उत्पत्ति 20:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

रात को परमेश्‍वर ने स्वप्न में अबीमेलेक के पास आकर कहा, “सुन, जिस स्त्री को तूने रख लिया है, उसके कारण तू मर जाएगा, क्योंकि वह सुहागिन है।”

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उत्पत्ति 20:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 20:3 का सीधा अर्थ

रात को परमेश्वर ने अबीमेलेक के सपने में चेतावनी दी: जो स्त्री अबीमेलेक ने अपने साथ रखी है, वह उसकी पत्नी है, इसलिए उसे मरना होगा। इसका मतलब है कि परमेश्वर का सम्मान तब तक बना रहेगा जब तक उसके लोगों के संबंध और विवाह-संरक्षित नियमों का पालन होता है।

संदर्भ-संदर्भ और पृष्ठभूमि

इस अध्याय में अबीमेलेक राजा के रूप में स्थानीय लोगों पर शासन कर रहा था। Previously, Abraham और Sarah के साथ उसकी यात्रा के समय भी पति-पत्नी की झूठी स्थितियाँ बनीं थीं। परमेश्वर ने सपने में अबीमेलेक को सचेत किया ताकि वहSarah को उसकी पत्नी न समझे और अन्याय न करे। यह घटना मानव-निर्भरता और ईश्वरीय कृपा के बीच सन्तुलन दिखाती है: परमेश्वर अपने विश्वासी परिवार को सुरक्षा देता है और अन्याय होने से रोकता है।

interpretive observations

  • ईश्वरीय चेतावनी व्यक्ति की गलत चेतना या गलत निर्णय के समय आती है ताकि मृत्यु-प्रतिफल से बचाव हो सके।
  • महिला की चिह्नित पवित्रता और विवाह-संरक्षण का उल्लंघन परमेश्वर के साथ विश्वासघात के बराबर माना गया है।
  • यह घटना यह दिखाती है कि परमेश्वर अपने वायदे के अनुरूप अपने लोगों के बारे में सचेत और सक्रिय है, भले ही वे व्यक्ति गलत कदम उठाते हों।

थीमेटिक लघु सूची

  1. ईश्वर की दया बनाम मानवीय गलतियाँ
  2. विवाह-संरक्षण का धार्मिक महत्व
  3. स्वप्न और प्रकटन: ईश्वरीय निर्देश कैसे मिलता है

Related passages (संक्षेप एक-एक स्पष्ट संदर्भ और उनका तात्पर्य)

1) उत्पत्ति 12:10-20 जैसी घटनाओं में भी परमेश्वर ने आत्मीय सुरक्षा और सत्य की रक्षा के लिए मार्ग दिखाया; यहाँ भी परिवार की रक्षा में ईश्वर का हस्तगत निर्देश है।

2) उत्पत्ति 39:9 में जोय रूम में पवित्रता और पनपते समय नये अनुभव मिलते हैं—यही संदेश कि भगवान नैतिक पवित्रता को महत्व देते हैं।

3) निकायों के बीच विवाह-संरक्षण के प्रमुख सिद्धांत के लिए मत्ती 19:4-6 के साथ पुरानी वचन-सारणी का समन्वय पाठक को विवाह की पवित्रता का स्मरण कराता है।

कुल मिलाकर व्याख्या (संक्षिप्त निष्कर्ष)

यह पद ईश्वरीय निगरानी और संरक्षण की पुष्टि करता है: जब भी मानव गलत कदम उठाते हैं, परमेश्वर अपने विश्वासी परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। अबीमेलेक को सपने के माध्यम से सचेत कर उपचार किया गया ताकि उसकी नीति-न्याय में असंतुलन न रहे और परिवार के पवित्र रिश्ते की गरिमा ब intact रहे।

व्यावहारिक takeaway

  • हम अपने जीवन में छोटे-बड़े निर्णय लेते समय परमेश्वर के नैतिक मानदंडों की याद रखें।
  • परिवार और विवाह के पवित्र संबंधों की रक्षा परमेश्वर की योजना का हिस्सा है; उनके निर्देशों को मानना चाहिए।

अनुभावी टिप्पणी: Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेन पाठ्यांशों से यह संकेत मिलता है कि ईश्वर अपनी सत्ता से गलत निर्णयों पर भी प्रतिक्रिया करते हैं ताकि न्याय और पवित्रता बनी रहे. इस पाठ में उद्धृत स्पष्ट शब्द नहीं मिलते, पर इन टिप्पणीकारों के सामान्य निष्कर्षों के अनुसार ईश्वर की प्रेरणा और सुरक्षा बनी रहती है, जब मनुष्य अपने रिश्तों के प्रति ईमानदार रहते हैं।

Cross-references

- उत्पत्ति 12:10-20 में भी परिवार-सुरक्षा के लिए भगवान की चेतावनी का संकेत मिलता है।

- मत्ती 19:4-6 विवाह के पवित्र कानून का स्मरण कराता है।

नोट: नीचे दिए गए तीन चर्चित मौलिक टिप्पणीकारों के सहमत बिंदुओं की सामान्यता है: उनके उद्धरणों से प्रेरित विचारों का प्रयोग पाठ की धारणा को स्पष्ट करने के लिए किया गया है.

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 20:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उत्पत्ति 20:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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इसलिए अब उस पुरुष की पत्‍नी को उसे लौटाए; क्योंकि वह नबी है*, और तेरे लिये प्रार्थना करेगा, और तू जीता रहेगा पर यदि तू उसको न लौटा दे तो जान रख, कि तू, और तेरे जितने लोग हैं, सब निश्चय मर जाएँगे।”

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अय्यूब 33:15 (HINIRV) »
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