2 शमूएल 24:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“जाकर दाऊद से कह, 'यहोवा यह कहता है, कि मैं तुझको तीन विपत्तियाँ दिखाता हूँ; उनमें से एक को चुन ले, कि मैं उसे तुझ पर डालूँ।'”

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2 शमूएल 24:12 पद-दर-पद बाइबल टीका

आत्म-स्थिति और प्रस्ताव: दाऊद के समय का पाठ (2 शमूएल 24:12)

इस पद में दाऊद को परमेश्वर के द्वारा एक अद्भुत संदेश दिया गया है। यह अंकों की कसौटी नहीं, बल्कि दाऊद की आत्मा के लिए एक कड़वी परिक्षा है: परमेश्वर उससे कहता है कि वह तीन विपत्तियों में से एक चुन ले, ताकि परमेश्वर उसे उन विपत्तियों में डाल दें। दाऊद का यह अनुभव यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपनी न्याय और करुणा दोनों को एक साथ चलाने वाला sovereign प्रभु है, जो मानव को आत्म-निगरानी और पथप्रशस्ति देता है।

क्या पाठ हमें परमेश्वर या विश्वास के बारे में बताता है

यह पाठ यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर किसी भी स्वार्थी या अनावश्यक दया के बजाय पूर्ण न्याय और व्यवस्था से कार्य करते हैं। दाऊद को तीन विपत्तियाँ दिखाने की बात में यह संकेत है कि परमेश्वर समय और परिस्थिति के स्वामी हैं; वह अपने लोगों के लिए पर्याप्त और उचित मार्ग चुनवतें हैं। विश्वास की दृष्टि से, यह एक विश्वासयोग्य व्यक्ति के लिए परीक्षा है—क्या वह परमेश्वर की योजना स्वीकार करे या अपने मन की इच्छा के अनुसार विकल्प ले।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या

  • : यहाँ वह कठिनाईयां हैं जो दाऊद और इस्राएली समाज पर आ सकती थीं; परमेश्वर इन्हें न्याय या चेतावनी के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
  • : यह आकाश की इच्छा से जुड़ा चयन है, जिसमें दाऊद को अपने निर्णय की भूमिका हल्का नहीं लेने दी गई।
  • : पाठ यह दिखाता है कि परमेश्वर सत्ता में रहते हुए भी दया के अवसर देता है—एक ऐसी परीक्षा जिसमें दाऊद खुद पर और समुदाय पर प्रभाव के साथ जवाब देता है।

संबंधित पद और उनके कारण

उसी घटना के संदर्भ में नीचे के अंश सार्थक संवेदना प्रदान करते हैं:

  • 1) परमेश्वर के न्याय की चेतावनी: कहीं वह गलत दिशा में न पड़े; नैतिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है।
  • 2) आस्था और कर्तव्य: दाऊद की तैयारी कि वह परमेश्वर की योजना के अनुरूप चले।
  • 3) बलिदान की भूमिका: यदि विपत्ति का चयन किया जाता है, तो किस प्रकार उसका परिणाम समुदाय के लिए उद्धारकारी हो सकता है।

अन्य संदर्भ और उनका संक्षिप्त स्पष्टीकरण

ये cross-references पाठ की सूक्ष्मताओं को समझने में मदद करते हैं:

  • यरिएम 6:16-17 — मार्ग पर स्थिर रहने की योजना; भरोसा दिखाते हुए चयन के बारे में सावधानी।
  • यूहन्ना 6:37 — पिता की ओर से आने वाले हर विकल्प में विश्वास की संतुष्टि।
  • नहूम 1:3 — प्रभु की धीरज और न्याय की गति एक जैसे नहीं होती; परन्तु वह निर्दोष नहीं रहा।

आधुनिक जीवन में आवेदन

  1. परिस्थिति चाहे जैसी हो, पहले प्रार्थना करें और परमेश्वर से मार्गदर्शन मांगें।
  2. जो विकल्प आपके सामने हों, उन सब के परिणाम स्वीकार करने के लिए तैयार रहें, और अहंकार को पीछे रखें।
  3. विश्वास को व्यवहार में लाएं—जहाँ परमेश्वर की योजना स्पष्ट न हो, वहां भी भरोसे के साथ आगे बढ़ना सिखें।

निष्कर्ष

2 शमूएल 24:12 का संदेश हमें यह सिखाता है कि ईश्वर की योजना अद्वितीय है और उसका निर्णय न्यायपूर्ण होता है। दाऊद एक मानवीय प्रतिक्रिया के साथ यह स्वीकार करते हैं कि परमेश्वर की परीक्षा में क्या चुनें—यह केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि समुदाय के लिए एक नैतिक और आध्यात्मिक निर्णय है।


नोट: इस commentary में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों के सीधे छोटे उद्धरण केवल आवश्यक संदर्भ के लिए शामिल किए गए हैं और पूरी पाठशैली उनके संक्षिप्त विचारों तक सीमित है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 24:12 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

लैव्यव्यवस्था 26:43 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लैव्यव्यवस्था 26:43 (HINIRV) »
पर वह देश उनसे रहित होकर सूना पड़ा रहेगा, और उनके बिना सूना रहकर भी अपने विश्रामकालों को मानता रहेगा; और वे लोग अपने अधर्म के दण्ड को अंगीकार करेंगे, इसी कारण से कि उन्होंने मेरी आज्ञाओं का उल्लंघन किया था, और उनकी आत्माओं को मेरी विधियों से घृणा थी।

लैव्यव्यवस्था 26:41 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लैव्यव्यवस्था 26:41 (HINIRV) »
इसी कारण वह हमारे विरुद्ध होकर हमें शत्रुओं के देश में ले आया है। यदि उस समय उनका खतनारहित हृदय* दब जाएगा और वे उस समय अपने अधर्म के दण्ड को अंगीकार करेंगे; (प्रेरि. 7:51)

2 शमूएल 12:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 शमूएल 12:9 (HINIRV) »
तूने यहोवा की आज्ञा तुच्छ जानकर क्यों वह काम किया, जो उसकी दृष्टि में बुरा है? हित्ती ऊरिय्याह को तूने तलवार से घात किया, और उसकी पत्‍नी को अपनी कर लिया है, और ऊरिय्याह को अम्मोनियों की तलवार से मरवा डाला है।

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