Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 3:1 2 राजाओं 3:2 2 राजाओं 3:3 2 राजाओं 3:4 2 राजाओं 3:5 2 राजाओं 3:6 2 राजाओं 3:7 2 राजाओं 3:8 2 राजाओं 3:9 2 राजाओं 3:10 2 राजाओं 3:11 2 राजाओं 3:12 2 राजाओं 3:13 2 राजाओं 3:14 2 राजाओं 3:15 2 राजाओं 3:16 2 राजाओं 3:17 2 राजाओं 3:18 2 राजाओं 3:19 2 राजाओं 3:20 2 राजाओं 3:21 2 राजाओं 3:22 2 राजाओं 3:23 2 राजाओं 3:24 2 राजाओं 3:25 2 राजाओं 3:26 2 राजाओं 3:27


2 राजाओं 3:16 — संदर्भ में संक्षेप
यहोशafat, यहोशापात और यहां तक कि ये दो सिरदार मोआबियों के विरुद्ध एक संयुक्त सैनिक अभियान चला रहे थे। इस विशिष्ट अवसर पर यहोवा के मनन और आशीर्वाद की तलाश में नाली में गड्ढे खोदने की आज्ञा दी गई, ताकि पानी एक सुरक्षित मार्ग बन सके और सैनिक जंग में ऊर्जा बनाए रख सकें। यह वचन घटनाओं के अप्रत्याशित तरीके से परमेश्वर की सहायता की माँग को दर्शाता है: गड़़्ढे नालों में पानी पहुँचाते हैं, ताकि जलशीलता रहे और पराक्रम से पहले परमेश्वर की देन दिखाई दे।
मुख्य अर्थ
स्त्रियों-स्त्रोतों के बीच गठबंधन के समय, युद्ध के लिए पानी की व्यवस्था बनाना महत्त्वपूर्ण था। यह आयत एक नैतिक और आध्यात्मिक पाठ प्रस्तुत करती है: परमेश्वर जब संकेत देता है, तब भी साधारण, व्यावहारिक उपायों के साथ विश्वास प्रदर्शन होता है। पानी के गड्ढे एक प्रतीक बन जाते हैं कि भय के समय भी भरोसा और तैयारी साथ-साथ चलती है।
मुख्य विषय
ग्रहणीय पाठ
पूर्ववर्ती लेखन में हासिमों की कठिनाई और प्राकृतिक प्रतीक—पानी के स्रोत—तकलीफ के बावजूद परमेश्वर के साथ पोर-पोर सहकार्य का संकेत देते हैं। यहुदा-युद्ध के संदर्भ में यह याद दिलाता है कि आंतरिक साहस और बाहरी तैयारी एक साथ आवश्यक है।
संबंधित पाठ
1) यिर्मयाह 17:7-8 में विश्वास का पेड़, जल की तरह फलता-फूलता है, जब परमेश्वर की आश्रयता मिलती है। 2) यूहन्ना 4:14 में आत्मा और जल का प्रतीकात्मक मेल परमेश्वर के जीवन-उत्पादन को दर्शाता है। 3) मूसा के काल में भी पानी की व्यवस्था का संकेत मिलता है कि परमेश्वर से मिलने वाला पानी किस प्रकार सुरक्षा देता है।
व्यावहारिक चिंतन
जीवन के संघर्षों में, यह आयत हमें याद दिलाती है कि कठिन परिस्थितियों के बीच भी योजना बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। थोड़ा-सा व्यावहारिक क्रिया—जैसे नाले में गड्ढे खोदना—विश्वास को ठोस रूप देता है, और परमेश्वर की सहायता के लिए मार्ग खुलता है।
संक्षेप
यह नालों में गड्ढे खोदने का उपाय दिखाता है कि परमेश्वर के निर्देश पर कर्म करना, ऑर्गनाइजेशन और आशा का संतुलन बनाता है। दुख-संकट के समय भी भगवान की सहायता आ जाती है जब हम विवेक और विश्वास से कदम बढ़ाते हैं।
क्रॉस-रेफरेंस
- प्रेरणा: नाले-जल का प्रतीक जीवन-आश्वासन देता है (यशायह 58:11) — हलचल के बीच भगवान हमारा मार्गदर्शन कर देते हैं।
- Baptism/आत्मिक जल: यीशु के समानता में जल का प्रतीक जीवन-नई शुरुआत को दर्शाता है (यूहन्ना 7:38-39)।
- विश्वास और कृत्य: जेम्स 2:26 के अनुरूप, विश्वास बिना व्यवहार के मृत है; यहाँ पानी के प्रयोग से व्यवहार-संयोजन दिखता है।
नोट: इस पंक्ति के लिए मैथ्यू हेन्री, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क से यदि उपलब्ध हों तो उनके सीधे उद्धरण यहां संक्षेप में उद्धृत किए जा सकते हैं, परंतु मौलिक भाव उसी प्रकार समाहित रहते हैं।