Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
यहेजकेल 21:1 यहेजकेल 21:2 यहेजकेल 21:3 यहेजकेल 21:4 यहेजकेल 21:5 यहेजकेल 21:6 यहेजकेल 21:7 यहेजकेल 21:8 यहेजकेल 21:9 यहेजकेल 21:10 यहेजकेल 21:11 यहेजकेल 21:12 यहेजकेल 21:13 यहेजकेल 21:14 यहेजकेल 21:15 यहेजकेल 21:16 यहेजकेल 21:17 यहेजकेल 21:18 यहेजकेल 21:19 यहेजकेल 21:20 यहेजकेल 21:21 यहेजकेल 21:22 यहेजकेल 21:23 यहेजकेल 21:24 यहेजकेल 21:25 यहेजकेल 21:26 यहेजकेल 21:27 यहेजकेल 21:28 यहेजकेल 21:29 यहेजकेल 21:30 यहेजकेल 21:31 यहेजकेल 21:32



सीधी व्याख्या
यहेजकेल 21:20 में परमेश्वर एक स्पष्ट संकेत दे रहा है कि तलवार की route एक निश्चित मार्ग से चली जाएगी—पहले अम्मोनियों के रब्बाह नगर पर, फिर यहूदा के गढ़वाले नगर यरूशलेम पर। यह नीति का संकेत है कि शत्रु हमला एक निर्धारित क्रम और रणनीति से घटेगा, ताकि राज्य की राजधानी भी सुरक्षित न रह सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
इसके समय यहोवा के आदम क्रोध और न्याय का संदेश यहूदियों पर है। निर्गमन-काल बाद बंधुत्व के उल्लंघन, बुराई और असन्तोष के कारण परमेश्वर ने निंदा के संदेश स्थापित किए। यहां यह स्पष्ट है कि आने वाला भयावह हमला ठहराव नहीं बल्कि परमेश्वर की गवाही है कि वह राजाओं और नगरों के स्वामित्व को आदेश देता है।
Interpretive observations
थीमैटिक सूची
सापेक्ष पार्याय (Cross-References)
1) यिशया 37:33-34 — राजा-युद्धों के समय परमेश्वर का निर्देश और सुरक्षा का विचार। यह दिखाता है कि एक निर्धारित मार्ग पर मोहरबंद हो कर ही युद्ध होते हैं।
2) यिर्मयाह 51:20 — परमेश्वर के हाथों में तलवार और शक्तियाँ, जो आवश्यक समय पर विश्व-राज्य-नियमन के लिए प्रयुक्त होती हैं।
3) दानियेल 2:44 — परमेश्वर की सत्ता से आश्रय पाकर सत्ता-विन्यास कैसे सहमति पाता है, और अंततः उसकी योजनाओं के अनुरूप परिणाम निकलते हैं।
प्रैक्टिकल takeaway
हम यह सीखते हैं कि कठिन चैलेंज आते हैं, पर परमेश्वर की योजनाओं के अनुरूप ही समय-सीमा तय होती है। डरने के बजाय विश्वास रखें कि वह हमारे रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए मार्ग तैयार करता है।
नोट्स
यह अध्याय यह संकेत देता है कि विपत्ति के क्रम में भी ईश्वर की योजना चलती है और उसका न्याय शीघ्र या धीरे-धीरे प्रकट होता है।