Old Testament
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उत्पत्ति 20:11 का अर्थ
इस पद में अब्राहम कहता है कि उसने यह सोचा था कि इस स्थान पर परमेश्वर का भय कम है, इसलिए लोगों ने उसकी पत्नी हैगर पर नहीं, बल्कि उसकी पत्नी के कारण उसे मारना चाहा—यानि वे उसे उसकी पत्नी समझकर नुकसान पहुँचाने की योजना कर सकते थे।
पार्श्वभूमि और संदर्भ
यह घटना श्रीमती सारा के बाद घटी जब अब्राहम और सारा दूसरे देश में जा रहे थे। फिरौ के नगर में राजा अबीमेलेक ने राखवाया, उसे डर था कि अगर राजा ने सारा को पहचाना, तो उसे पाप के कारण चुनौती दी जाएगी। अब्राहम ने अपनी सुरक्षा के लिए यह कहकर स्थिति स्पष्ट की कि सारा उसकी पत्नी है, न कि उसकी बहन; ताकि न मानवीय गलती से वह गलत न समझे कि वह उसका भाई है।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
संदर्भित अंश और तात्पर्य
यहाँ कुछ सहायक संकेतक उल्लेखनीय हैं—
कथात्मक अनुभव और शुद्धिकरण
हमें यह समझना चाहिए कि भली-भली योजना के बावजूद मनुष्य में डर आता है। पर परमेश्वर का वचन और दया स्थित रहती है, और वह अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करते हैं।
छोटा विचार
क्रॉस-रेफरेंसेज (संदर्भ के साथ संक्षेप)
1) उत्पत्ति 12:12–13 — अब्राहम के समय में डर का पहलू; कैसे परमेश्वर ने स्थिति को संभाला।
2) भजन 27:1 — प्रभु के भय के साथ व्यक्ति की सुरक्षा की अनुभूति।
3) याकूब 1:5 — दृढ़ विश्वास के साथ निर्देश की मांग करना।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम जहाँ भी हों, परमेश्वर के साहचर्य में रहें, भय के समय भी सत्य पर टिकें और परमेश्वर के मार्ग को मानें। वह आपकी सुरक्षा और मार्गदर्शन बनाते हैं, भले ही परिस्थितियाँ भ्रमित कर दें।
नोट: नीचे उद्धृत में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के विशिष्ट छोटे उद्धरण उपलब्ध हों तो उसे संदर्भित किया गया है:
उद्धरण: “... (उद्धरण अगर उपलब्ध होता) ...”