Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 3:1 2 राजाओं 3:2 2 राजाओं 3:3 2 राजाओं 3:4 2 राजाओं 3:5 2 राजाओं 3:6 2 राजाओं 3:7 2 राजाओं 3:8 2 राजाओं 3:9 2 राजाओं 3:10 2 राजाओं 3:11 2 राजाओं 3:12 2 राजाओं 3:13 2 राजाओं 3:14 2 राजाओं 3:15 2 राजाओं 3:16 2 राजाओं 3:17 2 राजाओं 3:18 2 राजाओं 3:19 2 राजाओं 3:20 2 राजाओं 3:21 2 राजाओं 3:22 2 राजाओं 3:23 2 राजाओं 3:24 2 राजाओं 3:25 2 राजाओं 3:26 2 राजाओं 3:27



2 राजाओं 3:17 का संदर्भ और अर्थ
पद में यहोवा यह घोषणा करता है कि बर्बाटक की युद्ध-काल में जो परिस्थितियाँ आती हैं, वह मानवीय लड़ाइयों से ऊपर है। यह तीनों आठवें-शताब्दी के देशों के साथ इस्राइल-यूदा के कठिन समय की एक चेतावनी और आश्वासन है:ERTu तुम्हारे सामने न तो वायु चलेगी, और न वर्षा होगी; फिर भी यह नदी पानी से भर जाएगी और तुम अपने पशुओं सहित पीने पाओगे। यह संकेत है कि परमेश्वर वह है जो प्रकृति के नियमों पर अधिकार रखता है और अपने लोगों के लिए आवश्यकताओं को आपूर्ति कर सकता है।
मुख्य अर्थ
यहVerse एक ऐसे समय का भक्तिकाल है जब युद्ध-घेमे के कारण जलस्तर, भोजन और पानी की कमी आ सकती है। परन्तु परमेश्वर की प्रतिज्ञा और उसकी कृपा से जल-योजनाएं विचित्र ढंग से पूरी हो सकती हैं। इस्राइल के योद्धाओं के लिए यह एक दृढ़ प्रमाण है कि परमेश्वर उनकी सहायता के लिए निर्भर रहता है, भले ही प्राकृतिक स्रोत सूख जाएं।
मुख्य विषय
सहज cross-reference (संक्षिप्त समझ के साथ)
- निर्भीकता के साथ भरोसा: yeast-like faith in God in times of drought resembles यशायाह 58:11 का अनुभव—यहोवा तुम्हें हर जगह आगे बढ़ने देगा।
- प्राकृतिक नियम पर प्रभु का आधिपत्य: व्यवस्थावाचकता के संदर्भ में इब्र AVI 11:11-12 दिखाता है कि परमेश्वर कैसे असम्भव परिस्थितियों में भी देते हैं।
- ईश्वर की आपूर्ति पर निर्भरता: मत्ती 6:33 के अनुसार परमेश्वर के राज्य और उसकी righteousness के पीछे रहने से आवश्यकताएं पूरी होती हैं।
नोट: ऊपर दिए गए cross-references संक्षेप में हैं; मूलggregate पाठ में पूर्ण पद-संदर्भ नहीं दिए गए हैं, ताकि पाठ-आशीर्वाद भाग बन सके।
दृष्टि से विचार
इस अध्याय में पात्रों को एक ऐसी परीक्षा में डाला गया जहाँ प्राकृतिक स्रोतों की कमी उनके आसन्न परख पर सीधी चोट कर सकती थी। फिर भी यह संकेत देता है कि ईश्वर अपने अनुयायियों के लिए अवसरों को खुला रखते हैं—यह केवल चमत्कार का कारण नहीं, बल्कि विश्वास की कसौटी है। दो संदेश स्पष्ट हैं: पहली, परमेश्वर के आदेश के अनुसार चलना चाहिए भले परिस्थितियाँ कैसी भी हों; दूसरी, प्रभु की आपूर्ति असीम है जब हम उसकी योजना पर निर्भर रहते हैं।
व्यावहारिक अनुप्रमाण
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 राजाओं 3:17 एक प्रेरक स्मारक है कि भगवान अपने लोगों की आवश्यकताओं को जानते हैं और वे प्राकृतिक नियमों को समेटकर भी उन्हें सपोर्ट कर सकते हैं। यह संदेश आज भी है: विश्वास के साथ लगना, परमेश्वर की आपूर्ति पर निर्भर रहना, और स्थिति चाहे कितनी भी असामान्य क्यों न हो, प्रभु के उद्देश्य के अनुसार चलना चाहिए।
उद्धरण सुविधा: यदि आवश्यक हो, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की स्वीकृत सार-रेखा से संक्षिप्त विचार नीचे दे सकते हैं—परंतु विशिष्ट उद्धरण पूरी तरह उद्धृत नहीं दिए जाएंगे, ताकि मूल पाठ की गरिमा बनी रहे।