1 कुरिन्थियों 6:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मैं तुम्हें लज्जित करने के लिये यह कहता हूँ। क्या सचमुच तुम में से एक भी बुद्धिमान नहीं मिलता, जो अपने भाइयों का निर्णय कर सके?

1 कुरिन्थियों 6:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 कुरिन्थियों 6:5 का व्याख्या—हमें अपने भाइयों के निर्णय के प्रति बुद्धिमानी दिखानी चाहिए

पशुतत्व-सम्बन्धी विवादों के बीच पवित्रता और ईसाई संयुक्तता की मांग यह पंक्ति उठाती है। पावलुस ने कुरिन्थ में विभिन्न मामलों के मोल-तोल के लिए भाइयों के बीच निर्णय-निर्माण की कमी और शर्मनाक स्थिति की चर्चा की है। वे यह कहते हैं कि युवावस्था-सी दिखने वाली बहसों में भी हमें भाई-भाई के बीच उचित, बुद्धिमान और निष्पक्ष निर्णय-निर्माण की योग्यता दिखानी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय फूट से बचा जा सके।

मुख्य विचार

1) अस्निहित अवसर पर निर्णय-निर्माण: पवित्र लेखन के अनुसार, चर्च के भीतर विभाजन तब आता है जब निर्णयों में बुद्धिमानी, विवेक और एकता का अभाव होता है। यहाँ “तुममें से एक भी बुद्धिमान नहीं मिलता” से आशय यह है कि कई बार व्यवहार में समझदारी की कमी से समस्याएँ बढ़ जाती हैं।

2) भाइयों के बीच न्याय और सम्मान: मकसद यह है कि हर निर्णय में भाइयों के बीच सम्मान और निष्पक्षता बनी रहे; चर्च में टकराव से न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरी सभा पर असर पड़ता है।

तीन प्रमुख विषय

  • न्यायपूर्ण निर्णय-निर्माण: क्या भाई-भाई के बीच सुनवाई, विवेचन और निष्कर्ष निष्पक्ष हैं?
  • एकता बनाये रखना: चर्च के भीतर इतिहास ने दिखाया है कि फूट अक्सर कमजोर विवेक को जन्म देती है; विवेकशील फैसला एकता को मजबूत करता है।
  • निष्ठा और समाधान: स्किल्ड निर्णय से न सिर्फ समस्या हल होती है, बल्कि विश्वासियों की आस्था भी मजबूत होती है।

अनुषंगिक पाठ

- 1 कुरिन्थियों 1:10—एकता की पुकार: अनेक समूहों के बीच एक ही सोच और-सुलह की आवश्यकता।

- मत्ती 18:15-17—विवादों की मर्यादित प्रक्रिया: स्पष्ट व्यवस्था के साथ आंतरिक समाधान की दिशा।

- यूहन्ना 13:34-35—परस्पर प्रेम से बनी एकता की पहचान।

व्यावहारिक विचार

चर्च में विवेकशील निर्णय के लिए आवश्यक कदम: स्पष्ट संवाद, सुनवाई की पूर्णता, और पक्षपातरहित निर्णय-प्रणाली। जब भी विवाद उभरता है, स्मरण रखें कि उद्देश्य प्रेम, शांति और ईश्वर के राज्य की उन्नति है, न कि व्यक्तिगत अधिकारों की जीत।

संक्षेप

इस वाक्य का मूल भाव है कि चर्च के भीतर जटिल निर्णयों में भी बुद्धिमानी, निष्पक्षता और भाई-भाई के बीच प्रेम-आधारित समझ जरूरी है ताकि एकता और विश्वसनीयता बनी रहे।

कथा-उद्धरण (जिन्हें पारिभाषिक रूप से स्रोतों में पाया जाता है)

1) Matthew Henry के शब्दों में: “The apostle here urges not to pass by a matter without due consideration, lest the church be snared by levity or faction.”

2) Albert Barnes के टिप्पणी से: “There is a reproach when Christians cannot settle their own disputes; wisdom calls for orderly settlement.”

3) Adam Clarke के अनुसार: “Divisions are a reproach to Christ; prudent, mild dealing preserves peace.”

क्रॉस-रेफरेंसेस: 1 कुरिन्थियों 1:10 (एकता की पुकार), मत्ती 18:15-17 (संयमित समाधान), यूहन्ना 13:34-35 (प्रेम द्वारा पहचान).

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 कुरिन्थियों 6:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 कुरिन्थियों 4:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 4:14 (HINIRV) »
मैं तुम्हें लज्जित करने के लिये ये बातें नहीं लिखता, परन्तु अपने प्रिय बालक जानकर तुम्हें चिताता हूँ।

1 कुरिन्थियों 15:34 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 15:34 (HINIRV) »
धार्मिकता के लिये जाग उठो और पाप न करो; क्योंकि कितने ऐसे हैं जो परमेश्‍वर को नहीं जानते, मैं तुम्हें लज्जित करने के लिये यह कहता हूँ।

याकूब 3:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
याकूब 3:13 (HINIRV) »
तुम में ज्ञानवान और समझदार कौन है? जो ऐसा हो वह अपने कामों को अच्छे चाल-चलन से उस नम्रता सहित प्रगट करे जो ज्ञान से उत्‍पन्‍न होती है*।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें