Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 यूहन्ना 2:1 1 यूहन्ना 2:2 1 यूहन्ना 2:3 1 यूहन्ना 2:4 1 यूहन्ना 2:5 1 यूहन्ना 2:6 1 यूहन्ना 2:7 1 यूहन्ना 2:8 1 यूहन्ना 2:9 1 यूहन्ना 2:10 1 यूहन्ना 2:11 1 यूहन्ना 2:12 1 यूहन्ना 2:13 1 यूहन्ना 2:14 1 यूहन्ना 2:15 1 यूहन्ना 2:16 1 यूहन्ना 2:17 1 यूहन्ना 2:18 1 यूहन्ना 2:19 1 यूहन्ना 2:20 1 यूहन्ना 2:21 1 यूहन्ना 2:22 1 यूहन्ना 2:23 1 यूहन्ना 2:24 1 यूहन्ना 2:25 1 यूहन्ना 2:26 1 यूहन्ना 2:27 1 यूहन्ना 2:28 1 यूहन्ना 2:29



1 यूहन्ना 2:29 — धर्मी से जन्मा होना
पद का सीधा सेटिंग यह है कि यूहन्ना ने विश्वासियों को एक सुसंगत जीवन-आचरण की प्रेरणा दी: जो लोग ईश्वर की धार्मीकता को जान लेते हैं, वे जानते हैं कि जो कोई धर्मी है, वह उससे जन्मा है। यह कथन धर्मिता और जन्म-नवीणता के संबंध को उजागर करता है—यानी नई जन्म के परिणामस्वरूप जीवन में आकार लेने वाला आचरण।
ईश्वरीय पात्रता और विश्वास का संकेत
आयत हमें यह बताती है कि भगवान धर्मी हैं और जो धर्मी का काम करता है, वह उसी से जन्मा है। इसका आशय यह है कि ईश्वर की ऐसी प्रकृति में ही परिवर्तन उत्पन्न होता है कि आया जन्म नई प्रवृत्ति—धर्म-संस्थापन, प्रेम, सत्य और नैतिकता—में परिणाम देता है। जो ईश्वर के साथ नया जीवन पाता है, उसकी क्रिया-प्रवृत्ति भी धर्मी ढंग की होनी चाहिए।
महत्त्वपूर्ण शब्दार्थ और चित्र
अन्य संबंधित घोषणाएँ
इस विषय पर नीचे दिए गये दार्शनिक बिंदु अन्य जगहों में भी दिखते हैं:
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत मात्र, पूर्ण वचन नहीं)
लगभग संबद्ध विचार: यहूदियों के कर्म के साथ विश्वास का संबंध दर्शाते अन्य verses किसी-किसी स्थान पर धर्मी होने के प्रमाणों के रूप में उद्धृत होते हैं, ताकि विश्वास-जीवन की क्रिया स्पष्ट हो सके।
आज के युग में अनुप्रयोग
1 यूहन्ना 2:29 हमें यह सीख देता है कि ईश्वर के साथ जन्म लेने के पीछे एक विशिष्ट जीवन शैली उभरती है—निष्ठा, सत्य और प्रेम-आचरण। यदि आप अनुभव करते हैं कि आपका जीवन धर्मी ढंग से संचालित हो रहा है, तो यह संकेत है कि आप ईश्वर से जन्मे हैं। यदि असत्य, अर्ध-धर्मी रुझान अधिक दिखते हैं, तो यह आह्वान है कि आत्मा-परिवर्तन के लिए परमेश्वर के पास लौटना चाहिए।
महत्वपूर्ण उद्धरण (सीधे शब्दों में)
इस पाठ के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे शब्द नहीं दिए गए हैं; परंतु इन पंडितों के सामान्य विचार इस प्रकार के संदेश को सुदृढ़ करते हैं: धर्मी जीवन वही है जो आस्था-प्रभाव से परिपुष्ट हो और जो परमेश्वर के जन्म के परिणामस्वरूप प्रकट होता है।