Old Testament
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2 तीमुथियुस 3:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इन्हीं में से वे लोग हैं, जो घरों में दबे पाँव घुस आते हैं और उन दुर्बल स्त्रियों को वश में कर लेते हैं, जो पापों से दबी और हर प्रकार की अभिलाषाओं के वश में हैं।
2 तीमुथियुस 3:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 तीमुथियुस 3:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यहूदा 1:4 (HINIRV) »
क्योंकि कितने ऐसे मनुष्य चुपके से हम में आ मिले हैं, जिनसे इस दण्ड का वर्णन पुराने समय में पहले ही से लिखा गया था*: ये भक्तिहीन हैं, और हमारे परमेश्वर के अनुग्रह को लुचपन में बदल डालते है, और हमारे एकमात्र स्वामी और प्रभु यीशु मसीह का इन्कार करते हैं।

तीतुस 3:3 (HINIRV) »
क्योंकि हम भी पहले, निर्बुद्धि और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और विभिन्न प्रकार की अभिलाषाओं और सुख-विलास के दासत्व में थे, और बैर-भाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे।

2 पतरस 3:17 (HINIRV) »
इसलिए हे प्रियों तुम लोग पहले ही से इन बातों को जानकर चौकस रहो, ताकि अधर्मियों के भ्रम में फँसकर अपनी स्थिरता को हाथ से कहीं खो न दो।
पाठ का सरोकार: 2 तीमुथियुस 3:6
पाठ के संदर्भ में प्रेरितपद Timothy के संदर्भ में असत्य विश्वास और दिग्भ्रमित लोगों के बारे में स्पष्ट चेतावनी है। इस अध्यায় में प्रेरित पौलुस उन लोगों का सचेतन उल्लेख करते हैं जो ईसाई समुदाय के भीतर पाप और विकृत आचरण को बढ़ावा देते हैं, खासकर घर-घर में जाकर और कमजोर लोगों को फुसला कर धार्मिक-धार्मिक अधिकार अर्जित करते हैं। नीचे इस पाठ को समझना आसान बनाने के लिए एक संरचित विवेचन प्रस्तुत है।
पद का पाठ-परिचय और अध्याय-संदर्भ
यह पद 2 तीमुथियुस के पहले पत्र में आता है, जहाँ पौलुस अपने शिष्य तीमुथियुस को अंत समय की कठिनाइयों के बारे में सचेत करता है। यहाँ “घरों में दबे पाँव घुस आना” और “दुरबल स्त्रियों को वश में कर लेना” जैसी वाक्यें एक गंभीर गिरावट और ठगी की निशानी हैं—जो समुदाय के भीतर धार्मिक-आचरण के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े की ओर संकेत करती हैं।
मुख्य आध्यात्मिक संदेश
अन्य तुलना बाइबल से
यह चेतावनी समय के साथ अन्य स्थानों पर भी बलवती होती दिखाई देती है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
कई उपयोगी क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
उचित संदर्भ और उनकी बारीकी समझ के लिए:
इन क्रॉस-रेफरेंसेस का उद्देश्य पाठ के व्यापक नैतिक-धार्मिक मूल्य को स्पष्ट करना है, न कि केवल शब्दशः उद्धरण देना।
संक्षेपिणी निष्कर्ष
2 तीमुथियुस 3:6 यह दिखाता है कि कैसे विश्वास के नाम पर छल-फरेब चल सकते हैं और कैसे समुदाय को जागरूक और संयमित रहना है। प्रेरित पौलुस का उद्देश्य स्पष्ट है: सचाई के आलोक में ही धार्मिक आचरण और संरक्षण संभव है। प्रभु के अनुयायियों को आत्म-चेतना, संयुक्त-समझ और पवित्र जीवन से तौलना चाहिए ताकि कमजोर मतभेद और नकली शिक्षक मिलावट से बचें।
एतिहासिक-टीका (उद्धरण संकेत)
यदि किसी पाठक ने Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट लिखित उद्धरणों को चाहा, तो उनके सार्वजनिक domain टिप्पणियों के ये छोटे बिंदु भी उस संदर्भ की रोशनी डालते हैं:
– Henry: “…” (दिनांकित उद्धरण यदि उपलब्ध हों) • Barnes: “…” • Clarke: “…”
ध्यान दें: इन पाठकों के संरचनात्मक विचार पाठ के विषय-परक विवेक को सुदृढ़ करते हैं, परन्तु हमारी आधुनिक टीका में आधुनिक व्याख्या को प्राथमिक रखा गया है।