उत्पत्ति 22:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“यहोवा की यह वाणी है, कि मैं अपनी ही यह शपथ खाता हूँ कि तूने जो यह काम किया है कि अपने पुत्र, वरन् अपने एकलौते पुत्र को भी, नहीं रख छोड़ा; (लूका 1:73,74)

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उत्पत्ति 22:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 22:16 पर टिप्पणी — संदर्भ और अर्थ

यह वचन परमेश्वर की शपथ की पुष्टि है जब अब्राहम ने ईश्वर के आदेश से अपने पुत्र इब्राहीम-प्रभु के प्रति अटूट विश्वास दिखाया। पर्वत पर पुत्र को बलि के लिए उपस्थित कराने के बाद, ईश्वर ने उसे रोक लिया और अब्राहम को आशीर्वाद के साथ यह वाणी दी: मैं अपनी ही यह शपथ खाता हूँ—तूने जो किया, उसमें तूने अपना परम विश्वास दिखाया। यह शपथ लूका के उद्धारक-प्रभु के दायित्वों से जोड़ा गया है कि ईश्वर ने अपने चुनावित लोगों के प्रति कितनी निष्ठा और प्रतिज्ञा से कार्य किया है।

मुख्य अर्थ

यह वचन दिखाता है कि परमेश्वर अपने बच्चों के प्रति विश्वसनीय और वचनबद्ध है। प्रयोग में आपूर्ति के वक्त भी वह अपने वचनों को पूरा करता है। अब्राहम के विश्वास की परीक्षा के पश्चात, परमेश्वर ने शपथ के लिए अपने नाम का प्रयोग किया ताकि यह स्पष्ट हो कि ईश्वर की योजना पूरी तरह पवित्रता और विश्वस्निष्ठा पर खड़ी है।

मुख्य विषय

  • वचन की महत्ता: ईश्वर स्वयं अपने नाम से शपथ देता है, ताकि उसकी भरोसेमंदी पर कोई संदेह न रहे।
  • आस्था की परीक्षा: अब्राहम ने इस परीक्षण में विश्वास बनाए रखा, जो ईश्वर के उद्देश्य को प्रकट करता है।
  • योजना की पुष्टि: इस शपथ के साथ ईश्वर ने भविष्य के सिद्धांत—कर्म-कथन और उद्धार की योजना—को दृढ़ किया।

संबद्ध आयतें (क्रॉस-रेफरेंस और संक्षेप)

– लूका 1:73-74 में उद्धृत शपथ का संदेश कि ईश्वर ने पिताओं की प्रतिज्ञाओं के अनुसार हमें उद्धार दिया।
– पतरस 1:20-21: शपथ और प्रेरित आत्मा के द्वारा सत्य की पुष्टि।
– हब 6:13-14: దేవत्व की शपथ के साथ अनंत विश्वास और आशा का आह्वान।

व्यावहारिक विचार

ईश्वर की शपथ पर भरोसा करते समय, हमारे लिए यह सीख है कि कठिन समय में भी वह अपने उद्देश्य को पूरा करेगा। हमारा विश्वास विश्वासयोग्य ईश्वर पर रखना चाहिए, न कि परिस्थितियों पर। बच्चों के लिए आदर्श है कि वे शांति से परमेश्वर के वचनों पर निर्भर रहें और उसकी योजना में अपनी भूमिका स्वीकारें।

पक्का-निष्कर्ष

उत्पत्ति 22:16 में परमेश्वर की शपथ-प्रतिज्ञा यह दर्शाती है कि वह अपने चुने हुए लोगों के प्रति अटूट निष्ठा रखता है। यह घटनाक्रम यह बताता है कि ईश्वर की योजना मानव विश्वास के संदर्भ में पवित्र उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ती है, और हर परीक्षा में वह अपने वचनों को पूरा करता है।

संक्षिप्त सार

अब्राहम की परीक्षा के बाद यह शपथ ईश्वर की विश्वसनीयता और उद्धार-योजना की पुष्टि करती है। यह उद्धार के स्वभाव—विश्वास, समर्पण, और ईश्वर की अकल्पनीय दयाभावना—को मजबूत करता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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