1 शमूएल 18:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब उसके कर्मचारियों ने दाऊद को ये बातें बताईं, तब वह राजा का दामाद होने को प्रसन्‍न हुआ। जब विवाह के कुछ दिन रह गए*,

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1 शमूएल 18:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ की घोषणा

1 शमूएल 18:26 में कहा गया है कि दाऊद के बारे में उसके कर्मचारियों ने राजा डेविड के प्रति उसकी स्थिति स्पष्ट कर दी। जब यह बात राजा सुलैमान नहीं, बल्कि राजा के दामाद होने की संभावना पर पहुँचती है, तो दाऊद प्रसन्न हुआ; विवाह की तिथि नजदीक थी, और यह संकेत था कि उसकी विश्वसनीयता और राजा के साथ सम्बन्ध मजबूत हो रहे थे।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह कथन दाऊद और शीबा (या पहला शामूएल के समय) के बीच की राजनीतिक-व्यवहारिक चपलता को दर्शाता है। दाऊद ने पहले ईश्वरीय चयन के बाद भी मानवीय रिश्तों में एक कदम उठाने की दिशा अपनाई और घर-परिवार के भीतर प्रतिष्ठा पाने लगा। इस पंक्ति के भीतर राजा के दामाद बनना दाऊद की सामाजिक स्थिति और राज्य-कार्य में सहभागिता की मजबूत पुष्टि है।

व्याख्यात्मक विचार

  • कर्मचारियों की सूचना पर प्रसन्न होना: दाऊद की सफलता केवल वीरता या युद्ध कौशल से नहीं, बल्कि शासक-सम्बंधों के साथ संतुलित आचरण से भी मापी जाती है।
  • विवाह का संकेत: विवाह आधुनिक संदर्भों में भी एक सामाजिक-सुरक्षा जाल को दर्शाता है—राजसी परिवार के भीतर स्थिरता और विश्वास।
  • नजदीकी तिथि: चूंकि विवाह के कुछ दिन शेष थे, यह संकेत देता है कि दाऊद अभी भी एक युवा नेता के रूप में उभर रहा है, जो अपने हित से ऊपर समुदाय के हित को देखते हैं।

कथा से जुड़े अनुभूति-आइटम

इस पाठ के साथ विचार करें: कैसे किसी की स्वीकृति और सामाजिक कर्तव्य एक साथ चलते हैं? दाऊद के लिए यह एक संकेत था कि उसका भविष्य ईश्वरीय योजना के भीतर है और मानव-सम्बन्ध उसे सुरक्षित बनाते हैं।

प्राथमिक संदर्भ-वैचारिक लिंक

यहोशू 1:8 — पवित्रशास्त्र के साथ जीवन बिताने की प्रेरणा: प्रभु के नियमों को मन में न जाने दें; यह स्थिरता और नेतृत्व की कुंजी है।

1 समूएल 18:1-3 — दाऊद और साऊल का संबंध कैसे विकसित हुआ, और क्यों दाऊद ने मित्रता-बंध को मान्यता दी।

2 शमूएल 5:12 — दाऊद की राजधानी और राजसी प्रतिष्ठा के साथ राज्य-व्यवस्था को मजबूत करना.

संक्षिप्त नीतिगत takeaway

  • स्वीकृति से पहले सिद्धांत और नैतिकता पर विचार रखना बुद्धिमत्ता है—क्योंकि रिश्ते सार्वजनिक जीवन की दिशा तय करते हैं।

समापन में, यह वचन दाऊद की बढ़ती प्रतिष्ठा का संकेत है—न केवल युद्ध-शकति, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक सम्बन्धों के क्षेत्र में भी उसका प्रभाव।

डिस्क्लेमर उद्धरण (जहां उपलब्ध हों)

इस पाठ के समालोचनात्मक भागों में मैथ्यू हेनरी, अelfeld Barnes, या Adam Clarke के सीधी उद्धरण पूरी पंक्तियों में उद्धृत नहीं किए गए; यदि आवश्यक हो, तो संछिप्त प्रेरक विचारों के तौर पर उनके सामान्य दृष्टी-कोण शामिल किए जाते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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शाऊल तो सोचता था, कि वह उसके लिये फंदा हो, और पलिश्तियों का हाथ उस पर पड़े। और शाऊल ने दाऊद से कहा, “अब की बार तो तू अवश्य ही मेरा दामाद हो जाएगा।”

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