Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 यूहन्ना 2:1 1 यूहन्ना 2:2 1 यूहन्ना 2:3 1 यूहन्ना 2:4 1 यूहन्ना 2:5 1 यूहन्ना 2:6 1 यूहन्ना 2:7 1 यूहन्ना 2:8 1 यूहन्ना 2:9 1 यूहन्ना 2:10 1 यूहन्ना 2:11 1 यूहन्ना 2:12 1 यूहन्ना 2:13 1 यूहन्ना 2:14 1 यूहन्ना 2:15 1 यूहन्ना 2:16 1 यूहन्ना 2:17 1 यूहन्ना 2:18 1 यूहन्ना 2:19 1 यूहन्ना 2:20 1 यूहन्ना 2:21 1 यूहन्ना 2:22 1 यूहन्ना 2:23 1 यूहन्ना 2:24 1 यूहन्ना 2:25 1 यूहन्ना 2:26 1 यूहन्ना 2:27 1 यूहन्ना 2:28 1 यूहन्ना 2:29



सीधे अर्थ का सार
1 यूहन्ना 2:17 में कहा गया है कि संसार और उसकी अभिलाषाएँ क्षणभंगुर हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वही स्थिर और असल जीवन पाता है। यह वचन पृथ्वीवादी आकर्षणों के अस्थायित्व को उजागर करता है और विश्वासयोग्य के जीवन में दृढ़ता के स्रोत के रूप में परमेश्वर-इच्छा की स्थिरता को रेखांकित करता है।
पृष्टभूमि और संदर्भ
यह पत्र प्राचीन ईसाई समुदाय को लिखी गई एक शिक्षाप्रद चिट्ठी है जहाँ लेखक एक घराने के भीतर विश्वास-स्थिरता, सूझ-बूझ और किताबी चेतना पर बल देता है। चौथे अध्याय के पहले भागों में सत्य-प्रकाश और प्रेम के साथ-साथ संसार-जीवन की प्रवृत्तियों का विरोध आता है। इस पंक्ति में संसार से मोह और उसकी अभिलाषाओं की अस्थिरता बताकर स्थिर विश्वास की आवश्यकता बताई गई है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य विचार (Theme)
संबद्ध अंशों के संक्षिप्त संबंध (Cross-references)
संरेखित संदर्भ इस प्रकार हैं:
प्रयोजक निष्कर्ष
जो व्यक्ति ईश्वर की इच्छा पर चलता है, उसे संसार की क्षणिक खुशी की बजाय परमेश्वर के जीवन का स्थायित्व मिलता है। यह पाठय है कि भक्त को अपने भीतर संसार की अभिलाषाओं के अलावा ईश्वर के उद्देश्य को प्रमुख रखना चाहिए, विशेषकर दैनिक निर्णयों में—पढ़ना, प्रार्थना, और प्रेमपूर्ण व्यवहार में।
हिंदी commentary के संक्षेप बिंदु
यह आयत हमें यह स्मरण कराती है कि असत्य-संसार की चमक समय के साथ फीकी पड़ जाती है, जबकि परमेश्वर की इच्छा पर चलना अन्ततः शांति और दृढ़ता देता है। मार्गदर्शक विचारधारा के रूप में एंटन-नियत, आध्यात्मिक भक्ति और नैतिक एकता पर जोर बनता है ताकि विश्वासयोग्य हर दिन प्रभु के साथ स्थिर बना रहे।
उद्धरण-आधार संकेत (Public-domain कथन)
मैथ्यू हेनरी, एल्भर्ट बर्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी-सार उनके शब्दों के संग केवल संदर्भ के लिए शामिल हैं। नीचे पहली पंक्ति के सार को—जो इस पवित्र-वचन के गहन अर्थ को सरल बनाती है—स्वीकार्य है:
“परमेश्वर की इच्छा पर चलना ही स्थिर जीवन है; संसार की अभिलाषाएं क्षणिक हैं।’”
नोट: ऊपर दी गयी पंक्तियाँ परिशिष्ट उद्धरण के रूप में प्रशंसित टिप्पणीकारों के संक्षिप्त सार हैं, यदि उपलब्ध हों तो पूर्ण पाठ उद्धरण के रूप में नहीं दिए गए हैं।