उत्पत्ति 34:30 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब याकूब ने शिमोन और लेवी से कहा, “तुमने जो इस देश के निवासी कनानियों और परिज्जियों के मन में मेरे प्रति घृणा उत्‍पन्‍न कराई है, इससे तुमने मुझे संकट में डाला है,* क्योंकि मेरे साथ तो थोड़े ही लोग हैं, इसलिए अब वे इकट्ठे होकर मुझ पर चढ़ेंगे, और मुझे मार डालेंगे, तो मैं अपने घराने समेत सत्यानाश हो जाऊँगा।”

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उत्पत्ति 34:30 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 34:30 का संदर्भित नतीजा: शिमोन–लेवी के साथ याकूब का संदेश

यह पाठGenesis 34 में घटना-क्रम का भाग है जब याकूब के परिवार के सदस्य शिमोन और लेवी ने शहर शीखों के पुरुषों पर घातक चढ़ाई करने में मदद की। वहाँ का परिवेश यह दिखाता है कि परिवार के भीतर विश्वास, सुरक्षा और साक्षर नैतिक निर्णय कैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पनपते हैं।

परीश्रामिक पाठ का करुण निष्कर्ष

याकूब ने शिमोन और लेवी से कहा कि उनके क्रिया-कलाप ने आसपास के लोगों की नज़र में उनके परिवार को संकट में डाल दिया है। वह कहता है कि क्योंकि उनके साथ कम लोग हैं, देश के निवासी एकत्र होकर उन पर आक्रमण कर डालेंगे और वह सब नष्ट हो जाएंगे। यह एक चेतावनी है कि गलत निर्णयों से बड़ा प्रभाव पड़ सकता है—परिवार की सुरक्षा के लिए तत्काल उपाय और भविष्य के विचार दोनों जरूरी हैं।

ईश्वर और विश्वास का पाठ

इस दृष्य में सीधे तौर पर परमेश्वर का नाम नहीं उठता, परन्तु यह स्पष्ट करता है कि विश्वास-जीवन कैसी चुनौतियों के सामने सचेत और नैतिक निर्णयों को माँगता है। याकूब की चिंता से यह संकेत मिलता है कि परमेश्वर के प्रति भक्ति के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा के लिए विवेकपूर्ण कदम जरूरी हैं। यह बताता है कि ईश्वर सुरक्षा भी दे सकता है, पर मनुष्य को सावधानीपूर्वक और जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए।

की कुछ प्रमुख शब्द और चित्र

  • — यह शब्द दर्शाता है कि गलत कर्मों के परिणाम दूसरों के लिए भी गम्भीर पक्षभाव बनाते हैं; परिवार और समुदाय की सुरक्षा एक साथ जुड़ी होती है।
  • — याकूब की संख्या-संकेतण यह बताती है कि सुरक्षा कितनी कमजोर है; कमी के कारण खतरे बढ़ते हैं और आश्रय-स्थलों की आवश्यकता महसूस होती है।

अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेस

यहाँ तीन यहाँ उल्लेखनीय पाठ हैं जो इस दृश्य से विचार-विमर्श को और स्पष्ट करते हैं:

  • उत्पत्ति 35:5 — परिवार के भीतर पवित्रता और सुरक्षित जीवन के लिए चेतावनियाँ। यह दिखाता है कि विश्वसनीय आशीर्वाद और सुरक्षा के लिए परमेश्वर की दिशा कितनी महत्त्वपूर्ण है।
  • उत्पत्ति 49:6 — शेष परिवार पर कृपा और नियंत्रित निर्णयों की भावना; बिना विचित्र तीव्र क्रोध के संयम का महत्व।
  • निर्गमन 14:13-14 — भय के समय में भी भगवान के ऊपर भरोसा बनाये रखना और अपने कर्मों में विवेक रखना।

आज के लिए क्यों प्रासंगिक है?

- सुरक्षा बनाये रखना: पारिवारिक सुरक्षा के लिए विवेकपूर्ण, संयमित निर्णय जरूरी हैं, विशेषकर तब जब समुदाय के मतभेद और आक्रमण की आशंका हो।

- न्याय और दुर्लभ विकल्प: कभी-कभी अविराम आक्रामकता के बजाय सत्य और न्याय की दिशा में escolhas आवश्यक होती हैं ताकि परिवार और समुदाय दोनों सुरक्षित रहें।

- परमेश्वर की दिशा में प्रवृत्ति: संकट के समय में सुरक्षा के लिए प्रार्थना के साथ विवेकपूर्ण योजना एक साथ चलती होनी चाहिए।

संक्षेप सार

उत्पत्ति 34:30 में याकूब का यह स्पष्ट संदेश है कि परिवार की सुरक्षा और समुदाय के अस्तित्व के लिए संयम, विवेक और सचेत निर्णय आवश्यक हैं। यह पाठ हमें बताता है कि विश्वास और नैतिकता संकट के समय भी मार्गदर्शक होनी चाहिए, ताकि गलत कदम भारी दुष्परिणाम न लाएं।

नोट: नीचे दिये गए उद्धरण केवल Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से यदि उपलब्ध हों, ठीक उसी स्वरूप में उद्धृत किए गए हैं:

— कोई प्रत्यक्ष पूरा उद्धरण यहाँ नहीं मिला।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 34:30 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 13:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 13:4 (HINIRV) »
और सब इस्राएलियों ने यह समाचार सुना कि शाऊल ने पलिश्तियों की चौकी को मारा है, और यह भी कि पलिश्ती इस्राएल से घृणा करने लगे हैं। तब लोग शाऊल के पीछे चलकर गिलगाल में इकट्ठे हो गए।

यहोशू 7:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहोशू 7:25 (HINIRV) »
तब यहोशू ने उससे कहा, “तूने हमें क्यों कष्ट दिया है? आज के दिन यहोवा तुझी को कष्ट देगा।” तब सब इस्राएलियों ने उस पर पथराव किया; और उनको आग में डालकर जलाया, और उनके ऊपर पत्थर डाल दिए।

निर्गमन 5:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
निर्गमन 5:21 (HINIRV) »
और उन्होंने मूसा और हारून से कहा, “यहोवा तुम पर दृष्टि करके न्याय करे, क्योंकि तुमने हमको फ़िरौन और उसके कर्मचारियों की दृष्टि में घृणित ठहराकर हमें घात करने के लिये उनके हाथ में तलवार दे दी है।”

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