Old Testament
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पर्याय: 1 शमूएल 18:5 (HINIRV)
ईश्वर की दृष्टि से धर्म और विश्वास
यह पद-निर्वहन दिखाता है कि ईश्वर की योजना में बहुमुखी योग्यता और नैतिक चरित्र का मेल जरूरी है। दाऊद की बुद्धिमानी सरलता नहीं, बल्कि परमेश्वर से मिलने वाले अनुग्रह का परिणाम है—यानी साहस, सम्मान और कर्तव्य के साथ काम करना। शाऊल के शासनकाल में ऐसे नेतृत्व की कमी नहीं थी, पर दाऊद की यह नियुक्ति यह संकेत है कि ईश्वर ऐसे कार्यवाहों को बढ़ावा देता है जो अपने कर्मों से समाज में शांति और भरोसा स्थापित करें।
प्रमुख शब्द और चित्रार्थ
बुद्धिमानी کے साथ काम—यह न केवल रणकौशल है, बल्कि चरित्र-आधारित निर्णय लेने की क्षमता है, जिसमें नैतिक सत्य और कूटनीतिक विवेक दोनों सम्मिलित हैं। योद्धाओं का प्रधान—एक ऐसी पदवी जो सुरक्षा, संगठन और प्रेरणा का प्रतीक है; यह दर्शाती है कि राजनीति और युद्ध दोनों क्षेत्र में सुसंगत नेतृत्व आवश्यक है।
कथा-सम्बन्धी अन्य आयत
• 1 शमूएल 16:18— डाक-ध्वनि के रूप में दाऊद का चयन और परमेश्वर का समर्थन; उसकी विद्वत्ता और संघर्ष-शक्ति की पुष्टि।
• 1 शमूएल 17:45–47— दाऊद की आचरण-शैली और विश्वास की ठोस नींव; यह दिखाता है कि उसका साहस ईश्वर पर उसकी निर्भरता से आता है।
• 1 शमूएल 18:9— शाऊल की भय और असुरक्षा का संकेत; दाऊद की उन्नति पर उसका मन-मैला प्रभाव।
आज के लिए आवेदन
मूल पाठ के उद्धरण-रचना
यह अनुभाग में हमने Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पूर्ण उद्धरणों का संक्षिप्त सार नहीं दिया है, पर अगर आप चाहेंगे तो मैं विशिष्ट टिप्पणी-रेखाओं से संक्षिप्त, संदर्भ-संरक्षित उद्धरण दे सकता हूँ।
संक्षेप सार
1 शमूएल 18:5 में दाऊद की बुद्धिमानी और शाऊल के साथ उसका बढ़ता सहयोग रहा। यह क्षण दिखाता है कि परमेश्वर उन personnes को अवसर देता है जो सत्य, निर्भीकता, और सेवाभाव से समुदाय का नेतृत्व कर सकें।
Cross-references explained briefly: - 1 शमूएल 16:18: दाऊद की प्रारम्भिक पहचान और परमेश्वर के समर्थ, भविष्य-नायक के रूप में चयन। - 1 शमूएल 17:45–47: दाऊद का विश्वास-आधारित वीरत्व और परमेश्वर पर निर्भरता। - 1 शमूएल 18:9: शाऊल की असुरक्षा और दाऊद की उन्नति के बीच तनाव के संकेत।