Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
उत्पत्ति 1 उत्पत्ति 2 उत्पत्ति 3 उत्पत्ति 4 उत्पत्ति 5 उत्पत्ति 6 उत्पत्ति 7 उत्पत्ति 8 उत्पत्ति 9 उत्पत्ति 10 उत्पत्ति 11 उत्पत्ति 12 उत्पत्ति 13 उत्पत्ति 14 उत्पत्ति 15 उत्पत्ति 16 उत्पत्ति 17 उत्पत्ति 18 उत्पत्ति 19 उत्पत्ति 20 उत्पत्ति 21 उत्पत्ति 22 उत्पत्ति 23 उत्पत्ति 24 उत्पत्ति 25 उत्पत्ति 26 उत्पत्ति 27 उत्पत्ति 28 उत्पत्ति 29 उत्पत्ति 30 उत्पत्ति 31 उत्पत्ति 32 उत्पत्ति 33 उत्पत्ति 34 उत्पत्ति 35 उत्पत्ति 36 उत्पत्ति 37 उत्पत्ति 38 उत्पत्ति 39 उत्पत्ति 40 उत्पत्ति 41 उत्पत्ति 42 उत्पत्ति 43 उत्पत्ति 44 उत्पत्ति 45 उत्पत्ति 46 उत्पत्ति 47 उत्पत्ति 48 उत्पत्ति 49 उत्पत्ति 50Verse
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Reader-friendly overview
उत्पत्ति 36 अध्याय में इसांश के अंतर्गत यह सूची है कि शोबाल के पुत्र कौन थे और उनकी पहचान क्या थी। यहाँ आल्वान, मानहत, एबाल, शपो और ओनाम जैसे नाम संहितीय वंशावली का हिस्सा हैं, जो यह दर्शाते हैं कि इज़राइल की गौण जनजातियाँ और राजवंश कैसे जड़ लेते हैं। छोटा सा नाम-पटल भी बताता है कि परिवारों के साथ सम्बन्ध और क्षेत्रीय पहचान कितनी महत्त्वपूर्ण थी।
verse-by-verse परिचय
शोबाल के पुत्रों की सूची सरल है, पर इससे वंश की संरचना और क्षेत्रीय पहचान का संकेत मिलता है। इस तरह के विवरण पुस्तक के अंतर्गत यह दिखाने के लिए है कि परमेश्वर के चयनित लोगों की विविधताओं के बीच भी उनका व्यवस्थित वंशजों का क्रम बना रहा।
Main spiritual lesson (मुख्य आध्यात्मिक पाठ)
यह पाठ हमें यह याद दिलाता है कि परमेश्वर के लोगों की पहचान केवल जातीय या नामों में नहीं है, बल्कि हर सदस्य की भूमिका और वंश-परंपरा से जुड़ा समुदायिक जीवन महत्त्वपूर्ण है। प्रत्येक पुत्र का उल्लेख यह दर्शाता है कि परमेश्वर के वंशजिता में विविधता के बावजूद एकता और वफादारी आवश्यक हैं।
Cross-references (संयुक्त-बाइबिल संदर्भ)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि नामों और परिवारों की सूचियाँ भी परमेश्वर की योजना के भाग हैं और उनकी सुरक्षा में वंश-वृत्ति का निरंतर क्रम बना रहता है।
Verse-contextual explanation (पाठ के संदर्भ में व्याख्या)
यह सूची जैन-वंश के भीतर शोबाल के बच्चों के नामों को दर्ज करते हुए यह दिखाती है कि क्षेत्रीय पहचान और नेतृत्व के गुण किस प्रकार एक साथ उभरते हैं। हर नाम एक इतिहास का संकेत है, जो परिवार के भीतर के निर्णयों, व्यापारों और समुदाय-निर्माण की दिशा निर्धारित करते हैं।
Practical application (वास्तविक अनुप्रयोग)
समापन सार (Summary)
उत्पत्ति 36:23 में शोबाल के पुत्रों के नाम एक छोटे से पन्ने की तरह होते हुए भी यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर के वंश में विविधता के बीच संयोजन और उद्देश्य बना रहता है। यह पाठ निष्कर्ष देता है कि पहचान और विरासत केवल बाह्य नाम से नहीं मापी जाती, बल्कि हर सदस्य की निष्ठा और समुदाय के लिए टीम-भाव का प्रभावी योगदान महत्त्वपूर्ण है।
Quoted notes from classic commentators
इस पंक्ति के लिए किसी स्पष्ट उद्धरण का संकलन सीधे नहीं दिया गया है, पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के व्यापक विवेचन क्रमशः वंशावली की गहराई में यह समझाते हैं कि नामों का महत्व और समुदाय के भीतर भूमिका की परवाह कैसे होती है। किसी उपलब्ध सार्वजनन्य-domain पाठ के संक्षिप्त शब्द-जोड़ से यह अंश सामान्यीकृत रूप में प्रस्तुत किया गया है।