Old Testament
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आमोस 3:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“यदि दो मनुष्य परस्पर सहमत न हों, तो क्या वे एक संग चल सकेंगे?
आमोस 3:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 3:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 कुरिन्थियों 6:14 (HINIRV) »
अविश्वासियों के साथ असमान जूए में न जुतो*, क्योंकि धार्मिकता और अधर्म का क्या मेल जोल? या ज्योति और अंधकार की क्या संगति?

उत्पत्ति 17:1 (HINIRV) »
जब अब्राम निन्यानवे वर्ष का हो गया, तब यहोवा ने उसको दर्शन देकर कहा, “मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ; मेरी उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा।

उत्पत्ति 6:9 (HINIRV) »
नूह की वंशावली यह है। नूह* धर्मी पुरुष और अपने समय के लोगों में खरा था; और नूह परमेश्वर ही के साथ-साथ चलता रहा।
आमोस 3:3 पर विचार
पाठ: आमोस 3:3 — “यदि दो मनुष्य परस्पर सहमत न हों, तो क्या वे एक संग चल सकेंगे?” यह वाक्य आमोस के उद्घोषणात्मक संदेश में आता है, जब परमेश्वर के विरुद्ध एक समान मानक बनाने की कोशिश होती है। संदर्भ में परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के बीच एक साझा संबंध, एक ही कदम पर चलने की अपेक्षा और एकता की आवश्यकता को उजागर करते हैं। अगर विभाजन और असहमति बनी रहती है, तो योजनाओं का संतुलन और उद्देश्य भी नहीं टिक पाते।
मुख्य अर्थ
यह वचन एक व्यवहारिक principe को रखता है: समुदाय में एकरूपता और संयुक्त निर्णय का महत्व। परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप चलना तभी संभव है जब साथी सदस्य एक दूसरे के साथ स्पष्ट सहमति और प्रतिबद्धता बनाये रखें। अगर इकाइयाँ एक ही दिशा में नहीं चलतीं, तो उसका प्रभाव स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर पाएगा। यह न केवल नैतिक या सैद्धांतिक एकता की बात है, बल्कि विश्वासयोग्य कदम उठाने की सामूहिक क्षमता का प्रश्न है।
दो–तीन प्रमुख थीम
संबद्ध अनुभाग (Cross-references)
यथार्थ पाठ से जुड़ी विचारधारा के लिए तीन संदर्भ देखें:
इन संदर्भों में संकेत स्पष्ट रहते हैं: एक साथ चलना, योजना के साथ चलना और दखल के समय एकरूपता बनाए रखना।
व्यावहारिक विचार
व्यवहार में यह समझना कि किसी समूह में निर्णय लेने से पहले मतभेदों को स्पष्ट करना आवश्यक है। यदि आप टीम या समुदाय के सदस्य हैं, तो सुनिश्चित करें कि संवाद खुले, ईमानदार और सम्मानपूर्ण हो; एक दूसरे की भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट हों; और जो भी निर्णय लिया जाए, वह परमेश्वर की दिशा के अनुरूप हो।
संभावित विश्लेषण
HINIRV अनुवाद में यह वाक्य कम-से-कम एक बुलावा देता है: ताकि हम केवल व्यक्तिगत लाभ के बजाय साझा लक्ष्य की दिशा में चलें। यह एक उपदेश है कि विभाजन से बाहर निकलकर एकता की राह चुनें, ताकि परमेश्वर का काम सफलतापूर्वक आगे बढ़ सके।
संक्षिप्त समापन
आमोस 3:3 एक सरल पर गहरा प्रश्न देता है: क्या हम उसी मार्ग पर चल सकते हैं जहाँ परमेश्वर चाहें? उत्तर है—जब तक हम सचमुच एक दूसरे से सहमत, प्रतीक्षित और प्रतिबद्ध नहीं होते, तब तक सामने वाला कदम मिलकर नहीं उठ सकता। एकता के बिना किसी भी योजना की सफलता असंभव है; पर एकता के द्वारा ही परमेश्वर के उद्देश्य पूरे होते हैं।