Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 यूहन्ना 2:1 1 यूहन्ना 2:2 1 यूहन्ना 2:3 1 यूहन्ना 2:4 1 यूहन्ना 2:5 1 यूहन्ना 2:6 1 यूहन्ना 2:7 1 यूहन्ना 2:8 1 यूहन्ना 2:9 1 यूहन्ना 2:10 1 यूहन्ना 2:11 1 यूहन्ना 2:12 1 यूहन्ना 2:13 1 यूहन्ना 2:14 1 यूहन्ना 2:15 1 यूहन्ना 2:16 1 यूहन्ना 2:17 1 यूहन्ना 2:18 1 यूहन्ना 2:19 1 यूहन्ना 2:20 1 यूहन्ना 2:21 1 यूहन्ना 2:22 1 यूहन्ना 2:23 1 यूहन्ना 2:24 1 यूहन्ना 2:25 1 यूहन्ना 2:26 1 यूहन्ना 2:27 1 यूहन्ना 2:28 1 यूहन्ना 2:29



संक्षिप्त अर्थ
1 यूहन्ना 2:25 का मूल संदेश है कि परमेश्वर ने हमें जो प्रतिज्ञा दी है, वह अनन्त जीवन है। यह परम विश्वासियों के लिए सुरक्षा और आश्वासन का स्रोत है: हमारी आस्था उसी प्रतिज्ञा के अनुकूल है जो ईश्वर ने आत्मीयता से की है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पत्र प्रेरित यूहन्ना द्वारा लिखा गया है ताकि विश्वासियों के भीतर सुरक्षा और सत्य की गवाही बनी रहे। जिस आख्यान में हम पढ़ते हैं, वह न केवल ईमान का आधार है बल्कि यह भी संकेत करता है कि बाइबल की प्रतिज्ञाएँ वास्तविक हैं और हमें परमेश्वर के प्रेम में दृढ़ बनाए रखती हैं। यहाँ अनन्त जीवन एक भविष्य का लक्ष्य नहीं, बल्कि परमेश्वर के स्वभाव के साथ हमारा वर्तमान संबंध है जो विश्वास के द्वारा प्रगट होता है।
व्याख्या के बिंदु
कुछ कठोर विचार (सूचना-संक्षेप)
- यह प्रतिज्ञा एक व्यक्तिगत, परस्पर संबंध की पुष्टि है; ईश्वर हमारे साथ है।
- अनन्त जीवन का अनुभव अभी से शुरू हो सकता है, जब हम अपने दावे के अनुसार विश्वास रखते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप में और उनका संबंध)
यहोवा के उद्देश्यों के साथ अन्य प्रतिक्रियाएँ: - कई प्रेरित लेखों में अनन्त जीवन का विधान विश्वास के कार्य के साथ जुड़ा है (उच्च विश्वास के परिणामस्वरूप जीवन की गवाही) — यह पुष्टि करता है कि जीवन और प्रतिज्ञा एक साथ चलते हैं।
सन्निकटनिक निष्कर्ष
जो विश्राम हमें मिलता है वह यह है कि ईश्वर ने जो जीवन हमें दिया है, वह हमारे कर्मों से नहीं, बल्कि उसकी प्रेम-प्रतिज्ञा से संचालित है। एक विश्वासयोग्य जीवन के लिए यही सबसे मजबूत आधार है: अनन्त जीवन अब और अभी; यह ईश्वर के साथ हमारे संबंध की स्थायित्वपूर्ण गवाही है।