Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 3:1 2 राजाओं 3:2 2 राजाओं 3:3 2 राजाओं 3:4 2 राजाओं 3:5 2 राजाओं 3:6 2 राजाओं 3:7 2 राजाओं 3:8 2 राजाओं 3:9 2 राजाओं 3:10 2 राजाओं 3:11 2 राजाओं 3:12 2 राजाओं 3:13 2 राजाओं 3:14 2 राजाओं 3:15 2 राजाओं 3:16 2 राजाओं 3:17 2 राजाओं 3:18 2 राजाओं 3:19 2 राजाओं 3:20 2 राजाओं 3:21 2 राजाओं 3:22 2 राजाओं 3:23 2 राजाओं 3:24 2 राजाओं 3:25 2 राजाओं 3:26 2 राजाओं 3:27



अर्थ का संक्षेप
2 राजाओं 3:15 में कहा गया है कि राजा योरम के युद्ध-पथ में एक बजानेवाला लाने के निर्देश से ईश्वरीय शक्ति एलिशा पर उतरती है; यह दर्शाता है कि मंचन और आध्यात्मिक सत्ता के बीच का विनिमय तब शक्तिशाली रूप से क्रियाशील हुआ जब यकीन और पूजा-आवाज एक साथ थे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह अध्याय यकि की तीन राज्य-शासन का संग्राम है: योराम, यहोशफात और ईलशाल। एलिशा निष्क्रिय युद्ध-कार्य में एक धैर्यपूर्ण रणनीतिक मार्गदर्शक है; परन्तु युद्ध-यात्रा के दौरान एक बजानेवाला बुलवाने की घटना यह दर्शाती है कि आराधना और दुआ के साथ परमेश्वर की शक्ति कैसे प्रकट होती है। बजानेवाला की ध्वनि एक आध्यात्मिक अनुराग का प्रवेश-चिह्न है; और यह कहता है कि परमेश्वर की प्रेरणा, भक्ति और समान रूप से एकजुटता से युद्ध के पथ पर प्रभाव डालती है।
व्याख्यात्मक बिंदु
मैथ्यू हेनरी, एलबर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क से संबद्ध विचार
इन पुराने सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के सामान्य मार्गदर्शन के अनुसार, यह घटना परमेश्वर की साधारण गवाही और विश्वसनीय नेतृत्व की मांग को दर्शाती है। एलबर्ट बार्न्स टिप्पणी करते हैं कि परमेश्वर की शक्ति तब प्रकट होती है जब ईमानदार प्रार्थना और उपासना के माध्यम से हमारा आत्मा ईश्वर के पलकों पर निर्भर रहता है। (संकेत) एडम क्लार्क इस घटना को एक संकेत के रूप में देखते हैं कि ईश्वर का आदेश मानना और उसकी महिमा के लिए साधना सन्निकट होकर भी अत्यंत प्रभावी होती है। जब बजाने वाला बजाता है, तो यह एक आध्यात्मिक संक्रमण का संकेत है, न कि केवल एक कलात्मक उपक्रम। यदि किसी पाठ में कोई प्रत्यक्ष उद्धरण दिया गया हो, तो नीचे उल्लेखित है: "अब कोई बजानेवाला मेरे पास ले आओ" (यह वाक्यांश पवित्र ग्रंथ के भीतर संरक्षित शैली को दर्शाता है)।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप explanations)
संघर्षशील समय में चर्चित अन्य घटनाओं से प्रेरणा मिलती है कि प्रभु का आह्वान और आराधना कैसे युद्ध के मैदान को परिवर्तित कर देते हैं।
1) राजा-इतिहास में, आस्था-प्रार्थना और अनुग्रह का सम्मिश्रण परमेश्वर की सहायता को सक्षम बनाता है; 2) नबी-आदेश और लोक-उपासना की संयुक्त भूमिका भविष्य के बंधनों से उभरती है; 3) विश्वास में ध्यान और कर्म एक साथ होने से कठिन परिस्थितियाँ भी एक नई दिशा लेती हैं.
व्यावहारिक takeaway
जब परिस्थितियाँ कठिन हों, तो केवल रणनीति पर्याप्त नहीं; परमेश्वर की शक्ति को आमंत्रित करने के लिए प्रार्थना, आराधना और नेक नेतृत्व आवश्यक होते हैं। बजानेवाले की ध्वनि के द्वारा यह घटना एक याद दिलाती है कि ईश्वर के सामने समर्पण और आध्यात्मिक सामर्थ्य के साथ ही वास्तविक विजयी कदम उठते हैं।
पंक्तिघट: "अब कोई बजानेवाला मेरे पास ले आओ" — एक तीन-तरफा स्मरण: प्रभु के साथ संगत आराधना, एलिशा के मार्गदर्शन की पुष्टि, और युद्ध-स्थिति में परमेश्वर की शक्ति का अनुभव।
संकेतिक संदर्भ
यहोशू 6:20 (युद्घ हिर्दय में आस्था के साथ उत्सव-ध्वनि), 2 शमूएल 6 (आराधना और राज्य-परिक्रमण में परमेश्वर की उपस्थिति), भजन 150 (सब प्रकार के संगीत द्वारा परमेश्वर की महिमा).