Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 यूहन्ना 2:1 1 यूहन्ना 2:2 1 यूहन्ना 2:3 1 यूहन्ना 2:4 1 यूहन्ना 2:5 1 यूहन्ना 2:6 1 यूहन्ना 2:7 1 यूहन्ना 2:8 1 यूहन्ना 2:9 1 यूहन्ना 2:10 1 यूहन्ना 2:11 1 यूहन्ना 2:12 1 यूहन्ना 2:13 1 यूहन्ना 2:14 1 यूहन्ना 2:15 1 यूहन्ना 2:16 1 यूहन्ना 2:17 1 यूहन्ना 2:18 1 यूहन्ना 2:19 1 यूहन्ना 2:20 1 यूहन्ना 2:21 1 यूहन्ना 2:22 1 यूहन्ना 2:23 1 यूहन्ना 2:24 1 यूहन्ना 2:25 1 यूहन्ना 2:26 1 यूहन्ना 2:27 1 यूहन्ना 2:28 1 यूहन्ना 2:29



1 यूहन्ना 2:28 का संदर्भ और पाठानुसार व्याख्या
प्लसिंग: पहला यूहन्ना प्रेरित ने यीशु मसीह के विश्वासियों को इस दुनिया में जीवित रहने और समुदाय में दृढ़ रहने का निमंत्रण दिया है। इस पद से पहले के अनुभागों में प्रबल प्रेम, सत्य और पहचान की बात चली है। यह वचन बालकों को यह याद दिलाता है कि जब मसीह प्रगट होंगे, तब भी वे दृढ़ विश्वास, जागरूकता और भरोसे के साथ खड़े रहें ताकि उनके सामने शर्मिंदा न हों।
मुख्य अर्थ
पद कहता है: "अतः हे बालकों, उसमें बने रहो; कि जब वह प्रगट हो, तो हमें साहस हो, और हम उसके आने पर उसके सामने लज्जित न हों।" इसका तात्पर्य है— मसीह के प्रत्यक्ष प्रकट होने पर हमारे व्यवहार, विश्वास और आशा को प्रखर ढंग से दिखना चाहिए। जो प्रेम से भरे थे और जो सत्य में ठहरते हैं, वे उस समय साहस से आगे बढ़ेंगे, न कि लज्जित होंगे। यह पहले आते हुए विश्वास की स्थिरता और आजीवन वफादारी का प्रमाण है।
तीन प्रमुख विषय
संबद्ध ग्रंथ-संदर्भ (cross-references)
ये सभी संदर्भ दिखाते हैं कि कैसे विश्वास के वास्तविक कर्म, प्रेम और सत्य के साथ जीवन जीना, मसीह के आगमन के समय हमारे लिए साहस और गरिमा का आधार बनता है।
व्यावहारिक चिंतन
- अपनी सोच और व्यवहार को ताकि मसीह के आने पर हम निर्भय रहें, एक ठोस आचरण-रेखा बनाएं: ईमानदार प्रार्थना, दयालु कार्य, और पवित्र जीवन की छोटी-छोटी आदतें।
- यदि आप कठिनाइयों में हैं, तो प्रेम के आश्रय और सत्य के पथ पर टिके रहने का संकल्प पुनः लें, यह दिखाने के लिए कि आप विश्वास में मजबूत हैं।
- समुदाय के भीतर प्रेम और नम्रता से जीना, ताकि परोपकार से आपका जीवन दूसरों के लिए ज्ञात हो और मसीह के आने की प्रतीक्षा में आपका योगदान स्पष्ट हो।
संक्षिप्त निष्कर्ष
1 यूहन्ना 2:28 हमारे लिए एक आह्वान है: मसीह में बना रहना, ताकि जब वह प्रगट हों, हमारा जीवन साहस और शुद्धता से भरा हो। यह केवल भविष्य की आशा नहीं, बल्कि आज की नैतिक तैयारी और प्रेमपूर्ण क्रिया-कलाप का परिणाम है, जिससे हम उस दिन के महत्व को सही दिशा में स्वीकार कर पाएँ।
नोट: इस पवित्र पद के लिए वर्णित प्रसिद्ध टिप्पणीकारों से संकलित विचार—Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke आदि के संक्षिप्त सार उनके समानुपातिक प्रकाश में सम्मिलित हैं, ताकि पाठक को समग्र दृष्टि मिले। कोई पूर्ण उद्धरण यहाँ नहीं दिया गया है, किन्तु उनकी प्रमुख विचारधारा नीचे बताए गए तत्वों में परिलक्षित है।