के भीतर नैतिक और व्यवहारिक आचरण के बारे में स्पष्ट दिशा देता है। पुराने द्रष्टांतों से सत्य यह है कि धर्मी जीवन और शरीर की अशুদ্ধिकृत धारणाओं के बीच दिव्य दृष्टिकोण आवश्यक है। इस अध्याय में पौलुस ने कुल मिलाकर निर्णय दिया कि शरीर और ईश्वर के प्रयोग के प्रति हमारे रवैये में संतुलन होना चाहिए: भोग-विलास के व्यावहारिक मुद्दों को ईश्वरीय मानकों के अनुसार देखने की आवश्यकता है, ताकि चिह्नित उद्देश्य—यानी प्रभु के लिए देह और देह के लिए प्रभु—स्पष्ट हो सके।

केंद्रीय अर्थ

यह verses इस बात पर बल देता है कि भरण-पोषण के लिए भोजन और भोजन के लिए पेट—ये दोनों शारीरिक आवश्यकताएं हैं, परन्तु परमेश्वर समय आने पर इन दोनों को भी नष्ट कर देगा। परन्तु देह का उद्देश्य व्यभिचार नहीं है, बल्कि प्रभु के लिए और प्रभु देह के लिए है। इसका अभिप्राय यह है कि शरीर की प्राथमिक भूमिका केवल भौतिक भूख पूरी करना नहीं है, बल्कि यह प्रभु के क्षेत्र में एक पवित्र, समर्पित प्रयोग के लिए है। एक गहरे आध्यात्मिक क्रम में भौतिक वस्तुओं को ईश्वरीय उद्देश्य के साथ जोड़ा जाना चाहिए।

मुख्य थीम्स

  • शारीरिक प्रकृति और आत्मिक बुलाहट: भोजन-देह के लिए बनाम देह-प्रभु के लिए।
  • पृथ्वी के क्षणिक पदार्थ बनाम निरन्तर ईश्वरीय योजनाएं—">%परमेश्वर इसको और उसको दोनों को नाश करेगा%" का पेचिदा संकेत।
  • स्त्री-पुरुष सम्बन्ध और नियंत्रण: देह के उद्देश्यों को पवित्रता के साथ रखना।

अनुशासनात्मक और व्यावहारिक अनुप्रयोग

व्यावहारिक जीवन में इसका आशय है कि भोजन और शरीर के प्रयोग में अत्युक्ति से बचना, और साथ ही प्रकृति द्वारा मिली भौतिक आवश्यकताओं को प्रभु-उद्धार के उद्देश्यों के अनुरूप बनाते जाना। अगर हमारी खपत और व्यवहार प्रभु के लिए है, तो हम आत्म-नियंत्रण, पवित्रता, और प्रेमयुक्त प्रतिबद्धता के साथ समाज के लिए सम्मान और सुरक्षा बनाते हैं।

Related passages (संक्षिप्त परिचय)

- रोम 14:1-23: विश्वास-स्वतंत्रता और ईश्वर के प्रति प्रेम के बीच संतुलन।

- यूहन् 2:16: संसार की वस्तुओं के अस्थिरपन पर चेतावनी।

- कलिसी 3:5: देह के व्यभिचार से दूरी बनाए रखने की महत्त्वपूर्ण शिक्षा।

एक व्यावहारिक चिंतन

आज के समय में यह संदेश भोजन और देह के क्षेत्र में संतुलन के महत्व को उभारता है—हम जो खाते हैं, कैसे व्यवहार करते हैं, और कब नहीं, इन सभी का ईश्वर के संदर्भ में मूल्यांकन आवश्यक है। हमारे व्यक्तिगत निर्णय समाज में स्थायित्व और सम्मान बनाते हैं, क्योंकि देह प्रभु के लिए है और उसे पवित्र रखने से ही हमारी आस्था उजागर होती है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

1 कुरिन्थियों 6:13 में एक स्पष्ट क्रम है: शरीर के प्रयोग की प्राथमिकता प्रभु के लिए है, और वस्तुओं की अस्थिरता के बावजूद देह की पवित्रता बनाए रखना ईश्वर के kingdom-जीवन का मूल है।

Cross-references0–2

रोम 6:12–13 — देह के उद्धार के लिए संसार के प्रभावों से मोहभंग और आत्मा को देह के वास्तविक नियंत्रण देना। यह दर्शाता है कि हमारा प्रयोग कितना भीतर की प्रेरणा से चलता है।

1 थिस 4:3–5 — देह के पवित्र-जीवन को奪ने वाले भोग-विलासों से बचना और आत्मिक उद्धार के लिए पवित्रता बनाए रखना।

गल 5:16–17 — आत्मा की गति बनाम देह की चाहत का संघर्ष, जिसे संतुलित मार्ग से जीतना चाहिए।

उद्धरण संकेत: मूल टिप्पणीकारों के विशिष्ट उद्धरण—(यहां उपलब्ध होने पर) Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के शाब्दिक संक्षिप्त उद्धरण संदर्भित किये जा सकते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 कुरिन्थियों 6:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 कुरिन्थियों 6:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 6:19 (HINIRV) »
क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मन्दिर है*; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्‍वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?

1 कुरिन्थियों 3:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 3:16 (HINIRV) »
क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्‍वर का मन्दिर हो, और परमेश्‍वर का आत्मा तुम में वास करता है?

रोमियों 6:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 6:12 (HINIRV) »
इसलिए पाप तुम्हारे नाशवान शरीर में राज्य न करे, कि तुम उसकी लालसाओं के अधीन रहो।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें