Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
उत्पत्ति 1 उत्पत्ति 2 उत्पत्ति 3 उत्पत्ति 4 उत्पत्ति 5 उत्पत्ति 6 उत्पत्ति 7 उत्पत्ति 8 उत्पत्ति 9 उत्पत्ति 10 उत्पत्ति 11 उत्पत्ति 12 उत्पत्ति 13 उत्पत्ति 14 उत्पत्ति 15 उत्पत्ति 16 उत्पत्ति 17 उत्पत्ति 18 उत्पत्ति 19 उत्पत्ति 20 उत्पत्ति 21 उत्पत्ति 22 उत्पत्ति 23 उत्पत्ति 24 उत्पत्ति 25 उत्पत्ति 26 उत्पत्ति 27 उत्पत्ति 28 उत्पत्ति 29 उत्पत्ति 30 उत्पत्ति 31 उत्पत्ति 32 उत्पत्ति 33 उत्पत्ति 34 उत्पत्ति 35 उत्पत्ति 36 उत्पत्ति 37 उत्पत्ति 38 उत्पत्ति 39 उत्पत्ति 40 उत्पत्ति 41 उत्पत्ति 42 उत्पत्ति 43 उत्पत्ति 44 उत्पत्ति 45 उत्पत्ति 46 उत्पत्ति 47 उत्पत्ति 48 उत्पत्ति 49 उत्पत्ति 50Verse
उत्पत्ति 36:1 उत्पत्ति 36:2 उत्पत्ति 36:3 उत्पत्ति 36:4 उत्पत्ति 36:5 उत्पत्ति 36:6 उत्पत्ति 36:7 उत्पत्ति 36:8 उत्पत्ति 36:9 उत्पत्ति 36:10 उत्पत्ति 36:11 उत्पत्ति 36:12 उत्पत्ति 36:13 उत्पत्ति 36:14 उत्पत्ति 36:15 उत्पत्ति 36:16 उत्पत्ति 36:17 उत्पत्ति 36:18 उत्पत्ति 36:19 उत्पत्ति 36:20 उत्पत्ति 36:21 उत्पत्ति 36:22 उत्पत्ति 36:23 उत्पत्ति 36:24 उत्पत्ति 36:25 उत्पत्ति 36:26 उत्पत्ति 36:27 उत्पत्ति 36:28 उत्पत्ति 36:29 उत्पत्ति 36:30 उत्पत्ति 36:31 उत्पत्ति 36:32 उत्पत्ति 36:33 उत्पत्ति 36:34 उत्पत्ति 36:35 उत्पत्ति 36:36 उत्पत्ति 36:37 उत्पत्ति 36:38 उत्पत्ति 36:39 उत्पत्ति 36:40 उत्पत्ति 36:41 उत्पत्ति 36:42 उत्पत्ति 36:43
पद का प्रत्यक्ष अर्थ
उत्पत्ति 36:35 कहता है कि हूशाम के मरने के बाद बदद के पुत्र हदद ने उसके स्थान पर राजाता संभाला; यह वही राजा है जिसने मिदियान्यों को मोआब के देश में मार डाला, और उसकी राजधानी का नाम अबीत था। संक्षेप में यह वंश और सत्ता की पुनर्स्थापना की चर्चा है, जिसमें हदद का शासनपूर्वक निवृत्ति के बाद एक नया राजा आया और आक्रामक मिसाल देता है कि युद्घ और सत्ता परिवर्तन इस परिवार की इतिहास-रेखा में सामान्य घटनाएं थीं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह भाग JNI के समय-सम्बन्धी सूचनाओं का प्रसार करता है कि ईसा के पूर्व के अरब-रेखा में आदमियों के शासन कैसे बदले। इस युग में अरब-राजाओं के कबीले-गैर, तथा ओज़ की धारा में हूशाम की मौत के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ। बदद एक प्रमुख कबीला था, और हदद उसी राजवंश का अगला नेता बना।
Interpretative observations
छोटे थीमेटिक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप)
1) उत्पत्ति 35 में हदद के पूर्वज और हूशाम के बाद सत्ता परिवर्तन का संकेत मिलता है, जो परिवार-वंश के दबाव को दिखाता है।
2) समूचे उत्पत्ति-पाठ में अरब-राजाओं की सत्ता-स्थापना और राजधानी के संकेत मिलते हैं, जो इतिहास की दिशा को समझाते हैं।
3) अन्य पवित्र ग्रंथों में भी वंश-परिवार के नेतृत्व के बारे में चर्चा मिलती है, जो एक सामान्य नीतिगत प्रवृत्ति को उजागर करती है—युद्ध और सत्ता-परिवर्तन परिवार को मजबूत या कमजोर कर सकते हैं।
व्यावहारिक takeaway
कठोर समय में भी परमेश्वर के लोगों के साथ सत्ता-परिवर्तन होते रहते हैं, पर विश्वास और धृष्टता से मुक्त रहते हुए हम परमेश्वर की योजना में स्थिर रहें। इतिहास के उतार-चढ़ाव में भी ईश्वर के उद्देश्य टिका रहते हैं।
संदर्भित मौलिक चिंतन
यह पाठ बारीकी से इस बात को संकेत करता है कि राजा-तंत्र और सत्ता-संरचना मानव-युग के भीतर बदलती रहती है, पर परमेश्वर की योजना अनवरत चलती है।
उद्धरणयोग्य टिप्पणियाँ (पसंदीदा सार्वजनिक-डायम का व्यक्ति)
यदि उपलब्ध हो, हल्का-फुल्का उद्धरण है: “वंश-परंपरा और राज्य-शासन क्रम से आगे बढ़ते हैं।”