Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 तीमुथियुस 3:13 बाइबल पद की व्याख्या
2 तीमुथियुस 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और दुष्ट, और बहकानेवाले धोखा* देते हुए, और धोखा खाते हुए, बिगड़ते चले जाएँगे।
2 तीमुथियुस 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 तीमुथियुस 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 पतरस 2:20 (HINIRV) »
और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उनमें फँसकर हार गए, तो उनकी पिछली दशा पहली से भी बुरी हो गई है।

1 तीमुथियुस 4:1 (HINIRV) »
परन्तु आत्मा स्पष्टता से कहता है कि आनेवाले समयों में कितने लोग भरमानेवाली आत्माओं, और दुष्टात्माओं की शिक्षाओं पर मन लगाकर विश्वास से बहक जाएँगे,

तीतुस 3:3 (HINIRV) »
क्योंकि हम भी पहले, निर्बुद्धि और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और विभिन्न प्रकार की अभिलाषाओं और सुख-विलास के दासत्व में थे, और बैर-भाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे।
2 तिमुथियुस 3:13 का पठन-परिप्रेक्ष्य
यह पाठ पाइसा की चरित्री पर स्थित होकर Timothy के समक्ष खतरे की तस्वीर प्रस्तुत करता है. प्रेरित पौलुस कहते हैं कि जो बहकाने वाले और धोखा खानेवाले होंगे, वे नष्ट होते हुए आगे बढ़ेंगे. यह उद्धार की गारंटी नहीं छोड़ता, बल्कि विश्वासयोग्यों के सामने आने वाली वास्तविक चुनौती को उजागर करता है: विश्वास के मैदान में सत्य से भटकना आसान हो सकता है, परन्तु परमेश्वर के साथ खड़े रहने की आवश्यकता है.
ईश्वरीय प्रकार और विश्वास के प्रकाश में यह पाठ क्या बताता है
पौलुस पहले चेतावनी देते हैं कि अंत के समय में दुष्ट लोग अधिक चालाक और बहकाने वाले हो जाएंगे. यह बदलाव बाहरी सामाजिक परिस्थितियों से आता है—धर्म का दिखावा, पर आचरण में स्वार्थ और धोखा. ईश्वर के प्रकाश में, यह बताता है कि ईमानदार विश्वासियों के लिए प्रेरित-पौलुस की आशीर्वादित मार्गदर्शक शिक्षाएं अस्थिर नहीं पड़ेंगी; जो स्थिर रहते हैं वही जीवित रहते हैं. यह पाठ आश्वस्त करता है कि सत्य, प्रेम, धैर्य और आत्म-नियमन जैसे गुणों के साथ टिके रहना चाहिए.
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
अन्य बाइबल संदर्भ
यह चेतावनी नए सत्य के विरुद्ध सतर्क रहने के लिए एक सामान्य प्रवृत्ति को दिखाती है जो प्रेरितों के समय से जुड़ती है। साथ ही, यह याद दिलाती है कि जो अंधकार और छल से भरे हैं, वे भीिकाल में लोगों के विश्वास को कमजोर कर सकते हैं—यही कारण है कि प्रेरित-पौलुस सत्य-निर्भर शिक्षाओं पर जोर देते हैं।
कटनी-जोड़ और आज की प्रैक्टिकल सूझ-बूझ
आज भी आवश्यक है कि विश्वासियों के लिए सतर्क रहें, बुद्धिमानी से सुनें, और प्रेरित-पौलुस की शिक्षाओं पर दृढ़ रहें. समाज में बहकावे के कई रास्ते होते हैं—अफवाहें, तुष्टीकरण, और दिखावटी धर्म। किन्तु प्रवीणता और करुणा के साथ सत्य के मार्ग पर टिकना, आत्मा की सुरक्षा का उपाय है. नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए पवित्रशास्त्र के मार्गदर्शन को प्राथमिकता दें, और समुदाय के भीतर भक्तिपूर्ण आचरण को बनाए रखें.
आज हमारे लिए लागू बातें
क्रॉस-रेफरेंस के छोटे उल्लेख
यही प्रेरणा कुछ अन्य उद्धरणों में भी आती है: पासुस और प्रेरितों के शिक्षण में सच के लिए सचेत रहना, और अंतिम दिनों में धार्मिक धोखे से सतर्क रहना. (यानी पाठ में दिखाए गये विचारों के संदर्भ नहीं दे रहे पाठ के पूरे वचन।)
उद्धरण संकेत: नीचे दिए गए चार्ट में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के छोटे उद्धरण आवश्यक हो तो वही शामिल हैं; पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है।
सार-सारांश: 2 तिमुथियुस 3:13 में वास्तविक खतरा स्पष्ट है—ईमानदार विश्वास के विरोधी दुष्ट और बहकानेवाले दिखाई देते हैं; परन्तु सही शिक्षाओं पर टिके रहने से भक्त समुदाय मजबूत रहता है और सत्य के पथ पर आगे बढ़ता है. यह आज भी हमारी जागरूकता और दृढ़ आस्तिकता को प्रेरित करता है.