1 शमूएल 31:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब उन्होंने उनकी हड्डियां लेकर याबेश के झाऊ के पेड़ के नीचे गाड़ दीं, और सात दिन तक उपवास किया*।

पिछला पद
« 1 शमूएल 31:12
अगला पद
2 शमूएल 1:1 »

1 शमूएल 31:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का सीधा सार

1 शमूएल 31:13 में कहा गया है कि इजरायल के योद्धाओं की हत्या के बाद पुरुष और उनके जीवित रिश्तेदारों ने Saul और उसकी पुत्री की स्मृति के साथ एक अत्यंत गम्भीर शोक-प्रकाश दिखाया: वे शवों के साथ जुड़कर और हड्डियाँ सम्हाल कर याबेश के झाऊ के नीचे गाड़ दीं, और सात दिन तक उपवास किया। इस क्रिया में शोक, सम्मान और क़ायदे के अनुसार मरहूमों की गरिमा पर जोर दिखता है।

संदर्भ-परिप्रेक्ष्य

यह उद्धृत घटना फिलिस्तीनी युद्ध-पटल के अंत की घटनाओं से जुड़ी है। युद्ध में इज़राइल के राजा सौल और उसके तीन पुत्र मारे जाते हैं, और उनके शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम क्रिया के लिए किया गया। सात दिन तक उपवास रखना एक सामान्य शोक-संकेत है, जो दुख के गहरे अनुभव और आत्म-नियमन की मानक प्रथा को दर्शाता है।

व्याख्या-बिंदु

  • सम्पत्ति-सम्हालना बनाम देह-शोधन: मृत लाशों को लेने और उनके हड्डियों को सम्हालना, शोक के साथ-साथ सात्विक सम्मान का प्रदर्शन है—परिवार और समुदाय की दायित्वबद्धता।
  • आत्मिक स्मरण: यह प्रथागत क्रिया यह बताती है कि राजा सौल और उसकी पुत्री की मृत्यु ने परिवार के सदस्यों के लिए एक गहरा आघात कायम किया है, जिसके कारण वे एक साथ उपवास करते हैं।
  • शोक-उद्धार की परंपरा: सात दिन तक उपवास, कठोर दुख का प्रतीक है और वीर-शोक की एक मानसिक प्रक्रिया है जिसमें भेंट-पूर्ण स्मरण और भविष्य के लिए संतुलन स्थापित करने की कोशिश होती है।

संबद्ध पद (Cross-references) :

• 2 शमूएल 1:11-12 — डोमिनेंट दुख और राजा के प्रचार से जुड़ा दर्द; वीर-शोक की सार्वजनिक अभिव्यक्ति।

• निर्गमन 12:14 — उपवास और स्मरण-उत्सव के समय की आधुनिक परंपराओं से प्रेरित मानसिकता का संकेत।

• 1 समूएल 31:10-12 — शव-गाड़ने की क्रिया का समापन और परिवार-समुदाय का एकजुट होना।

स्वर-सार और व्यावहारिक पाठ

इस पद में शोक की गहराई दिखती है—जीवन के क्षणिक और अपूरणीय नुकसान के सामने परिवार और समुदाय का संयुक्त दायित्व। यह याद दिलाता है कि शोक मानवीय अनुभव का भाग है, और स्मृति में जीवन की गरिमा बनाए रखना ही सच्चे सम्मान का समीपस्थ उपाय है।

टिकी हुई थीम

  • मरने पर सम्मान और परिवारिक दायित्व
  • शोक की सार्वजनिक अभिव्यक्ति
  • याद और स्मृति के माध्यम से जीवन का मूल्यांकन

विशिष्ट टिप्पणी (एकोई अनुमोदन-उद्धरण)

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसी सार्वजनिक डोमेन टीकाओं में से एक-एक के हिमायत-उद्धरण सार इस प्रकार आत्म-संगत रूप में संदर्भ-उद्धृत नहीं किए गए बल्कि उनकी सामान्य अंतर्दृष्टियाँ मिलकर एक एकीकृत व्याख्या में निहित की गई हैं।

निष्कर्ष रूप में, इस verses को पढ़ते समय हमें यह समझना चाहिए कि शोक केवल दुख नहीं है, बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है जो परिवार और समुदाय को एकजुट रखती है, और मरहम-भाव के साथ स्मृति को स्थायित्व देती है। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि गरिमा और श्रद्धा के साथ जीवन के क्षय को स्वीकार करना और उस क्षति के बावजूद समुदाय की एकता बनाए रखना मानवीय वैश्विक मूल्य है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 31:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 50:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 50:10 (HINIRV) »
जब वे आताद के खलिहान तक, जो यरदन नदी के पार है, पहुँचे, तब वहाँ अत्यन्त भारी विलाप किया, और यूसुफ ने अपने पिता के लिये सात दिन का विलाप कराया।

2 शमूएल 21:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 21:12 (HINIRV) »
तब दाऊद ने जाकर शाऊल और उसके पुत्र योनातान की हड्डियों को गिलादी याबेश के लोगों से ले लिया, जिन्होंने उन्हें बेतशान के उस चौक से चुरा लिया था, जहाँ पलिश्तियों ने उन्हें उस दिन टाँगा था, जब उन्होंने शाऊल को गिलबो पहाड़ पर मार डाला था;

1 शमूएल 22:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 22:6 (HINIRV) »
तब शाऊल ने सुना कि दाऊद और उसके संगियों का पता लग गया हैं उस समय शाऊल गिबा के ऊँचे स्थान पर, एक झाऊ के पेड़ के नीचे, हाथ में अपना भाला लिए हुए बैठा था, और उसके सब कर्मचारी उसके आस-पास खड़े थे।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें