Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 शमूएल 1 1 शमूएल 2 1 शमूएल 3 1 शमूएल 4 1 शमूएल 5 1 शमूएल 6 1 शमूएल 7 1 शमूएल 8 1 शमूएल 9 1 शमूएल 10 1 शमूएल 11 1 शमूएल 12 1 शमूएल 13 1 शमूएल 14 1 शमूएल 15 1 शमूएल 16 1 शमूएल 17 1 शमूएल 18 1 शमूएल 19 1 शमूएल 20 1 शमूएल 21 1 शमूएल 22 1 शमूएल 23 1 शमूएल 24 1 शमूएल 25 1 शमूएल 26 1 शमूएल 27 1 शमूएल 28 1 शमूएल 29 1 शमूएल 30 1 शमूएल 31Verse
1 शमूएल 1:1 1 शमूएल 1:2 1 शमूएल 1:3 1 शमूएल 1:4 1 शमूएल 1:5 1 शमूएल 1:6 1 शमूएल 1:7 1 शमूएल 1:8 1 शमूएल 1:9 1 शमूएल 1:10 1 शमूएल 1:11 1 शमूएल 1:12 1 शमूएल 1:13 1 शमूएल 1:14 1 शमूएल 1:15 1 शमूएल 1:16 1 शमूएल 1:17 1 शमूएल 1:18 1 शमूएल 1:19 1 शमूएल 1:20 1 शमूएल 1:21 1 शमूएल 1:22 1 शमूएल 1:23 1 शमूएल 1:24 1 शमूएल 1:25 1 शमूएल 1:26 1 शमूएल 1:27 1 शमूएल 1:28



1 शमूएल 1:8 — संदर्भ और अर्थ
इस पद में हन्ना की पीड़ा पन्ना के अलावा भी व्यथित प्रतीत होती है, और एल्काना उसका दुख समझते हुए उसे संबल देते हैं। इस समय हन्ना पति के प्रति अपनी शंका, विलाप और अवसाद व्यक्त कर रही है, जबकि उसका पति उसे सुरक्षा और प्रेम के साथ संबोधित करता है। इतिहासकारों के अनुसार इब्रानी समाज में पत्नी-रुचि और गर्भधारण-जादू जैसी आशाओं का एक महत्वपूर्ण दबाव था; इस संदर्भ में यह प्रश्न कि “क्या तेरे लिये मैं दस बेटों से भी अच्छा नहीं हूँ?” प्रेम के साथ भीतरी चोट की आवाज उठती है।
केंद्रीय अर्थ
पद यह दर्शाता है कि विनती और निराशा के समय परिवार का सहारा चाहिए होता है। एल्काना का प्रश्न, यदि उसे संजोए हुए प्रेम के साथ कहा गया हो, तो भी हन्ना के मन की चोट को न समझ पाए जाने की भावनात्मक दूरी को प्रकट करता है। यह दृश्य न केवल एक महिला की व्यक्तिगत पीड़ा है, बल्कि प्रार्थना और आशीष के लिए उसे मिले आंतरिक संघर्ष की शुरुआत है, जो आगे चलकर एक प्रेरक विश्वास-कथा बन जाएगी।
तीन प्रमुख विषय
संबंधित आयतें (क्रॉस-रेफरेंसेस)
नोट: उपरोक्त उल्लेखित क्रॉस-रेफरेंसेस के पाठ को संक्षेप में लिया गया है; पूर्ण पंक्तियाँ नहीं दी गईं हैं, ताकि पाठ का मूलभाव सुरक्षित रहे।
व्यावहारिक चिंतन
इस verses से हमें यह सबक मिलता है कि पारिवारिक रिश्तों में संवेदना और धैर्य कितनी महत्त्वपूर्ण हैं। कठिन समय में प्रेम के साथ समझना चाहिए कि हर सदस्य के आंतरिक दर्द की भी अपनी कहानी होती है।तत्काल उत्तर या तर्क-वितर्क से पहले एक गहरी सुनवाई और आश्वासन देना चाहिए—जैसे एल्काना ने अहसास दिलाने की कोशिश की, हालांकि उसका तरीका पूर्ण नहीं था। भविष्य के लिए पाठ यह है कि संकट के समय प्रभु के प्रति आस्था और प्रार्थना की मांग बढ़ती है, न कि अवसाद और विवशता।
संक्षिप्त समापन
1 शमूएल 1:8 में हन्ना के विस्मयपूर्ण दुःख के बीच एल्काना का प्रेमपूर्ण, परन्तु अपर्याप्त आश्वासन भावनात्मक दूरी का संकेत देता है। यह दृश्य आगे आस्था की यात्रा के आरम्भ को स्थापित करता है, जब प्रार्थना और परमेश्वर की कृपा से नया जीवन और नई आशा उभरती है।