Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 यूहन्ना 2:1 1 यूहन्ना 2:2 1 यूहन्ना 2:3 1 यूहन्ना 2:4 1 यूहन्ना 2:5 1 यूहन्ना 2:6 1 यूहन्ना 2:7 1 यूहन्ना 2:8 1 यूहन्ना 2:9 1 यूहन्ना 2:10 1 यूहन्ना 2:11 1 यूहन्ना 2:12 1 यूहन्ना 2:13 1 यूहन्ना 2:14 1 यूहन्ना 2:15 1 यूहन्ना 2:16 1 यूहन्ना 2:17 1 यूहन्ना 2:18 1 यूहन्ना 2:19 1 यूहन्ना 2:20 1 यूहन्ना 2:21 1 यूहन्ना 2:22 1 यूहन्ना 2:23 1 यूहन्ना 2:24 1 यूहन्ना 2:25 1 यूहन्ना 2:26 1 यूहन्ना 2:27 1 यूहन्ना 2:28 1 यूहन्ना 2:29



1 यूहन्ना 2:19 पर टिप्पणी— "वे निकले तो हम में से ही, परंतु हम में से न थे"
पठन–ऊर्जा: इस व verse में प्रेरित यूहन्ना उन लोगों की बात कर रहे हैं जो ईसाई समुदाय से बाहर निकल गए थे। वे दिखावे में सहवादी थे पर वास्तविक परिवर्तन और स्थिर विश्वास के अभाव में थे। इस पाठ के पीछे उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि भाइयों-बहनों के समुदाय से दूरी बनाना जरूरी है ताकि विश्वास की एकता बनी रहे और सत्य का सिद्धांत स्थिर रहे।
पद का अवलंब– अध्याय के भीतर संदर्भ
1 यूहन्ना 2:19 कहता है कि वे निकले तो हमारे भीतर थे, पर हम में से नहीं थे; यदि वे वास्तव में हमारे साथ होते, तो उनके साथ रहते, पर वे निकले ताकि यह प्रगट हो कि वे हम में से नहीं हैं। यह स्पष्ट करता है कि समुदाय से बाहर जाने वाले व्यक्तियों के बारे में सतर्क रहना आवश्यक है ताकि बाइबल के भीतर की सच्ची आस्था और सहभागिता अक्षुण्ण रहे।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
कथा-सामयिक तुलनाएँ
- पर्याप्त अन्यत्र संदर्भ: यह विचार 1 यूहन्ना 1:6–7 तथा 3:6–10 से मेल खाता है जहाँ विश्वास और व्यवहार का मेल एक संकेत है कि व्यक्ति कितना सचेतन है।
- अतीत के कुछ भागों में भी पुराने नियम के समुदाय के भीतर सत्यनिष्ठा की परीक्षा का उल्लेख मिलता है कि कैसे विश्वास और आचरण एक साथ चलना चाहिए।
प्रयोग और व्यवहार
इस पाठ से हमें यह बोध होता है कि चर्च में स्थिर रहने के लिए व्यक्तिगत जीवन में सच्ची निष्ठा आवश्यक है। यदि कोई सदस्य बार-बार और जान-बूझकर भ्रम और गलत सिद्धांतों के साथ आता है, तो समुदाय की व्यवस्था के अनुसार उसे स्पष्टता और सुधार की आवश्यकता होती है। परिशुद्धता के साथ प्रेमपूर्ण दायित्व भी रहता है—न कि उन्माद या बहिष्कार के लिए पूर्वाग्रह।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
- योहन्ना 1:6–7: सत्य की दिखावट और जीवन के बीच संतुलन का परीक्षण।
- इब्रानी 3:14: विश्वास में स्थिर रहने की आवश्यकता।
- मत्ती 7:21–23: केवल करुणा-उत्पन्नता नहीं, बल्कि ईमानदार आचरण भी आवश्यक है।
संक्षिप्त अनुप्रयोग
संक्षेप सार
1 यूहन्ना 2:19 उन लोगों की पहचान दिखाता है जो बाहर निकलते हैं, यह दर्शाते हुए कि उनके भीतर वास्तविक आस्था नहीं रह जाती। यह पाठ हमें विश्वास और समुदाय की एकता की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने और प्रेमपूर्ण but स्पष्ट मानकों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
पूर्व-प्रेरणा उद्धरण (परिचयात्मक संदर्भ): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के समान मौलिक चित्रण इस पाठ के अर्थ को स्पष्ट करते हैं।
क्यों कि विशेष उद्धरण: उपलब्ध public-domain टिप्पणीकारों से संक्षेप उद्धरणों के रूप में अगर मिलें, वे नीचे का संदर्भ देंगे —
- "He went out from us, but they were not of us" प्रकार की व्याख्या के अनुरूप Henry/Barnes/Clarke के सारगर्भित विचारों का समावेश संभव है।