उत्पत्ति 20:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अब्राहम ने कहा, “मैंने यह सोचा था कि इस स्थान में परमेश्‍वर का कुछ भी भय न होगा; इसलिए ये लोग मेरी पत्‍नी के कारण मेरा घात करेंगे।

पिछला पद
« उत्पत्ति 20:10

उत्पत्ति 20:11 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 20:11 का अर्थ

इस पद में अब्राहम कहता है कि उसने यह सोचा था कि इस स्थान पर परमेश्वर का भय कम है, इसलिए लोगों ने उसकी पत्नी हैगर पर नहीं, बल्कि उसकी पत्नी के कारण उसे मारना चाहा—यानि वे उसे उसकी पत्नी समझकर नुकसान पहुँचाने की योजना कर सकते थे।

पार्श्वभूमि और संदर्भ

यह घटना श्रीमती सारा के बाद घटी जब अब्राहम और सारा दूसरे देश में जा रहे थे। फिरौ के नगर में राजा अबीमेलेक ने राखवाया, उसे डर था कि अगर राजा ने सारा को पहचाना, तो उसे पाप के कारण चुनौती दी जाएगी। अब्राहम ने अपनी सुरक्षा के लिए यह कहकर स्थिति स्पष्ट की कि सारा उसकी पत्नी है, न कि उसकी बहन; ताकि न मानवीय गलती से वह गलत न समझे कि वह उसका भाई है।

व्याख्यात्मक निष्कर्ष

  • विश्वास में परिशुद्धता आवश्यक: अब्राहम ने डर के कारण अपनी स्त्री के बारे में खुलासा किया, पर परमेश्वर की योजना भी साथ थी।
  • सार्वजनिक भय बनाम निजी सुरक्षा: परमेश्वर की सुरक्षा तब भी जारी रहती है जब इंसान अपनी सुरक्षा के लिए गलत निर्णय कर लेता है, और परमेश्वर उसी समय मार्ग दिखाते हैं।
  • कथा-नीति: समझदारी से भागना या चुप रहना कभी-भी गलत नहीं होता जब परमेश्वर की साक्षी व्यवस्था बनी रहे।

संदर्भित अंश और तात्पर्य

यहाँ कुछ सहायक संकेतक उल्लेखनीय हैं—

  • याकूब 2:23 की तरह, विश्वास और कर्म की संगति: अब्राहम के कथन और परमेश्वर के पालन में समानता खोजी जा सकती है—परमेश्वर के वचन के साथ जीवित विश्वास।
  • यहोशू 2:9-11 के स्थान पर, सत्यता और भय के मिश्रण के बारे में विचार: भूमि के डर में भी परमेश्वर के उद्देश स्पष्ट रहते हैं।

कथात्मक अनुभव और शुद्धिकरण

हमें यह समझना चाहिए कि भली-भली योजना के बावजूद मनुष्य में डर आता है। पर परमेश्वर का वचन और दया स्थित रहती है, और वह अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करते हैं।

छोटा विचार

  • अपनी सुरक्षा के लिए सत्य से चूकना कभी-कभी आवश्यक नहीं; पर परमेश्वर भरोसेमंद संरक्षक है।

क्रॉस-रेफरेंसेज (संदर्भ के साथ संक्षेप)

1) उत्पत्ति 12:12–13 — अब्राहम के समय में डर का पहलू; कैसे परमेश्वर ने स्थिति को संभाला।

2) भजन 27:1 — प्रभु के भय के साथ व्यक्ति की सुरक्षा की अनुभूति।

3) याकूब 1:5 — दृढ़ विश्वास के साथ निर्देश की मांग करना।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हम जहाँ भी हों, परमेश्वर के साहचर्य में रहें, भय के समय भी सत्य पर टिकें और परमेश्वर के मार्ग को मानें। वह आपकी सुरक्षा और मार्गदर्शन बनाते हैं, भले ही परिस्थितियाँ भ्रमित कर दें।

नोट: नीचे उद्धृत में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के विशिष्ट छोटे उद्धरण उपलब्ध हों तो उसे संदर्भित किया गया है:

उद्धरण: “... (उद्धरण अगर उपलब्ध होता) ...”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 20:11 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 26:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 26:7 (HINIRV) »
जब उस स्थान के लोगों ने उसकी पत्‍नी के विषय में पूछा, तब उसने यह सोचकर कि यदि मैं उसको अपनी पत्‍नी कहूँ, तो यहाँ के लोग रिबका के कारण जो परम सुन्दरी है* मुझको मार डालेंगे, उत्तर दिया, “वह तो मेरी बहन है।”

उत्पत्ति 12:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 12:12 (HINIRV) »
और जब मिस्री तुझे देखेंगे, तब कहेंगे, ‘यह उसकी पत्‍नी है,’ इसलिए वे मुझको तो मार डालेंगे, पर तुझको जीवित रख लेंगे।

नीतिवचन 16:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 16:6 (HINIRV) »
अधर्म का प्रायश्चित कृपा, और सच्चाई से होता है, और यहोवा के भय मानने के द्वारा मनुष्य बुराई करने से बच जाते हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें