निर्गमन 32:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब मूसा अपने परमेश्‍वर यहोवा को यह कहकर मनाने लगा, “हे यहोवा, तेरा कोप अपनी प्रजा पर क्यों भड़का है, जिसे तू बड़े सामर्थ्य और बलवन्त हाथ के द्वारा मिस्र देश से निकाल लाया है?

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निर्गमन 32:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

निर्गमन 32:11 का संदर्भ और निहितार्थ

इस पद में मूसा अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर परमेश्वर के कोप को ठहराने का अनुरोध करते हैं। इस समय इस्राइलियों ने मयाकर्ताओं के बनाये एक स्वर्गीय बुत के रूप में प्रतिमा बनाकर एक बड़ी चकित कर देने वाली प्रतिकृति प्रस्तुत कर दी थी, जिसने परमेश्वर के साथ उनके संबंधों में तनाव पैदा कर दिया था। मूसा यह देख कर ईश्वर की क्रोध भड़क उठे के कारणों को समझते हैं, पर वह प्रजा के प्रति करुणा और भरोसे के साथ दयालु निवेदन करते हैं ताकि परमेश्वर उसकी दया से उनकी स्थिति बदल दे। यह verse उस समय की धार्मिक नैतिकता और नेता की मध्यस्थता की भूमिका को उजागर करता है।

केंद्रीय अर्थ

मूसा का तात्पर्य यह है कि परमेश्वर के सामने प्रजा की गलतियों के बावजूद उनकी मदद और निर्वाण संभव है यदि परमेश्वर अपने दयालु स्वभाव के अनुरूप कर्म करें। वह परमेश्वर को याद दिलाते हैं कि वे मिस्र से निकाले गए हैं, और यदि कोप बढ़ कर प्रजा को नष्ट कर दे, तो यह उन लोगों की आज्ञा के विरुद्ध होकर परमेश्वर की महिमा के विरुद्ध भी होगा। मूसा प्रकट करते हैं कि परमेश्वर की कृपा से ही यह राष्ट्र अस्तित्व रख सकता है; इसलिए उन्हें अपने प्रायश्चित के अनुरोध से रोकना आवश्यक है।

दो–तीन प्रमुख विषय

  • परमेश्वर के दयालु स्वभाव बनाम न्याय की मांग: मूसा यह कहकर कोप को रोकने का आग्रह करते हैं कि परमेश्वर अपने नाम और महिमा के कारण अपनी प्रतिज्ञाओं पर टिके रहें।
  • नेतृत्व की मध्यस्थता: मूसा समुदाय के लिए एक mediator के रूप में कार्य करते हैं, उनके परमेश्वर से बात करते हैं और दया की दहलीज को बढ़ाते हैं।
  • आस्था और उद्धार का विमर्श: यह घटना दिखाती है कि भरोसा और प्रार्थना से परमेश्वर की योजना किसी अड़चन के बावजूद चालू रह सकती है, यदि मानव के पक्ष से संपूर्ण समर्पण हो।

संबंधित पवित्र ग्रंथ

संरेखित विचारों के लिए कुछ संबंधी आयतें हैं जिन पर विचार किया जा सकता है:

  • निर्गमन 34:6–7 — परमेश्वर के क्षमाशील स्वभाव का विवरण; कैसे वह दया से भरा रहता है।
  • यहोशू 7:11–12 — पाप के परिणाम और उद्धार के लिए समुदाय की जवाबदेही।
  • पद 2:16–17 (यूहन्ना 3:16 के संदर्भ) — परमेश्वर का प्रेम, विश्वास और उद्धार का परिचय।

इन आयतों के साथ यह विचार किया जा सकता है कि परमेश्वर अपने नाम और महिमा की रक्षा करते हुए भी अपने लोग के लिए दया के रास्ते खोलते हैं, अगर वे पश्चाताप और सच्चे निष्ठा के साथ लौटें।

व्यावहारिक चिंतन

हम भी अपने जीवन में यह देख सकते हैं कि विद्यमान गलतीयों के बीच ईश्वर की दया कैसे उपलब्ध है जब हम नम्रता से उनसे क्षमा मांगते हैं। नेता और समुदाय दोनों के लिए यह सीख है कि विवादों और निन्दाओं के बीच भी दया, क्षमा और सत्य की बात को जोड़ना चाहिए ताकि विश्वासजनों के बीच स्थिरता बनी रहे। दैनिक जीवन में prayer और intercession की भूमिका को न भूलें—हम दूसरों के लिए प्रभु के सामने मध्यस्थ हो सकते हैं और उनके मार्गदर्शन से प्रेरणा पा सकते हैं।

संक्षिप्त सार

निर्गमन 32:11 में मूसा परमेश्वर के सामने प्रार्थना करते हैं कि कोप को टाला जाए और इस्राइलियों के लिए उद्धार का रास्ता खुला रहे। यह प्रभु के दयालु स्वभाव, नेताओं की मध्यस्थता और आस्था के सामंजस्य की मिसाल है—जो आज भी विश्वासियों के लिए प्रेरणा बनती है।

ध्यान दें: Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के कुछ संक्षिप्त उद्धरण यहां आवश्यकतानुसार शामिल किए जा सकते हैं, यदि उपलब्ध हों।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 32:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

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व्यवस्थाविवरण 9:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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तब तुम्हारे उस महापाप के कारण जिसे करके तुम ने यहोवा की दृष्टि में बुराई की, और उसे रिस दिलाई थी, मैं यहोवा के सामने मुँह के बल गिर पड़ा*, और पहले के समान, अर्थात् चालीस दिन और चालीस रात तक, न तो रोटी खाई और न पानी पिया।

व्यवस्थाविवरण 9:26 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 9:26 (HINIRV) »
और मैंने यहोवा से यह प्रार्थना की, 'हे प्रभु यहोवा, अपना प्रजारूपी निज भाग, जिनको तूने अपने महान प्रताप से छुड़ा लिया है, और जिनको तूने अपने बलवन्त हाथ से मिस्र से निकाल लिया है, उन्हें नष्ट न कर।

भजन संहिता 74:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 74:1 (HINIRV) »
आसाप का मश्कील हे परमेश्‍वर, तूने हमें क्यों सदा के लिये छोड़ दिया है? तेरी कोपाग्नि का धुआँ तेरी चराई की भेड़ों के विरुद्ध क्यों उठ रहा है?

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