Old Testament
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आमोस 3:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्या चिड़िया बिना फंदा लगाए फँसेगी? क्या बिना कुछ फँसे फंदा भूमि पर से उचकेगा?
आमोस 3:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
आमोस 3:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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सभोपदेशक 9:12 (HINIRV) »
क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता। जैसे मछलियाँ दुःखदाई जाल में और चिड़ियें फंदे में फँसती हैं, वैसे ही मनुष्य दुःखदाई समय में जो उन पर अचानक आ पड़ता है, फंस जाते हैं।

यिर्मयाह 31:28 (HINIRV) »
जिस प्रकार से मैं सोच-सोचकर उनको गिराता और ढाता, नष्ट करता, काट डालता और सत्यानाश ही करता था, उसी प्रकार से मैं अब सोच-सोचकर उनको रोपूँगा और बढ़ाऊँगा, यहोवा की यही वाणी है।

दानिय्येल 9:14 (HINIRV) »
इस कारण यहोवा ने सोच विचार कर हम पर विपत्ति डाली है; क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा जितने काम करता है उन सभी में धर्मी ठहरता है*; परन्तु हमने उसकी नहीं सुनी।
पूर्वक अर्थ: क्या चिड़िया बिना जाल के पकड़ में आ जाएगी?
आमोस 3:5 में कहा गया वाक्य एक प्रमेय-सूचक चेतावनी है: परमेश्वर की कार्य-योजना बिना किसी बाधा के नहीं चलती। यह स्पष्ट करता है कि हर घटना, यहाँ तक कि असामान्य दुर्घटना और सामर्थ्य का प्रदर्शन भी, परमेश्वर की अनुमति या निर्देशन के अधीन है। इस आयत के अनुसार चिड़िया अपने काम के बिना फँस नहीं सकती—यानी बिना कारण, बिना निरीक्षण या बिना चेतावनी के कुछ नहीं घटता। यह हमारे विश्वास के लिए एक सार तत्व है: घटनाओं के पीछे का नियंत्रण परमेश्वर के हाथ में है, और वह अपने उद्देश्य के अनुसार काम करता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह तेजस्वी प्रश्न Amos के बोध-प्रकाश से निकलता है, जो न्याय-न्याय और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाता है। पुरातन-दृष्टि में हर realmente घटना—चिड़िया की फंदा से पकड़ाई से लेकर लोगों के निर्णय तक—परमेश्वर के विधान-निर्णय के अनुरूप होती है। संदर्भ में Amos चौंकाने वाले दुर्व्यवहारों और सामाजिक भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़ा है और यह पुख्ता चेतावनी देता है कि प्रलोभन, रणनीतियाँ और दुर्घटनाएँ भी ईश्वरीय निर्देश के अधीन हैं।
व्याख्या के प्रमुख बिंदु
छोटे थीमेटिक बिंदु
अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप解释)
1) यशायाह 30:12-13 के संदर्भ में यह विचार कि मानवतावाद की योजनाएँ परमेश्वर के अधीन हैं और उसकी दृष्टि से परास्त होती हैं; यह पाठ हमें सावधान करता है कि अपनी योजनाओं पर निर्भर रहते हुए भी परमेश्वर की योजना सर्वोपरि है।
2) पौलुस के द्वारा रोमी 8:28 में कहा गया है कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उनके लिए सभी बातें मिलकर भलाई के लिए काम करती हैं; यह विचार इस आयत के साथ संगत है कि नियंत्रण परमेश्वर के हाथ में है और वह लाभकारी उद्देश्य के लिए सब कुछ समायोजित करता है।
3) उत्पत्ति 45:5-8 में जो दिखता है—परिस्थितियाँ भरोसे और छानबीन से नहीं, पर परमेश्वर की योजना से आगे बढ़ती हैं; यह संदर्भ Amos के साथ एक सामान्य धारा बनाते हैं कि घटनाओं के पीछे का नियंत्रण ईश्वर के हाथ में है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
जीवन में कभी-कभी हमें झटके, फंदे और आशंकाओं जैसे लगते हैं। इस आयत से सीख मिलती है कि: अपने निर्णयों में सतर्क रहें, परन्तु भय के बजाय परमेश्वर की दिशा पर निर्भर रहें। यह भी याद रखें कि संतोष और नैतिकता से रहने पर ही हम स्थिर और सुरक्षित रहते हैं, क्योंकि परमेश्वर की योजना मेंही जीवन की वास्तविक सुरक्षा है।
नोट: नीचे उल्लेखित चर्चित पंक्ति-उद्धरण यदि सीधे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से उपलब्ध हों, उन्हें उद्धृत किया गया है; अन्यथा समझाये गए विचारों का स्थानीय ज्ञान पर आधारित संकलन है:
— Matthew Henry: “...”—उद्धरण उपलब्ध नहीं होने पर संक्षेप सार रूप में प्रयुक्त नहीं किया गया।
संदर्भ-योजनाओं के साथ सार: हर घटना के पीछे ईश्वर की योजना है; हमें विश्वास, सावधानी और ईमानदार आचरण के साथ चलना चाहिए ताकि हमारी यात्रा परमेश्वर की योजना के अनुरूप बन सके.