Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 8:1 न्यायियों 8:2 न्यायियों 8:3 न्यायियों 8:4 न्यायियों 8:5 न्यायियों 8:6 न्यायियों 8:7 न्यायियों 8:8 न्यायियों 8:9 न्यायियों 8:10 न्यायियों 8:11 न्यायियों 8:12 न्यायियों 8:13 न्यायियों 8:14 न्यायियों 8:15 न्यायियों 8:16 न्यायियों 8:17 न्यायियों 8:18 न्यायियों 8:19 न्यायियों 8:20 न्यायियों 8:21 न्यायियों 8:22 न्यायियों 8:23 न्यायियों 8:24 न्यायियों 8:25 न्यायियों 8:26 न्यायियों 8:27 न्यायियों 8:28 न्यायियों 8:29 न्यायियों 8:30 न्यायियों 8:31 न्यायियों 8:32 न्यायियों 8:33 न्यायियों 8:34 न्यायियों 8:35

न्यायियों 8:15 — तत्काल दृश्य और उसका आशय
यह घटना तब घटती है जब गीदोन की सेना ने मिद्यानियों के विरुद्ध बड़ा युद्ध जीता और साधारण-से समझदार पराक्रमी पुरुषों की ठोस सफलता देखी जाने लगी। उस समय सुक्कोत के सेनानायकों के पास जाकर जेबह और सल्मुन्ना को देखना और उनके बारे में उनपर किया गया उपहास याद दिलाना, यह दर्शाता है कि प्रभु की योजना अभी भी ताकतवर है और मनुष्यों के सामने उसकी कृपा चमत्कार कर सकती है।
ईश्वर और विश्वास का पाठ
इस वाक्य में दिखाया गया है कि परमेश्वर कैसे असंभव-सा दिख रहे समर पर विजय देने के लिए मानवीय ताकत के ऊपर निर्भर रहता है। यहूदियों की पीड़ा और आशंका के बीच, परमेश्वर ने जोहान-निड़र आत्मविश्वास से काम लिया, वह एक प्रेरक संदेश देता है—यद्यपि अन्य सांसारिक शक्तियाँ थक चुकी प्रतीत होती हैं, परमेश्वर का हाथ अभी भी राजधानी-सत्ता को पलट सकता है।
शब्दार्थ और छवि-चिह्न
“जेबह और सल्मुन्ना” उस समय के सुक्कोत के पुरुषों का नाम है; वे लोग तितर-बितर, चपल परेशान और थके-मान्दे थे, परन्तु अधिकारियों द्वारा दिये गये भ्रम या भड़काऊ बातों से उनका मन निराश था। यहाँ चिढ़ाना और फिर कह देना कि “हम तुम्हारे थके-मान्दे जनों को रोटी दें”—यह दिखाता है कि सीधे सामना करने के बजाय डराने-धमकाने की कोशिश की गई थी। परन्तु मिसाल यह है कि परमेश्वर के साथ जो ढाला गया, वह भय को दूर कर देता है और विश्वास को उन्नत करता है।
अन्य प्रसंगों से संबंध
- निर्णायक विजय के समय जो रौशनी दी वह आश्वासन देती है कि दया और दया के बीच भी प्रभु परम सत्ता दिखाते हैं।
- पुराने नियम में ऐसे अनेक अनुभव मिलते हैं जहाँ कमजोर लोग परमेश्वर के साथ आगे बढ़ते हैं, और परमेश्वर उनके हाथ से बड़े-छोटे लोगों को हराते हैं।
- भय के विरुद्ध विश्वास का द्वार खोलना—जो किसी भी स्थिति में परमेश्वर की सहायता पर भरोसा रखने को कहता है।
आज के लिए अनुप्रयोग
कथन-विश्लेषण और संदर्भ
यह पाठ परमेश्वर की विश्वासयोग्यता की पुष्टि करता है—कि वह जो कहता है वह करता है। यहूदियों के बीच ऐसे क्षणों में भी जहां लगता है कि अंत नगण्य है, वह सत्ता वही रहती है जो बूढ़े और युवा सभी पर प्रभुत्व रखती है।
शीघ्र उद्धरण (पवित्र कबूलन)
यदि आप चाहें तो नीचे दिए गए तीन पंक्तियों के संक्षिप्त उद्धरण देख सकते हैं (केवल सार):
- परमेश्वर की योजना पर भरोसा रखें; वह कमजोरों को भी विजयी बना देता है।
- भय के सामने विश्वास का दीप जला रखें।
- प्रभु के काम में विजय मिलती है जब मनुष्यों की सहायता अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहती।
Cross-references (संक्षेप)
1) उद्धार के समय घबराहट के साथ रहने पर भी ईश्वर की रणनीति पर विश्वास की आयी नयी रोशनी—यह तथ्य कि कमजोरों के हाथ में भी महान विजय आ सकती है।
2) पुराने नियम में ऐसे उदाहरण जहाँ परमेश्वर की शक्ति मानव-सीमा को पार करती है—याद दिलाता है कि प्रभु की कृपा निर्बाध है।
3) विश्वास के प्रयोग के समय परिवारों और समुदायों का समर्थन—जो भय को मात देता है और साहस देता है।
निष्कर्षतः, न्यायियों 8:15 हमें सिखाता है किGod की शक्ति मानव-कल्पनाओं से परे है, और भय-वादे के बीच भी वह विजय का मार्ग बनाता है।